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Home > क्रिकेट > क्रिकेट के मैदान पर गंदे गाने क्यों गाती है ये खिलाड़ी?  हैरान करने वाली है पीछे की वजह; सुन चौंक गया हर शख्स

क्रिकेट के मैदान पर गंदे गाने क्यों गाती है ये खिलाड़ी?  हैरान करने वाली है पीछे की वजह; सुन चौंक गया हर शख्स

We Women Want Conclave & Shakti Awards 2026 Meghna Singh:क्रिकेट को लॉन्ग टर्म वायबल ऑप्शन के तौर पर लेने को लेकर मेघना सिंह ने कहा, "स्टार्टिंग में जब मैंने क्रिकेट जॉइन किया था, मैंने फर्स्ट टाइम जब स्टेडियम जॉइन किया था, तो वहां पर सिर्फ मैं अकेली थी. बाकी सब बॉयज प्रैक्टिस करते थे.

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Published: August 10, 2026 14:00:23 IST
Last Updated: August 10, 2026 14:00:23 IST

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We Women Want Conclave & Shakti Awards 2026: नई दिल्ली में आज यानी सोमवार (10 अगस्त, 2026) को ‘वी वुमन वांट कॉन्क्लेव और शक्ति अवार्ड्स 2026’ की शुरुआत हो चुकी है. यहां भारतीय महिला मेघना सिं ने अपने करियर और महिला क्रिकेट को लेकर बात की. मेघना सिंह ने कहा, “मेरी शुरुआत तो मेरे घर से हुई थी. जब हम  दो-तीन साल के होते थे, तो हमारे घर वाले टीवी पर क्रिकेट देखते थे. और वो कीड़ा मेरे अंदर 13 साल की उम्र में आया, जब मैंने स्टेडियम जॉइन किया. और उसके लिए भी मेरे फादर ने मुझे बहुत, लाइक एक तरह से, फोर्स ही किया है. कभी अपनी मर्जी से नहीं खेला मैंने क्रिकेट, स्टार्टिंग में. बट उसके बाद जब उन्होंने एक बार धक्का दे दिया ना, तो उसके बाद मुझे समझ में आ गया कि मुझे क्या करना है.”

क्रिकेट को लॉन्ग टर्म वायबल ऑप्शन को लेकर क्या बोलीं?

क्रिकेट को लॉन्ग टर्म वायबल ऑप्शन के तौर पर लेने को लेकर मेघना सिंह ने कहा, “स्टार्टिंग में जब मैंने क्रिकेट जॉइन किया था, मैंने फर्स्ट टाइम जब स्टेडियम जॉइन किया था, तो वहां पर सिर्फ मैं अकेली थी. बाकी सब बॉयज प्रैक्टिस करते थे. यहां तक कि मुझे यह भी नहीं पता था कि उस समय गर्ल्स क्रिकेट इतना ऊपर के लेवल पर है भी या नहीं. लेकिन जब मैंने जॉइन किया और एक-एक साल वहां पर स्पेंड किया, तो मुझे पता चला कि जब स्टेट लेवल के लिए आप आगे गए, वहां से मुझे धीरे-धीरे पता चला कि यहां बहुत बड़ा करियर है और आप इसमें अपना पूरा करियर बना सकते हो.”

मेल डॉमिनेटेड खेल में सबसे बड़ी चुनौती क्या रही?

मेल डॉमिनेटेड खेल में सबसे बड़ी चुनौतियों को लेकर मेघना ने कहा, “मेल डॉमिनेटेड क्रिकेट, ऑब्वियसली, शुरू से हम वही देखते हैं. लेकिन जब से, जैसे स्नेहा ने बोला कि 2017 के वर्ल्ड कप के बाद काफी ज्यादा बूस्ट आया है. लोगों ने देखना शुरू किया है, पहचानना शुरू किया है और जिस तरह का क्रेज है… ऑब्वियसली क्रिकेट का क्रेज हमेशा से है.” “लेकिन ये चीज बहुत अच्छी लगती है कि जब धीरे-धीरे मेन्स के जितने आपके व्यूअर्स हैं, उतने ही विमेंस के लिए भी टीवी पर दिख रहे हैं, तो वो बहुत अच्छा फील देता है. और मुझे लगता है कि काफी अच्छी मेहनत हुई है BCCI के थ्रू, जय शाह सर के थ्रू और ऑब्वियसली हमारे सीनियर प्लेयर्स के थ्रू.”

