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Home > धर्म > Karwa Chauth 2026: बादलों की वजह से नहीं दिखा चांद तो कैसे खोलें व्रत? जानें 5 आसान उपाय और चंद्रोदय का समय

Karwa Chauth 2026: बादलों की वजह से नहीं दिखा चांद तो कैसे खोलें व्रत? जानें 5 आसान उपाय और चंद्रोदय का समय

Karwa Chauth 2026: करवा चौथ 2026 पर बादलों या बारिश के कारण चांद दिखाई न दे तो क्या करें? जानें व्रत खोलने के 5 प्रचलित उपाय, पूजा का शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय.

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Published: October 29, 2026 14:10:46 IST
Last Updated: October 29, 2026 14:10:46 IST

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Karwa Chauth 2026: करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं सुबह से ही अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं. पूरे दिन भूखी-प्यासी रहने के बाद महिलाओं को शाम में पूजा और फिर चांद निकलने का इंतजार रहता है. लेकिन अगर आसमान में बादल छाए हों या बारिश की वजह से चांद दिखाई न दे, तो परेशानी बढ़ सकती है. ऐसे में सवाल उठता है कि चांद के दर्शन किए बिना करवा चौथ का व्रत कैसे खोलें? धार्मिक मान्यताओं और कुछ प्रचलित परंपराओं के अनुसार, ऐसी स्थिति में कुछ विकल्प अपनाए जाते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में और साथ ही जानें करवा चौथ पर पूजा का शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय.

करवा चौथ पर चांद न दिखे तो क्या करें?

करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने की विशेष परंपरा है. हालांकि, खराब मौसम के कारण चांद नजर न आए तो घबराने की जरूरत नहीं है. ऐसी स्थिति में स्थानीय परंपरा और परिवार के बड़ों की सलाह के अनुसार पूजा की जा सकती है. ये हैं पांच प्रचलित उपाय.

भगवान शिव के दर्शन करके खोल सकती हैं व्रत

धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हैं. ऐसे में अगर बादलों की वजह से चांद दिखाई न दे, तो कुछ परंपराओं में भगवान शिव की तस्वीर या शिवलिंग के दर्शन करके प्रार्थना करने का विकल्प बताया जाता है. आप घर के मंदिर में पूजा कर सकती हैं या किसी शिव मंदिर में दर्शन कर सकती हैं. इस उपाय को अपनाने से पहले अपने परिवार की परंपरा का ध्यान रखें.

चावल से चांद की आकृति बनाकर करें पूजा

कुछ जगहों पर चांद दिखाई न देने की स्थिति में चावल या रोली की मदद से चंद्रमा की प्रतीकात्मक आकृति बनाने की परंपरा भी बताई जाती है. इसके लिए पूजा की थाली या साफ लाल कपड़े पर चावल से चांद की आकृति बनाएं. फिर श्रद्धापूर्वक प्रार्थना करें. ध्यान रहे कि यह एक प्रचलित वैकल्पिक परंपरा है, सभी जगह इसका पालन एक जैसा नहीं होता.

पंचांग में चंद्रोदय का समय देखकर करें प्रार्थना

अगर आसमान में बादल छाए हैं और चांद दिखाई नहीं दे रहा है, तो अपने शहर के पंचांग में चंद्रोदय का समय देख सकती हैं. उस समय चंद्रमा की दिशा की ओर मुख करके प्रार्थना और अर्घ्य देने का विकल्प कुछ परिवारों में अपनाया जाता है. हालांकि, स्थानीय धार्मिक परंपरा के अनुसार पूजा करने का तरीका अलग हो सकता है.

चांदी के सिक्के और दर्पण का विकल्प

कुछ परंपराओं में चंद्रमा के प्रतीक के रूप में चांदी के सिक्के और पानी से भरी थाली का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा दर्पण के जरिए प्रतीकात्मक दर्शन करने का विकल्प भी बताया जाता है. यदि आप यह तरीका अपनाना चाहती हैं, तो अपने परिवार के रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा करें.

ये भी पढ़ें : Karwa Chauth 2026: रश्मिका मंदाना से नुपूर सेनन तक, शादी के बाद पहली बार करवा चौथ मनाएंगे ये 5 कपल

दूसरे शहर में चांद के दर्शन का विकल्प

अगर आपके शहर में घने बादलों की वजह से चांद नजर नहीं आ रहा है, तो दूसरे शहर में रहने वाले परिवार के किसी सदस्य से वीडियो कॉल पर चांद के दर्शन करने का विकल्प भी कुछ लोग अपनाते हैं. हालांकि, यह आधुनिक विकल्प है और इसे पारंपरिक धार्मिक नियम का सार्वभौमिक विकल्प नहीं माना जाना चाहिए.

