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Meerut: एक परिवार के लिए ई-रिक्शा चालक बना भगवान! कार में जल रहे थे चाचा-भतीजा; फिर इस तरह बचाई जान; हर तरफ हो रही चर्चा

Meerut Car Fire:पुलिस ने दोनों जले हुए चाचा-भतीजों को सिवाया टोल प्लाजा के अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों ने फर्स्ट एड देने के बाद उनकी हालत देखी और उन्हें मोदीपुरम के SDS अस्पताल रेफर कर दिया.

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Last Updated: October 3, 2026 11:54:14 IST

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Daurala Car Fire: शुक्रवार को दौराला के लावड़ रोड पर अजहौता मोड़ के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चलती सियाज कार में अचानक आग लग गई. कार में दिल्ली के भजनपुरा निवासी चाचा-भतीजा सवार थे, जो झुलस गए. वे अंदावली गांव में रिश्तेदारों से मिलने जा रहे थे.जानकारी के मुताबिक, भजनपुरा निवासी सुरेंद्र अपने भतीजे सार्थक के साथ सियाज कार से इंचौली थाना क्षेत्र के अंदावली गांव जा रहे थे. लावड़ रोड पर काली नदी पार करने के बाद अजहौता मोड़ के पास कार में अचानक आग लग गई. आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया.कार में आग लगी देख सुरेंद्र और सार्थक ने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन उनके हाथ और कमर जल गए. कार से उठती लपटों से राहगीरों और वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई. कई वाहन चालक मौके पर ही रुक गए, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई.

सूचना मिलने पर दौराला पुलिस मौके पर पहुंची और दमकल विभाग को सूचना दी. कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. इसके बाद पुलिस ने खराब कार को सड़क से हटाकर ट्रैफिक बहाल किया.

चाचा-भतीजा अस्पताल में भर्ती

पुलिस ने दोनों जले हुए चाचा-भतीजों को सिवाया टोल प्लाजा के अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों ने फर्स्ट एड देने के बाद उनकी हालत देखी और उन्हें मोदीपुरम के SDS अस्पताल रेफर कर दिया.

CO दौराला शिव ठाकुर ने बताया कि कार में आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. हादसे के समय कार में सिर्फ सुरेंद्र और सार्थक ही सवार थे. पुलिस ने उनके परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है.सार्थक ने बताया कि आग लगने के बाद वह और उसके चाचा सुरेंद्र कार से बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन दोनों बुरी तरह जल गए.

ई-रिक्शा वाले ने बचाई जान

हालत बिगड़ने पर वे दोनों सड़क किनारे बेहोश हो गए. बेहोश होने से कुछ देर पहले उन्होंने एक ई-रिक्शा वाले को मौके पर रुकते देखा. ड्राइवर ने उनके जले हुए शरीर को देखा और उन्हें अपने ई-रिक्शा में अस्पताल ले गया.

इसके बाद दोनों में से किसी को कुछ याद नहीं रहा. जब वे होश में आए तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. होश आने पर उन्होंने आस-पास के लोगों से ई-रिक्शा ड्राइवर के बारे में पूछने की कोशिश की, लेकिन उसका नाम या पता नहीं मिल सका.

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Daurala Car Fire: शुक्रवार को दौराला के लावड़ रोड पर अजहौता मोड़ के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चलती सियाज कार में अचानक आग लग गई. कार में दिल्ली के भजनपुरा निवासी चाचा-भतीजा सवार थे, जो झुलस गए. वे अंदावली गांव में रिश्तेदारों से मिलने जा रहे थे.जानकारी के मुताबिक, भजनपुरा निवासी सुरेंद्र अपने भतीजे सार्थक के साथ सियाज कार से इंचौली थाना क्षेत्र के अंदावली गांव जा रहे थे. लावड़ रोड पर काली नदी पार करने के बाद अजहौता मोड़ के पास कार में अचानक आग लग गई. आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया.कार में आग लगी देख सुरेंद्र और सार्थक ने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन उनके हाथ और कमर जल गए. कार से उठती लपटों से राहगीरों और वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई. कई वाहन चालक मौके पर ही रुक गए, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई.

सूचना मिलने पर दौराला पुलिस मौके पर पहुंची और दमकल विभाग को सूचना दी. कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. इसके बाद पुलिस ने खराब कार को सड़क से हटाकर ट्रैफिक बहाल किया.

चाचा-भतीजा अस्पताल में भर्ती

पुलिस ने दोनों जले हुए चाचा-भतीजों को सिवाया टोल प्लाजा के अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों ने फर्स्ट एड देने के बाद उनकी हालत देखी और उन्हें मोदीपुरम के SDS अस्पताल रेफर कर दिया.

CO दौराला शिव ठाकुर ने बताया कि कार में आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. हादसे के समय कार में सिर्फ सुरेंद्र और सार्थक ही सवार थे. पुलिस ने उनके परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है.सार्थक ने बताया कि आग लगने के बाद वह और उसके चाचा सुरेंद्र कार से बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन दोनों बुरी तरह जल गए.

ई-रिक्शा वाले ने बचाई जान

हालत बिगड़ने पर वे दोनों सड़क किनारे बेहोश हो गए. बेहोश होने से कुछ देर पहले उन्होंने एक ई-रिक्शा वाले को मौके पर रुकते देखा. ड्राइवर ने उनके जले हुए शरीर को देखा और उन्हें अपने ई-रिक्शा में अस्पताल ले गया.

इसके बाद दोनों में से किसी को कुछ याद नहीं रहा. जब वे होश में आए तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. होश आने पर उन्होंने आस-पास के लोगों से ई-रिक्शा ड्राइवर के बारे में पूछने की कोशिश की, लेकिन उसका नाम या पता नहीं मिल सका.

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