खेल के दौरान परिवार के सपोर्ट को लेकर क्या बोलीं?

परिवार के सपोर्ट को लेकर मेघना सिंह ने कहा, “ऑनेस्टली बताऊं तो यहां उल्टा है. मेरी फैमिली ने मुझे उल्टा सपोर्ट किया है. और जहां से मैं बिलॉन्ग करती हूं, वहां पर तो क्रिकेट, लाइक ऑब्वियसली, जैसे स्नेहा ने भी बोला कि सिर्फ लड़कों का गेम माना जाता था. लेकिन मुझसे ज्यादा मेरी फैमिली इस चीज को फॉलो करती थी कि नहीं, क्रिकेट खेलना है और तू खेल सकती है.”

“क्योंकि मैंने गली क्रिकेट से ही ऑब्वियसली स्टार्ट किया था, बॉयज के साथ. तो वहां पर भी बॉयज को थोड़ी दिक्कत होने लगी थी बॉलिंग-वॉलिंग करने में. तो फैमिली का सपोर्ट उस जगह से मुझे मिलना, वो मेरे लिए बहुत अच्छी बात है. क्योंकि जो एरिया है, वहां पर अकेले लड़ना, पूरी सोसाइटी में अकेले लड़ना बहुत टफ हो जाता है. लेकिन उस चीज का प्रेशर, उस चीज का असर कभी मुझ पर पड़ने नहीं दिया उन्होंने. तो आई एम वेरी लकी कि मुझे फैमिली सपोर्ट की तरफ से कोई प्रॉब्लम नहीं हुई.”

गंदे गाने गाती हूं-मेघना सिंह

मेंटल प्रिपरेशन और खेल के दौरान प्रेशर को लेकर मेघना ने कहा, “मैं गाने गाती हूं फील्ड पर.” जब उनसे गाने के लिए कहा गया तो उन्होंने बताया कि वह मन ही मन में गाती हैं. जब उनसे पूछा गया कि किस तरह के गाने गाती हैं, तो उन्होंने कहा, “कोई भी गंदे से गाने.”

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Last Updated: August 10, 2026 14:00:23 IST

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We Women Want Conclave & Shakti Awards 2026: नई दिल्ली में आज यानी सोमवार (10 अगस्त, 2026) को ‘वी वुमन वांट कॉन्क्लेव और शक्ति अवार्ड्स 2026’ की शुरुआत हो चुकी है. यहां भारतीय महिला मेघना सिं ने अपने करियर और महिला क्रिकेट को लेकर बात की. मेघना सिंह ने कहा, “मेरी शुरुआत तो मेरे घर से हुई थी. जब हम  दो-तीन साल के होते थे, तो हमारे घर वाले टीवी पर क्रिकेट देखते थे. और वो कीड़ा मेरे अंदर 13 साल की उम्र में आया, जब मैंने स्टेडियम जॉइन किया. और उसके लिए भी मेरे फादर ने मुझे बहुत, लाइक एक तरह से, फोर्स ही किया है. कभी अपनी मर्जी से नहीं खेला मैंने क्रिकेट, स्टार्टिंग में. बट उसके बाद जब उन्होंने एक बार धक्का दे दिया ना, तो उसके बाद मुझे समझ में आ गया कि मुझे क्या करना है.”

क्रिकेट को लॉन्ग टर्म वायबल ऑप्शन को लेकर क्या बोलीं?

