Holika Pujan Samigiri List: होलिका दहन के दिन सुबह के समय घर की महिलाएं होलिका पूजन करती हैं और इस दौरान कई धार्मिक परंपराएं निभाई जाती हैं. वहीं, शाम के समय होलिका दहन किया जाता है. अक्सर लोगों में कंफ्यूजन होता है कि होलिका पूजन होलिका पूजन के लिए सामग्री क्या-क्या होती है? अगर आप भी यही सोचते हैं तो यहां पढ़ें होलिका पूजन के लिए सामग्री लिस्ट.
जानिए, होलिका पूजन के लिए क्या-क्या सामग्री चाहिए. (Canva)
Holika Pujan Samigiri List: ज्योतिषीय गणनाओं और पंचांग के अनुसार, इस साल होलिका दहन 2 मार्च दिन सोमवार को किया जाएगा. क्योंकि, इस दिन प्रदोषकाल-व्यापिनी फाल्गुन पूर्णिमा है. 3 मार्च को चंद्रग्रहण रहेगा और इसके अगले दिन यानी 4 मार्च को रंगों वाली होली (धुलेंडी) खेली जाएगी. हालांकि, कुछ जगहों पर 3 मार्च को भी होलिका दहन किया जाएगा. होलिका दहन के दिन सुबह के समय घर की महिलाएं होलिका पूजन करती हैं और इस दौरान कई धार्मिक परंपराएं निभाई जाती हैं. वहीं, शाम के समय होलिका दहन किया जाता है. अक्सर लोगों में कंफ्यूजन होता है कि होलिका पूजन होलिका पूजन के लिए सामग्री क्या-क्या होती है? होलिका पूजन का महत्व क्या है? अगर आप भी यही सोचते हैं तो यहां पढ़ें होलिका पूजन के लिए सामग्री लिस्ट.
ज्योतिष गणना के अनुसार, इस बारे पूर्णिमा तिथि 2 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट पर शुरू हो रही है. वहीं, इस तिथि की समाप्ति 3 मार्च को शाम 5 बजकर 7 मिनट पर होगी. वहीं, 2 मार्च को भद्रा मुख मध्य रात्रि को 2 बजकर 38 मिनट से सुबह 4 बजकर 34 मिनट तक रहने वाला है. बता दें कि, होलिका दहन हमेशा पूर्णिमा तिथि को ही किया जाता है. लेकिन, 3 मार्च को पूर्णिमा तिथि शाम 5 बजकर 7 मिनट तक ही है. लिहाजा होलिका दहन 3 मार्च को संभव नहीं सकता है
होलिका दहन को बुराई, अहंकार और अधर्म के अंत का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर होलिका दहन किया जाता है. यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. देशभर में शुभ मुहूर्त में लकड़ियों का ढेर सजाकर पूजा-अर्चना की जाएगी और अग्नि प्रज्वलित की जाएगी. लोग नई फसल की बालियां भी अग्नि में अर्पित कर समृद्धि की कामना करेंगे.
होलिका पूजन की कथा हिरण्यकश्यप, उसके पुत्र प्रह्लाद और बहन होलिका से जुड़ी है. कथा के अनुसार, प्रह्लाद की भक्ति से क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने होलिका की सहायता से उसे अग्नि में जलाने का प्रयास किया. लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे और होलिका भस्म हो गई. इसी घटना की स्मृति में होलिका दहन किया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है.
गर्मियों के मौसम में आम लोगों को बहुत पसंद आते हैं. इसके लिए वे बाजारों…
दोनों ही स्कूटर काफी पुराने और किफायती माने जाते हैं. कम मेनटेनेंस में आप एक…
अगर आप फॉर्च्यूनर और Mercedes-Benz CLA को लेकर कंफ्यूज हैं तो ऐसे में इस लेख…
शेन वॉटसन ने वरुण चक्रवर्ती की तारीफ करते हुए कहा कि वह पैर में चोट…
रिकी पोंटिंग ने कहा है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा को 2027 वर्ल्ड कप…
दिल्ली पुलिस ने देश भर में साइबर क्राइम करने वाले गिरोह का बंडाफोड़ किया है.…