<
Categories: Career

एक चौंकाने वाले नौकरी के प्रस्ताव ने सोशल मीडिया पर नए विवाद को दिया जन्म, क्या बिना वेतन के करवाया जाएगा काम?

सोशल मीडिया (Social Media) पर इन दिनों एक पोस्ट को लेकर जमकर विवाद (Debate) देखने को मिल रहा है. जहां, नौकरी के विज्ञापन (Job Advertisement) में बिना वेतन (Salary) दिए उम्मीदवार (Candidate) से भारी-भरकम जिम्मेदारियों की उम्मीद की जा रही है.

Work Without Pay:  हाल ही में एक कंपनी ने लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक नौकरी का विज्ञापन निकाला, जिसमें उम्मीदवार से भारी-भरकम जिम्मेदारियों की उम्मीद की गई, लेकिन वेतन के नाम पर ‘शून्य’ (Zero Salary) का प्रस्ताव दिया गया.  इस पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर वर्क-कल्चर और श्रम कानूनों को लेकर नई बहस छेड़ गई है. 

वायरल विवाद के पीछे क्या है मुख्य वजह?

वायरल पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर लोग जमकर वर्क-कल्चर के बारे में चर्चा करने में जुटे हुए हैं. जहां, कंपनी ने तर्क दिया है कि वे पैसे नहीं दे सकते हैं लेकिन उम्मीदवार को मिलने वाला  “अनुभव और नेटवर्किंग” किसी भी वेतन से बढ़कर होनी चाहिए. तो वहीं, दूसरी तरफ इसे विशेषज्ञों ने शोषण ‘Exploitation’ करार दिया है. इतना ही नहीं विज्ञापन के अंदर न सिर्फ  9 से 6 की शिफ्ट मांगी गई थी, बल्कि उम्मीदवार से उच्च-स्तरीय कौशल (High-level skills) की भी अपेक्षा की जा रही है. 

लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा भारी असर

स्टार्टअप कल्चर अब एक गंभीर समस्या बनती जा रही है. जहां कई छोटे स्टार्टअप्स ‘इक्विटी’ या ‘फ्यूचर प्रॉफिट’ के नाम पर युवाओं से मुफ्त में तेजी से काम करावा रहे हैं, जिसको लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा देखने को मिल रहा है. इसके अलावा बिना वित्तीय सुरक्षा के काम करना युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर सबसे जयादा असर पड़ रहा है. इतना ही नहीं बिना वेतन के काम सिर्फ वहीं युवा ज्यादातर कर रहे हैं जिनके माता-पिता आर्थिक रूप से सबसे ज्यादा मजबूत है. 

बिनी किसी लाभ के युवाओं को रखते हैं काम पर

ज्यादातर स्टार्टअप्स ‘लचीलेपन’ के नाम पर युवाओं को बिना किसी फायदे जैसे बीमा, पीएफ या बोनस के काम पर रखते हैं. तो वहीं, इस मामले में तो वेतन को ही गायब कर दिया गया है जिसे आलोचकों ने “आधुनिक गुलामी” (Modern Slavery) का नाम देना शुरू कर दिया है. जब कोई कंपनी किसी काम के लिए पैसे देने से मना करती है, तो वह सीधे तौर पर उस हुनर या डिग्री का अपमान कर रही होती है जिसे हासिल करने में उम्मीदवार ने कई सालों की मेहनत की होती है. 

इतना ही नहीं, भारते को छोड़कर कई देशों में ‘इंटर्नशिप’ के नाम पर बिना वेतन काम कराना वैध है, लेकिन जब काम का स्वरूप एक ‘फुल-टाइम कर्मचारी’ जैसा हो, तो यह श्रम कानूनों के खिलाफ माना जाता है. तो वहीं, दूसरी तरफ भारत में भी न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wage) के सख्त नियम बनाए गए हैं, लेकिन कई कंपनियां इन नियमों का सख्ती से पालन नहीं कर रही है. 

Darshna Deep

Share
Published by
Darshna Deep

Recent Posts

Video: स्लोवाकिया तक पहुंचा बिहार का ठेकुआ, पीएम मोदी के खास तोहफे को देख खुश हो उठे स्लोवाक नेता

Richard Rasi: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्लोवाकिया यात्रा के दौरान स्लोवाक नेशनल काउंसिल के चेयरमैन…

Last Updated: July 14, 2026 23:59:30 IST

कोच छोड़ेंगे टीम इंडिया का साथ, IPL में ही करना चाहते हैं कोचिंग, क्यों चल रहे बीसीसीआई से नाराज

टीम इंडिया के सहायक कोच रयान टेन डोशेटे के भारतीय टीम का साथ छोड़ने की…

Last Updated: July 14, 2026 19:41:16 IST

सालों बाद साथ आए अक्षय कुमार-रवीना टंडन, अहमद खान ने खोला ‘वेलकम टू द जंगल’ का राज

Ahmed Khan: फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' में अक्षय कुमार और रवीना टंडन को एक…

Last Updated: July 14, 2026 18:48:13 IST

OTT Horror Thriller: दिन के उजाले में भी छूट जाएंगे पसीने! JioHotstar की यह सालभर पुरानी हॉरर थ्रिलर फिल्म देखने की हिम्मत है आपमें?

Isha Horror Movie: क्या चार दोस्त भूतिया हवेली का सच जान पाएंगे? जियोहॉटस्टार पर ट्रेंड…

Last Updated: July 14, 2026 17:10:05 IST

Silver Rate Today 14th July 2026: देश के शहरों में कितनी रही चांदी की कीमत, जानें यहां

Silver Rate Today 14th July 2026: चांदी खरीदने जा रहे हैं तो मंगलवार (14 जुलाई,…

Last Updated: July 14, 2026 15:37:58 IST