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लद्दाख की स्नो लेपर्ड ट्रैकिंग की नई उपलब्धि! दुनिया की सबसे बेहतरीन वाइल्डलाइफ़ एक्सपीरिएंस में शामिल, टॉप 5 में बनाई जगह

ट्रैवल कंपनी बेली रॉबिन्सन द्वारा जारी 'वाइल्डलाइफ़ एक्सपीरियंस इंडेक्स' में लद्दाख में स्नो लेपर्ड ट्रैकिंग को दुनिया में चौथा स्थान मिला है. रैंकिंग में इसे 100 में से 85.5 अंक मिले हैं.

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Published: September 20, 2026 13:07:27 IST
Last Updated: September 20, 2026 13:07:27 IST

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स्नो लेपर्ड (बर्फ़ीले तेंदुए) उन जंगली जानवरों में से हैं जिन्हें देखना बहुत मुश्किल होता है. लद्दाख और हिमालय के ऊंचे पहाड़ों में रहने वाले ये बड़े जानवर ठंडे मौसम और पथरीली ज़मीन पर ज़िंदा रहने के लिए बने होते हैं. उनके हल्के ग्रे और सफ़ेद रंग के फर पर गहरे रंग के धब्बे होते हैं, जो उन्हें अपने आस-पास की बर्फ़ और चट्टानों में घुल-मिल जाने में मदद करते हैं.

चूंकि ये ज़्यादातर सर्दियों में ही दिखाई देते हैं और दूर-दराज़ के इलाकों में रहते हैं, इसलिए जंगल में इनके जीवन के बारे में बहुत कम जानकारी है. अब, लद्दाख ने यात्रियों को इन दुर्लभ जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का मौका देकर दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा है. ट्रैवल कंपनी बेली रॉबिन्सन द्वारा जारी ‘वाइल्डलाइफ़ एक्सपीरियंस इंडेक्स’ में लद्दाख में स्नो लेपर्ड ट्रैकिंग को दुनिया में चौथा स्थान मिला है. रैंकिंग में इसे 100 में से 85.5 अंक मिले हैं.

दुनियाभर के 30 वाइल्डलाइफ एक्सपीरिएंस में बनाई जगह 

‘वाइल्डलाइफ़ एक्सपीरियंस इंडेक्स’ ने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के 30 वाइल्डलाइफ़ अनुभवों की तुलना की. यह रैंकिंग छह बातों पर आधारित थी: जानवर कितना दुर्लभ है, जगह कितनी दूर-दराज़ है, संरक्षण के लिए उसका कितना महत्व है, अनुभव कितना खास है, वहाँ पहुँचना कितना आसान है, और जानवर के दिखने की कितनी संभावना है.

कोंडे नास्ट ट्रैवलर के अनुसार, बेली रॉबिन्सन की सेल्स डायरेक्टर सारा पार्कर ने कहा, “हमें जो बात सबसे खास लगी, वह थी दुर्लभता और दूर-दराज़ के इलाकों के बीच का संबंध. दुनिया में वाइल्डलाइफ़ के सबसे अनोखे अनुभव अक्सर दूर की यात्रा करने, जंगल के अंदरूनी इलाकों में जाने और कुछ ऐसा अनुभव करने से जुड़े होते हैं, जिसे देखने का मौका बहुत कम यात्रियों को मिलता है.”

टॉप 3 वाइल्डलाइफ एक्सपीरिएंस

रवांडा और युगांडा में माउंटेन गोरिल्ला ट्रेकिंग को पहला स्थान मिला. इसके बाद अंटार्कटिका में एम्परर पेंगुइन एक्सपीडिशन दूसरे स्थान पर और कजाकिस्तान में साइगा एंटेलोप ट्रिप तीसरे स्थान पर रहे. लद्दाख में स्नो लेपर्ड ट्रेकिंग चौथे स्थान पर रही, जबकि इंडोनेशिया के जावा में जावन राइनो ट्रैकिंग को पांचवां स्थान मिला.

