India News (इंडिया न्यूज),Delhi CAG Report:दिल्ली सरकार की विवादित शराब नीति पर CAG (कैग) रिपोर्ट के खुलासे के बाद विधानसभा में जोरदार बहस छिड़ गई। रिपोर्ट में शराब नीति में गंभीर अनियमितताओं और घोटाले की बात कही गई, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। इस बड़े खुलासे के बाद विपक्ष ने AAP सरकार पर निशाना साधते हुए घोटाले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की सजा की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ने ऐलान किया कि पूरे मामले की जांच लोक लेखा समिति (PAC) को सौंपी गई है, जो तीन महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।
PAC करेगी घोटाले की जांच
स्पीकर ने स्पष्ट किया कि इस घोटाले की पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है, इसलिए इसे विधानसभा की लोक लेखा समिति (PAC) को सौंपा गया है। इसके अलावा, आबकारी विभाग को भी निर्देश दिया गया है कि वह एक महीने में प्रारंभिक रिपोर्ट (Initial Action Taken Report) पेश करे।
PAC क्या करती है और इसकी भूमिका क्यों अहम?
लोक लेखा समिति (PAC) विधानसभा की एक महत्वपूर्ण समिति होती है, जिसका काम सरकारी वित्तीय मामलों की गहराई से जांच करना होता है। PAC यह देखती है कि सरकारी पैसे का कहीं दुरुपयोग तो नहीं हुआ और इसमें कोई भ्रष्टाचार तो नहीं हुआ।
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इस मामले में PAC अब जांच करेगी कि:
क्या शराब नीति में घोटाला हुआ?
इससे सरकारी खजाने को कितना नुकसान हुआ?
कौन-कौन लोग इसमें शामिल थे?
क्या है दिल्ली का शराब नीति घोटाला?
दिल्ली सरकार ने 2021 में नई शराब नीति लागू की थी, जिसमें सरकार का दावा था कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और राजस्व में इजाफा होगा। लेकिन बाद में इस नीति को रद्द करना पड़ा और भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे। CAG रिपोर्ट के मुताबिक, इस नीति की वजह से सरकार को हजारों करोड़ का नुकसान हुआ। आरोप है कि इस नीति को कुछ चुनिंदा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए तैयार किया गया था। इस मामले में CBI और ED ने भी जांच शुरू की थी, जिसके चलते AAP नेता मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी भी हुई थी। अब सवाल यह है कि PAC की जांच में क्या सामने आता है और क्या इस घोटाले में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी? PAC की रिपोर्ट आने के बाद ही अगला कदम तय किया जाएगा!