ये भी पढ़ें : Karwa Chauth 2026: दिल्ली नहीं भारत के इस राज्य में सबसे पहले दिखेगा करवाचौथ का चांद, जानें भारत के बड़े शहरों में कब होगा चांद का दीदार

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Published: October 29, 2026 14:10:46 IST
Last Updated: October 29, 2026 14:10:46 IST

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Karwa Chauth 2026: करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं सुबह से ही अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं. पूरे दिन भूखी-प्यासी रहने के बाद महिलाओं को शाम में पूजा और फिर चांद निकलने का इंतजार रहता है. लेकिन अगर आसमान में बादल छाए हों या बारिश की वजह से चांद दिखाई न दे, तो परेशानी बढ़ सकती है. ऐसे में सवाल उठता है कि चांद के दर्शन किए बिना करवा चौथ का व्रत कैसे खोलें? धार्मिक मान्यताओं और कुछ प्रचलित परंपराओं के अनुसार, ऐसी स्थिति में कुछ विकल्प अपनाए जाते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में और साथ ही जानें करवा चौथ पर पूजा का शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय.

करवा चौथ पर चांद न दिखे तो क्या करें?

करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने की विशेष परंपरा है. हालांकि, खराब मौसम के कारण चांद नजर न आए तो घबराने की जरूरत नहीं है. ऐसी स्थिति में स्थानीय परंपरा और परिवार के बड़ों की सलाह के अनुसार पूजा की जा सकती है. ये हैं पांच प्रचलित उपाय.

भगवान शिव के दर्शन करके खोल सकती हैं व्रत

धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हैं. ऐसे में अगर बादलों की वजह से चांद दिखाई न दे, तो कुछ परंपराओं में भगवान शिव की तस्वीर या शिवलिंग के दर्शन करके प्रार्थना करने का विकल्प बताया जाता है. आप घर के मंदिर में पूजा कर सकती हैं या किसी शिव मंदिर में दर्शन कर सकती हैं. इस उपाय को अपनाने से पहले अपने परिवार की परंपरा का ध्यान रखें.

चावल से चांद की आकृति बनाकर करें पूजा

कुछ जगहों पर चांद दिखाई न देने की स्थिति में चावल या रोली की मदद से चंद्रमा की प्रतीकात्मक आकृति बनाने की परंपरा भी बताई जाती है. इसके लिए पूजा की थाली या साफ लाल कपड़े पर चावल से चांद की आकृति बनाएं. फिर श्रद्धापूर्वक प्रार्थना करें. ध्यान रहे कि यह एक प्रचलित वैकल्पिक परंपरा है, सभी जगह इसका पालन एक जैसा नहीं होता.

पंचांग में चंद्रोदय का समय देखकर करें प्रार्थना

अगर आसमान में बादल छाए हैं और चांद दिखाई नहीं दे रहा है, तो अपने शहर के पंचांग में चंद्रोदय का समय देख सकती हैं. उस समय चंद्रमा की दिशा की ओर मुख करके प्रार्थना और अर्घ्य देने का विकल्प कुछ परिवारों में अपनाया जाता है. हालांकि, स्थानीय धार्मिक परंपरा के अनुसार पूजा करने का तरीका अलग हो सकता है.

चांदी के सिक्के और दर्पण का विकल्प

कुछ परंपराओं में चंद्रमा के प्रतीक के रूप में चांदी के सिक्के और पानी से भरी थाली का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा दर्पण के जरिए प्रतीकात्मक दर्शन करने का विकल्प भी बताया जाता है. यदि आप यह तरीका अपनाना चाहती हैं, तो अपने परिवार के रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा करें.

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दूसरे शहर में चांद के दर्शन का विकल्प

अगर आपके शहर में घने बादलों की वजह से चांद नजर नहीं आ रहा है, तो दूसरे शहर में रहने वाले परिवार के किसी सदस्य से वीडियो कॉल पर चांद के दर्शन करने का विकल्प भी कुछ लोग अपनाते हैं. हालांकि, यह आधुनिक विकल्प है और इसे पारंपरिक धार्मिक नियम का सार्वभौमिक विकल्प नहीं माना जाना चाहिए.

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