Sawan Shivratri 2026: सावन शिवरात्रि के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर प्रयागराज, गाजियाबाद, मेरठ और मुरादाबाद तक सुबह से ही हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंज रहे हैं. श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े होकर भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक कर रहे हैं.
सावन शिवरात्रि को लेकर वाराणसी में भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है. बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए देर रात से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई. देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे भक्त घंटों इंतजार के बावजूद उत्साहित नजर आए.भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में कतारबद्ध प्रवेश और झांकी दर्शन की व्यवस्था की गई है. शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है और कई जगह रूट डायवर्जन लागू किया गया है.
प्रयागराज में गंगा स्नान के बाद जलाभिषेक
प्रयागराज के दशाश्वमेघ घाट पर भी सुबह से भक्तों की भीड़ देखने को मिली. श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के बाद शिवलिंग पर जल चढ़ाया. बड़ी संख्या में कांवड़िये गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए.घाट और आसपास का इलाका बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजता रहा.
गाजियाबाद के दूधेश्वर नाथ मंदिर में उमड़ी भीड़
गाजियाबाद के प्रसिद्ध दूधेश्वर नाथ मंदिर में भी तड़के से श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही. भक्त भगवान शिव को जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने के लिए मंदिर पहुंचे.श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं.
मेरठ में औघड़नाथ मंदिर में भक्तों का सैलाब
मेरठ के ऐतिहासिक श्री बाबा औघड़नाथ मंदिर में भी सावन शिवरात्रि पर बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे. स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ कांवड़ियों ने भी भगवान शिव का जलाभिषेक किया.
मुजफ्फरनगर में आधी रात से शुरू हुआ जलाभिषेक
मुजफ्फरनगर में कई शिव मंदिरों के कपाट रात 12 बजे के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोले गए. इसके बाद से ही भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक शुरू कर दिया. शिव चौक और आसपास का इलाका भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा.धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है. भक्त इस दिन महादेव से सुख, शांति और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं.
सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट
प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. मंदिरों के आसपास बैरिकेडिंग की गई है और पुलिस बल तैनात किया गया है.श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के साथ ही प्रशासन का प्रयास है कि भक्तों को दर्शन और जलाभिषेक में किसी तरह की परेशानी न हो.