Ahmedabad cyber fraud: अहमदाबाद के पालड़ी इलाके में पीजी में रहने वाले 24 वर्षीय युवक के साथ कथित साइबर ठगी का मामला सामने आया है. मध्य प्रदेश के रहने वाले अथर्व पारोलकर ने साइबर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत के मुताबिक, इंस्टाग्राम पर दिखे एक स्पॉन्सर्ड विज्ञापन के जरिए वह कथित ठगों के संपर्क में आए और बातचीत व मुलाकात कराने के नाम पर उनसे करीब 9.50 लाख रुपये अलग-अलग मदों में ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए गए.
इंस्टाग्राम विज्ञापन में स्थानीय युवती से मुलाकात का दावा
अथर्व के मुताबिक, 25 जुलाई की रात वह इंस्टाग्राम देख रहे थे. इसी दौरान उनकी टाइमलाइन पर एक स्पॉन्सर्ड विज्ञापन आया. विज्ञापन में अहमदाबाद के आसपास रहने वाली युवती से भावनात्मक बातचीत और मुलाकात कराने का दावा किया गया था. विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करने के बाद उनकी बात कथित तौर पर हुकुम सिंग नाम के व्यक्ति से हुई. उसने युवक को भरोसा दिलाया कि अहमदाबाद में मुलाकात के लिए युवती उपलब्ध कराई जाएगी और ग्राहक की पसंद की जगह पर मुलाकात की व्यवस्था की जा सकती है.
500 रुपये से शुरू हुआ भुगतान का सिलसिला
शिकायत के अनुसार, कथित आरोपी ने शुरुआत में रजिस्ट्रेशन के नाम पर 500 रुपये मांगे. अथर्व ने ऑनलाइन भुगतान किया और उसका स्क्रीनशॉट भी भेज दिया. इसके बाद उसे छह युवतियों की तस्वीरें भेजी गईं. इनमें से उसने काजल नाम की युवती को पसंद किया और उससे मिलने की इच्छा जताई. इसके बाद युवक को अहमदाबाद के एक होटल में पहुंचने के लिए कहा गया. उसे एक मोबाइल नंबर भी दिया गया, जिस पर होटल पहुंचने के बाद संपर्क करने को कहा गया.
होटल पहुंचने के बाद अलग-अलग चार्ज के नाम पर मांगे पैसे
अथर्व के मुताबिक, होटल पहुंचने के बाद मुलाकात और होटल से जुड़े खर्च के नाम पर उससे दोबारा पैसे मांगे गए. बातचीत के दौरान होटल किराया, मुलाकात शुल्क, वेरिफिकेशन चार्ज और मेडिकल चार्ज जैसी अलग-अलग मदें बताकर उससे करीब 14 हजार रुपये ऑनलाइन जमा कराए गए. रात काफी हो जाने के बाद युवक ने सर्विस लेने से इनकार कर दिया और इसे रद्द करने की बात कही. उसे भरोसा दिलाया गया कि उसके पैसे अगले दिन वापस कर दिए जाएंगे.
रिफंड के नाम पर बढ़ता गया ठगी का खेल
शिकायत के मुताबिक, अगले दिन पैसे लौटाने के बजाय युवक से और रकम मांगी जाने लगी. कभी कैंसलेशन, कभी सर्विस रिन्यूअल तो कभी रिफंड और बैंकिंग प्रक्रिया के नाम पर अलग-अलग शुल्क बताए गए. इसके अलावा जीएसटी और आईटीआर से जुड़े शुल्क का हवाला देकर भी रकम जमा कराई गई. इस तरह अलग-अलग बैंक खातों में कई बार पैसे ट्रांसफर करवाए गए और कुल रकम 9 लाख 50 हजार 92 रुपये तक पहुंच गई. आरोपी ने युवक को भरोसा दिलाया कि उसकी जमा की गई पूरी रकम 3 अगस्त तक वापस कर दी जाएगी. अथर्व तय तारीख तक रिफंड का इंतजार करते रहे, लेकिन पैसा वापस नहीं आया. इसके बाद उन्हें कथित साइबर ठगी का एहसास हुआ. मामले का पता चलने के बाद अथर्व ने अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने पुलिस को कथित आरोपियों के मोबाइल नंबर और ऑनलाइन भुगतान से जुड़े बैंक खातों की जानकारी भी उपलब्ध कराई है.