Jhansi eunuch dispute: उत्तर प्रदेश के झांसी में किन्नर समाज के दो गुटों के बीच चल रहा विवाद 24 अक्टूबर की शाम सड़क पर हंगामे में बदल गया. नवाबाद थाना क्षेत्र में पुलिस लाइन के गेट के सामने पांच लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान यातायात बाधित किया गया, राहगीरों के साथ अभद्रता और मारपीट की गई. कुछ लोग गाड़ियों के बोनट पर भी चढ़ गए. पुलिसकर्मियों ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई. करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थिति संभाली और पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस लाइन के सामने रास्ता रोककर किया प्रदर्शन
पुलिस के मुताबिक, हंगामा करने वालों में प्रेमनगर थाना क्षेत्र में रहने वाली अंशिका उर्फ अभिषेक किन्नर, पूजा किन्नर, नयनपारा किन्नर, रश्यिन किन्नर और अंशिका की मां ममता शामिल हैं. आरोप है कि पांचों ने पुलिस लाइन के गेट के सामने यातायात बैरियर लगाकर रास्ता रोक दिया. इसके बाद सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया और वहां से गुजरने वाले लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया. विरोध करने पर मामला हाथापाई तक पहुंच गया. प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग राहगीरों की गाड़ियों के बोनट पर चढ़ गए, जिससे सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ. घटना के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
मांग पूरी नहीं होने पर शुरू किया हंगामा
बब्ली मौसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांगपुलिस के अनुसार, अंशिका का अपने विरोधी गुट की प्रमुख बब्ली मौसी के साथ विवाद चल रहा है. प्रदर्शनकारी बब्ली मौसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बना रहे थे. पुलिस का कहना है कि मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया. अधिकारियों के मुताबिक, दोनों पक्षों को पहले भी कई बार समझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ. पुलिस के अनुसार, अंशिका पहले बब्ली मौसी के साथ काम करती थी. करीब दो साल पहले क्षेत्र में लोगों से बिना बताए अधिक बधाई मांगने की शिकायतें सामने आई थीं. इसके बाद बब्ली मौसी ने अंशिका को अपने गुट से अलग कर दिया. बाद में अंशिका ने अपना अलग समूह बना लिया. तभी से दोनों पक्षों के बीच विवाद और तनाव बना हुआ है.
22 अक्टूबर को भी थाने में हुआ था हंगामा
पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद को लेकर 22 अक्टूबर को भी थाने में एक घटना हुई थी. आरोप है कि एक किन्नर ने फिनायल पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी. उस समय पुलिस ने उसे रोककर समझाया था. पुलिस का कहना है कि उस घटना में भी बब्ली मौसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाया जा रहा था. इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच विवाद नहीं सुलझा. 24 अक्टूबर की शाम पांच लोग पुलिस लाइन के सामने पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया. इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई.
पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की, पांचों आरोपी गिरफ्तार
एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि चार किन्नरों और उनके एक सहयोगी ने यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया था. उन्होंने राहगीरों के साथ अभद्र व्यवहार किया और नग्न अवस्था में प्रदर्शन किया. पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने और समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने. इस दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट भी की गई. पुलिस ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति पर नियंत्रण किया और अंशिका उर्फ अभिषेक, पूजा, नयनपारा, रश्यिन और ममता को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है. मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.