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Ranchi: छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को विधानसभा में परीक्षा विवाद को लेकर बड़ा ऐलान किया. मुख्यमंत्री ने 14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा के साथ 2023 और 2025 की JPSC बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की है. इससे लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों की एक बड़ी मांग पर सरकार ने फैसला लिया है.
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने TDPL के जरिए कराई गई सभी परीक्षाओं की उच्चस्तरीय जांच कराने का भी ऐलान किया है. TDPL वही एजेंसी है जिसका नाम JSSC-CGL परीक्षा को लेकर उठे विवाद में सामने आया है. ऐसे में TDPL से जुड़ी सभी परीक्षाओं की जांच के ऐलान को सरकार के इस विवाद पर बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, JSSC-CGL को सीधे रद्द करने का ऐलान नहीं हुआ है. यही वह मुद्दा है जिस पर छात्र अभी भी अड़े हुए हैं. छात्रों की मांग CGL को लेकर भी कार्रवाई और CBI जांच की रही है. पहले सरकार की ओर से CGL को रद्द करने पर कानूनी अड़चन का तर्क दिया गया था.
परीक्षा सिस्टम में भी होगा बड़ा रिफॉर्म
मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया में सुधार का भी संकेत दिया है. सरकार परीक्षा प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए देश के बड़े शैक्षणिक संस्थानों से सलाह लेकर परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक सुधार की दिशा में आगे बढ़ने की बात कह रही है.
यानी सरकार का फोकस सिर्फ विवादित परीक्षाओं पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो, इसके लिए सिस्टम में बदलाव की तैयारी भी है.
विपक्ष पर हेमंत का सियासी हमला
विधानसभा में सरकार का पक्ष रखते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि “जिन्होंने कभी तिरंगा नहीं ढोया, वे आज तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं.” इसके साथ ही विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने उन्हें “परजीवी की तरह अलग-अलग स्रोतों से जीवित” रहने वाला बताया.
यानी विधानसभा में आज सिर्फ परीक्षा विवाद पर फैसला नहीं हुआ, बल्कि सरकार और विपक्ष के बीच सियासी टकराव भी खुलकर सामने आया.
18 दिन के आंदोलन के बीच बड़ा मोड़
रांची में छात्रों का आंदोलन आज 18वें दिन में पहुंच चुका है. सोमवार को विधानसभा मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के बाद भी छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र फिर जुटे हैं और अपनी बाकी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं.
14वीं JPSC PT और 2023-25 बैकलॉग परीक्षाओं पर TDPL की परीक्षाओं की जांच का ऐलान हो गया है, लेकिन JSSC-CGL और CBI जांच पर अभी पेच बरकरार है. यही वजह है कि अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार के इस फैसले के बाद 18 दिन से जारी छात्र आंदोलन थमेगा, या CGL और CBI जांच की मांग को लेकर छात्रों का संघर्ष जारी रहेगा?