<

भगवान शिव को प्रिय है अपराजिता का फूल, जुलाई-अगस्त में क्यों लगाते हैं इसका पौधा? जानें सही तरीका

Aparajita plant: सावन का महीना अपराजिता का पौधा लगाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. जुलाई-अगस्त के मानसून में इसकी जड़ें तेजी से विकसित होती हैं और लगभग 45 से 50 दिनों में फूल आने लगते हैं. सही मिट्टी, पर्याप्त धूप और संतुलित सिंचाई से यह पौधा तेजी से बढ़ता है.

Aparajita plant: सावन का महीना अपराजिता का पौधा लगाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. जुलाई-अगस्त के मानसून में इसकी जड़ें तेजी से विकसित होती हैं और लगभग 45 से 50 दिनों में फूल आने लगते हैं. सही मिट्टी, पर्याप्त धूप और संतुलित सिंचाई से यह पौधा तेजी से बढ़ता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार अपराजिता के फूल भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा में विशेष रूप से अर्पित किए जाते हैं. इसके अलावा यह पौधा हर्बल चाय, त्वचा और बालों की देखभाल में भी उपयोगी माना जाता है.

सावन में क्यों लगाना चाहिए अपराजिता का पौधा?

सावन का महीना हरियाली, भक्ति और प्रकृति से जुड़ने का समय माना जाता है. इसी दौरान कई लोग अपने घरों में धार्मिक महत्व वाले पौधे लगाते हैं. अपराजिता का पौधा भी उन्हीं में से एक है. इसके नीले और सफेद फूल भगवान शिव को बेहद प्रिय माने जाते हैं, वहीं भगवान विष्णु की पूजा में भी इनका विशेष महत्व बताया गया है. मानसून के मौसम में इसकी बढ़वार सबसे अच्छी होती है, इसलिए जुलाई और अगस्त इसे लगाने के लिए सबसे उपयुक्त समय माने जाते हैं.

कैसी मिट्टी और गमला चुनें?

अपराजिता के अच्छे विकास के लिए ऐसा गमला चुनें जिसमें नीचे ड्रेनेज होल अवश्य हो, ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके और जड़ों में सड़न न हो. मिट्टी तैयार करते समय 50 प्रतिशत सामान्य मिट्टी, 30 प्रतिशत गोबर की सड़ी हुई खाद और 20 प्रतिशत रेत मिलाएं. यह मिश्रण पौधे की जड़ों को पर्याप्त पोषण और बेहतर जल निकासी प्रदान करता है.

धूप और पानी का रखें विशेष ध्यान

अपराजिता को प्रतिदिन कम से कम 4 से 5 घंटे की धूप मिलनी चाहिए. मिट्टी को हल्का नम रखें, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचें. अधिक सिंचाई से जड़ें खराब हो सकती हैं. पौधे पर हल्का पानी का छिड़काव करना भी फायदेमंद माना जाता है.

कब तक बढ़ेगी बेल और कब आएंगे फूल?

अगर पौधे की सही तरीके से देखभाल की जाए तो लगभग 10 से 15 दिनों में इसकी बेल फैलना शुरू कर देती है. इसके बाद करीब 45 से 50 दिनों में पौधे पर फूल आने लगते हैं. स्वस्थ पौधे पर रोजाना 2 से 3 फूल भी खिल सकते हैं, जिससे घर की सुंदरता और धार्मिक वातावरण दोनों बढ़ जाते हैं.

पूजा के साथ कई अन्य फायदे भी

अपराजिता के फूल केवल पूजा-पाठ तक ही सीमित नहीं हैं. इनसे हर्बल चाय भी बनाई जाती है, जिसे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है. इसके अलावा आयुर्वेद में इन फूलों का उपयोग त्वचा और बालों की देखभाल के लिए भी किया जाता है. यही वजह है कि यह पौधा धार्मिक महत्व के साथ-साथ औषधीय गुणों के कारण भी लोकप्रिय है.

sharma ranjana

Share
Published by
sharma ranjana

Recent Posts

Ramayana Movie: 59 हजार स्क्रीन पर रिलीज होगी ‘रामायण’! भारतीय सिनेमा रचने जा रहा नया इतिहास

Ramayana Movie: नितेश तिवारी की 'रामायण' भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ग्लोबल रिलीज बनने की…

Last Updated: August 7, 2026 18:42:12 IST

‘द ट्रेटर्स’ सीज़न 2 का ट्रेलर रिलीज: करण जौहर की खतरनाक वापसी, बड़े धोखे से बढ़ेगा सस्पेंस

'द ट्रेटर्स' सीज़न 2 का ट्रेलर रिलीज हो गया है. शो में 21 कंटेस्टेंट्स हैं.…

Last Updated: August 7, 2026 18:29:23 IST

Pune Murder Case: उस रात कमरा नंबर 310 में क्या हुआ, जिसने लव ट्रायंगल को दिया खूनी रंग, हो जाएंगे हैरान

Pune Murder Case: पुणे के हिंजवड़ी में पीजी में रहने वाले युवक की लोहे की…

Last Updated: August 7, 2026 18:27:05 IST

Ghaziabad: 4 साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी, इलाज में हुई लापरवाही से हुई मौत, मुआवजा देगा अस्पताल

Ghaziabad Rape Case: गाजियाबाद में एक 4 साल की बच्ची से बेरहमी से बलात्कार किया…

Last Updated: August 7, 2026 18:24:18 IST

‘वैभव सूर्यवंशी को उपकप्तान क्यों बनाया? इसकी कोई जरूरत नहीं थी..’, पूर्व क्रिकेटर ने जताई नाराजगी

दिलीप ट्रॉफी के लिए वैभव सूर्यवंशी को ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाए जाने पर सवाल…

Last Updated: August 7, 2026 18:12:22 IST

Odisha: खराब सुविधाओं और बेकार खाने से तंग आकर 180 छात्रों ने छोड़ा हॉस्टल, पैदल ही निकल पड़े घर, हेडमिस्ट्रेस का तबादला

ओडिशा के नबरंगपुर जिले में एक सरकारी छात्रावास में रहने वाले 180 से ज्यादा छात्र…

Last Updated: August 7, 2026 17:47:44 IST