Hanuman Ansh Film: कम बजट में बनी फिल्म अगर दर्शकों के दिल तक पहुंच जाए तो उसे बड़ी सफलता हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता. नीम करौली बाबा के जीवन और आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों इसी वजह से चर्चा में है. फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच उत्साह देखने को मिल रहा है और इसकी कमाई ने भी लोगों का ध्यान खींचा है. फिल्म से जुड़ी सबसे दिलचस्प बात इसकी कमाई नहीं, बल्कि शूटिंग के दौरान सेट पर अपनाए गए खास नियम हैं. मेकर्स ने फिल्म के आध्यात्मिक विषय को देखते हुए सेट का माहौल भी उसी तरह बनाए रखने की कोशिश की.
महज 2 करोड़ के बजट में तैयार हुई फिल्म
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ करीब 1.8 से 2 करोड़ रुपये के बजट में तैयार हुई है. फिल्म की रिलीज के बाद इसे दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिलने का दावा किया जा रहा है. सोशल मीडिया पर भी फिल्म को लेकर चर्चा देखने को मिल रही है. कम बजट की वजह से मेकर्स के सामने प्रचार-प्रसार को लेकर भी चुनौती थी. फिल्म के निर्देशक और लेखक विशाल चतुर्वेदी के मुताबिक, प्रचार के लिए बड़े स्तर पर खर्च करने के बजाय मेकर्स ने अलग तरीका अपनाया.
प्रमोशन के लिए कराए गए 8 भंडारे
विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि फिल्म के प्रमोशन के लिए मेकर्स के पास ज्यादा बजट नहीं था. ऐसे में अलग-अलग जगहों पर आठ भंडारों का आयोजन किया गया. इन आयोजनों के जरिए फिल्म के बारे में लोगों तक जानकारी पहुंचाने की कोशिश की गई. फिल्म की कहानी और उसके आध्यात्मिक विषय को देखते हुए यह तरीका मेकर्स के लिए प्रचार अभियान का हिस्सा बन गया.
सेट पर रोज होता था हनुमान चालीसा का पाठ
फिल्म की शूटिंग के दौरान सेट पर कुछ खास नियमों का पालन किया गया. निर्देशक के मुताबिक, शूटिंग शुरू करने से पहले रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता था. शूटिंग पूरी होने के बाद भी हनुमान चालीसा का पाठ करने की परंपरा रखी गई थी. अगर शूटिंग के दौरान किसी तरह की तकनीकी समस्या या दूसरी परेशानी आती थी, तो टीम एक साथ बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करती थी.
सेट पर गाली-गलौज और लड़ाई-झगड़े पर थी पाबंदी
विशाल चतुर्वेदी के अनुसार, शूटिंग के दौरान सेट के माहौल को शांत और सकारात्मक रखने के लिए कुछ और नियम भी बनाए गए थे. सेट पर गाली देने की मनाही थी और कलाकारों व क्रू को लड़ाई-झगड़े से दूर रहने के लिए कहा गया था. मेकर्स का मानना था कि फिल्म के विषय को देखते हुए सेट का माहौल भी अनुशासित और सकारात्मक रहना चाहिए. फिल्म की शूटिंग के दौरान सेट पर सिर्फ शाकाहारी भोजन की अनुमति थी. इसके अलावा फिल्म से जुड़े लोगों के लिए शराब के सेवन पर भी रोक रखी गई थी. निर्देशक ने बताया कि फिल्म पूरी होने के बाद प्रोड्यूसर ने प्रेमानंद जी महाराज से भी सलाह ली थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने फिल्म की मुख्य कलाकारों को शाकाहारी भोजन करने की सलाह दी थी.
कैमरा अटकता तो टीम करती थी पाठ
विशाल चतुर्वेदी ने शूटिंग के दौरान आने वाली तकनीकी परेशानियों का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक, कई बार शूटिंग सुबह सात बजे शुरू होनी होती थी, लेकिन कैमरे में समस्या आने के कारण घंटों तक काम शुरू नहीं हो पाता था. ऐसी स्थिति में निर्माता टीम को खाली समय में हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए कहते थे. निर्देशक के अनुसार, कई मौकों पर पाठ पूरा होने तक शूटिंग में आ रही समस्या का समाधान निकल जाता था.
नीम करौली बाबा की जिंदगी पर आधारित है कहानी
हनुमान अंश’ महान संत नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित बताई गई है. फिल्म में उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों, आध्यात्मिक पहलुओं और सादगी को दिखाने की कोशिश की गई है. फिल्म में चंदन आनंद, शोभिनव सत्या, पूर्णिमा तिवारी और विहान शेडगे अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं. फिल्म का निर्देशन और लेखन विशाल चतुर्वेदी ने किया है. फिल्म की कहानी जितनी आध्यात्मिक है, उसकी शूटिंग से जुड़े किस्से भी उतने ही दिलचस्प हैं. कम बजट, सीमित प्रचार और शूटिंग के दौरान तकनीकी अड़चनों के बावजूद फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी ने इसे चर्चा में ला दिया है.