इस लिस्ट में भारतीय क्षेत्र के दो और वाइल्डलाइफ़ अनुभव भी शामिल थे. नेपाल, भूटान या भारत में रेड पांडा ट्रैकिंग को 100 में से 78.5 स्कोर के साथ 15वां स्थान मिला. वहीं, भारत या नेपाल में एक सींग वाले गैंडे (ग्रेटर वन-हॉर्न्ड राइनो) की सफारी 100 में से 74.5 स्कोर के साथ 21वें स्थान पर रही.

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Last Updated: September 20, 2026 13:07:27 IST

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स्नो लेपर्ड (बर्फ़ीले तेंदुए) उन जंगली जानवरों में से हैं जिन्हें देखना बहुत मुश्किल होता है. लद्दाख और हिमालय के ऊंचे पहाड़ों में रहने वाले ये बड़े जानवर ठंडे मौसम और पथरीली ज़मीन पर ज़िंदा रहने के लिए बने होते हैं. उनके हल्के ग्रे और सफ़ेद रंग के फर पर गहरे रंग के धब्बे होते हैं, जो उन्हें अपने आस-पास की बर्फ़ और चट्टानों में घुल-मिल जाने में मदद करते हैं.

चूंकि ये ज़्यादातर सर्दियों में ही दिखाई देते हैं और दूर-दराज़ के इलाकों में रहते हैं, इसलिए जंगल में इनके जीवन के बारे में बहुत कम जानकारी है. अब, लद्दाख ने यात्रियों को इन दुर्लभ जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का मौका देकर दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा है. ट्रैवल कंपनी बेली रॉबिन्सन द्वारा जारी ‘वाइल्डलाइफ़ एक्सपीरियंस इंडेक्स’ में लद्दाख में स्नो लेपर्ड ट्रैकिंग को दुनिया में चौथा स्थान मिला है. रैंकिंग में इसे 100 में से 85.5 अंक मिले हैं.

दुनियाभर के 30 वाइल्डलाइफ एक्सपीरिएंस में बनाई जगह 

‘वाइल्डलाइफ़ एक्सपीरियंस इंडेक्स’ ने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के 30 वाइल्डलाइफ़ अनुभवों की तुलना की. यह रैंकिंग छह बातों पर आधारित थी: जानवर कितना दुर्लभ है, जगह कितनी दूर-दराज़ है, संरक्षण के लिए उसका कितना महत्व है, अनुभव कितना खास है, वहाँ पहुँचना कितना आसान है, और जानवर के दिखने की कितनी संभावना है.

कोंडे नास्ट ट्रैवलर के अनुसार, बेली रॉबिन्सन की सेल्स डायरेक्टर सारा पार्कर ने कहा, “हमें जो बात सबसे खास लगी, वह थी दुर्लभता और दूर-दराज़ के इलाकों के बीच का संबंध. दुनिया में वाइल्डलाइफ़ के सबसे अनोखे अनुभव अक्सर दूर की यात्रा करने, जंगल के अंदरूनी इलाकों में जाने और कुछ ऐसा अनुभव करने से जुड़े होते हैं, जिसे देखने का मौका बहुत कम यात्रियों को मिलता है.”

टॉप 3 वाइल्डलाइफ एक्सपीरिएंस

रवांडा और युगांडा में माउंटेन गोरिल्ला ट्रेकिंग को पहला स्थान मिला. इसके बाद अंटार्कटिका में एम्परर पेंगुइन एक्सपीडिशन दूसरे स्थान पर और कजाकिस्तान में साइगा एंटेलोप ट्रिप तीसरे स्थान पर रहे. लद्दाख में स्नो लेपर्ड ट्रेकिंग चौथे स्थान पर रही, जबकि इंडोनेशिया के जावा में जावन राइनो ट्रैकिंग को पांचवां स्थान मिला.

इस लिस्ट में भारतीय क्षेत्र के दो और वाइल्डलाइफ़ अनुभव भी शामिल थे. नेपाल, भूटान या भारत में रेड पांडा ट्रैकिंग को 100 में से 78.5 स्कोर के साथ 15वां स्थान मिला. वहीं, भारत या नेपाल में एक सींग वाले गैंडे (ग्रेटर वन-हॉर्न्ड राइनो) की सफारी 100 में से 74.5 स्कोर के साथ 21वें स्थान पर रही.

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