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Puja Tips: ठाकुरजी को भोग लगाते समय कितनी बार बजानी चाहिए घंटी? जानें सही नियम और विधि

Puja Tips: हिंदू धर्म में पूजा-अर्चना के साथ-साथ मंदिर जाने और घंटी बजाने के भी नियम हैं. आइए जानें मंदिर की घंटी बजाते समय किन गलतियों से बचना चाहिए और क्या सही तरीका है. इसके अलावा, घर में भोग लगाते समय कितनी बार घंटी बजानी चाहिए?

Puja Tips: मंदिरों में पूजा-अर्चना के कई नियम होते हैं. शास्त्रों में घर के मंदिरों में दैनिक पूजा-अर्चना के लिए भी ऐसे ही नियम बताए गए हैं. कई घरों में भगवान ठाकुर को भोग लगाना एक प्रथा है. शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि अगर घर में मूर्ति स्थापित है, तो दैनिक पूजा के साथ भोग लगाना अनिवार्य है. हालांकि, भगवान को भोग लगाते समय घंटी बजाने का भी विशेष महत्व माना जाता है. इसके अलावा, घंटी कितनी बार बजानी चाहिए, इसके भी नियम हैं.

घंटी बजाने के नियम

घर में भोग लगाते समय घंटी बजाने के नियम शास्त्रों में बताए गए हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंदिर में बजने वाली घंटी उन ध्वनियों में से एक मानी जाती है जो सृष्टि के आरंभ में गूंजी थीं. इसके अलावा, ऐसा कहा जाता है कि घंटी बजाने से ओंकार मंत्र का जाप पूर्ण होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घंटी बजाने से मूर्तियों में चेतना जागृत होती है और पूजा की प्रभावशीलता बढ़ती है.

अर्पण के लिए वायु का आह्वान

उन्होंने बताया कि ऐसा माना जाता है कि भगवान वायु (गंध) के माध्यम से अर्पण स्वीकार करते हैं. पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, वायु के पाँच मुख्य तत्व हैं: व्यान वायु, उदान वायु, समान वायु, अपान वायु और प्राण वायु. इसलिए, अर्पण करते समय इन पाँचों तत्वों का आह्वान किया जाता है. घंटी पाँच बार बजाई जाती है. ऐसा माना जाता है कि इस प्रकार देवी-देवता अर्पण स्वीकार करते हैं. इसी प्रकार, भगवान को नैवेद्य अर्पित करते समय भी घंटी बजाई जाती है.

मंदिर से निकलते समय घंटी न बजाएं

अक्सर देखा जाता है कि कई लोग मंदिर से निकलते समय घंटी बजाते हैं और उन्हें देखकर दूसरे लोग भी मंदिर से निकलते समय घंटी बजाते हैं, जो गलत है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, मंदिर से निकलते समय घंटी नहीं बजानी चाहिए. ऐसा करने से मंदिर की सकारात्मक ऊर्जा पीछे छूट जाती है, इसलिए मंदिर से बाहर निकलते समय घंटी बजाने से बचना चाहिए. इसके बजाय, मंदिर में प्रवेश करते समय या देवता के पास जाते समय घंटी बजाएं.

Disclaimer : प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. INDIA News इसकी पुष्टि नहीं करता है.

Shivashakti narayan singh

मूल रूप से चन्दौली जनपद के निवासी शिवशक्ति नारायण सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है. वर्तमान में वे इंडिया न्यूज़ के साथ कार्यरत हैं. एस्ट्रो (ज्योतिष) और लाइफ़स्टाइल विषयों पर लेखन में उन्हें विशेष रुचि और अनुभव है. इसके अलावा हेल्थ और पॉलिटिकल कवरेज से जुड़े मुद्दों पर भी वे नियमित रूप से लेखन करते हैं.तथ्यपरक, सरल और पाठकों को जागरूक करने वाला कंटेंट तैयार करना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है.डिजिटल मीडिया में विश्वसनीय और प्रभावी पत्रकारिता को लेकर वे निरंतर अभ्यासरत हैं.

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