क्रिकेट को लॉन्ग टर्म वायबल ऑप्शन के तौर पर लेने को लेकर मेघना सिंह ने कहा, “स्टार्टिंग में जब मैंने क्रिकेट जॉइन किया था, मैंने फर्स्ट टाइम जब स्टेडियम जॉइन किया था, तो वहां पर सिर्फ मैं अकेली थी. बाकी सब बॉयज प्रैक्टिस करते थे. यहां तक कि मुझे यह भी नहीं पता था कि उस समय गर्ल्स क्रिकेट इतना ऊपर के लेवल पर है भी या नहीं. लेकिन जब मैंने जॉइन किया और एक-एक साल वहां पर स्पेंड किया, तो मुझे पता चला कि जब स्टेट लेवल के लिए आप आगे गए, वहां से मुझे धीरे-धीरे पता चला कि यहां बहुत बड़ा करियर है और आप इसमें अपना पूरा करियर बना सकते हो.”

मेल डॉमिनेटेड खेल में सबसे बड़ी चुनौती क्या रही?

मेल डॉमिनेटेड खेल में सबसे बड़ी चुनौतियों को लेकर मेघना ने कहा, “मेल डॉमिनेटेड क्रिकेट, ऑब्वियसली, शुरू से हम वही देखते हैं. लेकिन जब से, जैसे स्नेहा ने बोला कि 2017 के वर्ल्ड कप के बाद काफी ज्यादा बूस्ट आया है. लोगों ने देखना शुरू किया है, पहचानना शुरू किया है और जिस तरह का क्रेज है… ऑब्वियसली क्रिकेट का क्रेज हमेशा से है.” “लेकिन ये चीज बहुत अच्छी लगती है कि जब धीरे-धीरे मेन्स के जितने आपके व्यूअर्स हैं, उतने ही विमेंस के लिए भी टीवी पर दिख रहे हैं, तो वो बहुत अच्छा फील देता है. और मुझे लगता है कि काफी अच्छी मेहनत हुई है BCCI के थ्रू, जय शाह सर के थ्रू और ऑब्वियसली हमारे सीनियर प्लेयर्स के थ्रू.”

खेल के दौरान परिवार के सपोर्ट को लेकर क्या बोलीं?

परिवार के सपोर्ट को लेकर मेघना सिंह ने कहा, “ऑनेस्टली बताऊं तो यहां उल्टा है. मेरी फैमिली ने मुझे उल्टा सपोर्ट किया है. और जहां से मैं बिलॉन्ग करती हूं, वहां पर तो क्रिकेट, लाइक ऑब्वियसली, जैसे स्नेहा ने भी बोला कि सिर्फ लड़कों का गेम माना जाता था. लेकिन मुझसे ज्यादा मेरी फैमिली इस चीज को फॉलो करती थी कि नहीं, क्रिकेट खेलना है और तू खेल सकती है.”

“क्योंकि मैंने गली क्रिकेट से ही ऑब्वियसली स्टार्ट किया था, बॉयज के साथ. तो वहां पर भी बॉयज को थोड़ी दिक्कत होने लगी थी बॉलिंग-वॉलिंग करने में. तो फैमिली का सपोर्ट उस जगह से मुझे मिलना, वो मेरे लिए बहुत अच्छी बात है. क्योंकि जो एरिया है, वहां पर अकेले लड़ना, पूरी सोसाइटी में अकेले लड़ना बहुत टफ हो जाता है. लेकिन उस चीज का प्रेशर, उस चीज का असर कभी मुझ पर पड़ने नहीं दिया उन्होंने. तो आई एम वेरी लकी कि मुझे फैमिली सपोर्ट की तरफ से कोई प्रॉब्लम नहीं हुई.”

गंदे गाने गाती हूं-मेघना सिंह

मेंटल प्रिपरेशन और खेल के दौरान प्रेशर को लेकर मेघना ने कहा, “मैं गाने गाती हूं फील्ड पर.” जब उनसे गाने के लिए कहा गया तो उन्होंने बताया कि वह मन ही मन में गाती हैं. जब उनसे पूछा गया कि किस तरह के गाने गाती हैं, तो उन्होंने कहा, “कोई भी गंदे से गाने.”

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