बॉलीवुड में 'कहो ना प्यार है' और 'गदर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों से रातों-रात सुपरस्टार बनने वाली अमीषा पटेल का करियर एक समय सातवें आसमान पर था. लेकिन जितनी तेजी से वह ऊपर पहुंचीं, उतनी ही तेजी से उनका ग्राफ नीचे भी गिरा. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह फिल्ममेकर विक्रम भट्ट के साथ उनके विवादास्पद रिश्ते को माना जाता है.
जब प्यार बना करियर की राह में रोड़ा
अमीषा पटेल ने खुद हाल ही में एक इंटरव्यू में स्वीकार किया कि विक्रम भट्ट के साथ अपने रिश्ते को सार्वजनिक (Public) करना उनके जीवन की सबसे बड़ी गलती थी. उन्होंने कहा, इस इंडस्ट्री में ईमानदारी को पसंद नहीं किया जाता. मेरे खुलेपन और पब्लिक रिलेशनशिप ने मेरे करियर पर बहुत बुरा असर डाला. उस दौर में एक स्थापित अभिनेत्री का शादीशुदा निर्देशक के साथ जुड़ना दर्शकों और फिल्म निर्माताओं को रास नहीं आया.
परिवार से बगावत और कानूनी जंग
विक्रम भट्ट के प्यार में अमीषा इस कदर डूबी थी कि उन्होंने अपने ही परिवार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. उन्होंने अपने पिता पर पैसों की हेराफेरी का आरोप लगाते हुए 12 करोड़ रुपये का कानूनी नोटिस भेज दिया था. खबरों के मुताबिक, इस अफेयर की वजह से उनकी मां ने उन्हें चप्पल से पीटकर घर से निकाल दिया था. परिवार से इस दूरी ने उन्हें मानसिक और पेशेवर रूप से काफी कमजोर कर दिया.
सिंगल स्टेटस का खोना और फिल्मों का अकाल
अमीषा का मानना है कि बॉलीवुड में एक अभिनेत्री का 'सिंगल स्टेटस' उसे दर्शकों और सह-कलाकारों के बीच अधिक आकर्षक बनाता है. जब उनका नाम विक्रम भट्ट से जुड़ा, तो उनके पास आने वाले ऑफर्स कम होने लगे. फिल्म निर्माता ऐसी अभिनेत्री को कास्ट करने से कतराने लगे जो पारिवारिक विवादों और अफेयर की वजह से सुर्खियों में रहती थी. नतीजा यह हुआ कि उन्होंने एक के बाद एक कई फ्लॉप फिल्में दीं.
विक्रम भट्ट का बयान: शादी कभी मकसद नहीं था
सालों बाद विक्रम भट्ट ने भी इस रिश्ते पर चुप्पी तोड़ी. उन्होंने साफ कहा कि वे कभी अमीषा से शादी नहीं करना चाहते थे. विक्रम ने इस रिश्ते को उथला (Shallow) बताया और कहा कि वे दोनों केवल अपने जीवन के एक बुरे दौर में एक-दूसरे का सहारा बने थे. 5 साल के लंबे अफेयर के बाद, फिल्म '1920' की रिलीज से ठीक पहले दोनों का ब्रेकअप हो गया.