Manu Rishi Chadha: एक्टर मनु ऋषि चड्ढा इन दिनों अपनी नई वेब सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और आर्मी चीफ परवेज मुशर्रफ का किरदार निभाने को लेकर चर्चा में हैं. एक असली और विवादित शख्सियत को पर्दे पर उतारना उनके लिए आसान नहीं था. उन्हें सिर्फ मुशर्रफ की तरह दिखना या उनकी आवाज की नकल नहीं करनी थी बल्कि उनके व्यक्तित्व और सोच को भी समझना था. इसके लिए मनु ऋषि ने खास तैयारी की और इस दौरान उन्हें एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी से मिली एक सलाह काफी काम आई.
YouTube पर देखे मुशर्रफ के वीडियो
मनु ऋषि ने PTI से बातचीत में बताया कि उन्होंने परवेज मुशर्रफ को समझने के लिए YouTube का सहारा लिया. उन्होंने मुशर्रफ के कई पुराने वीडियो देखे और उनके बात करने के तरीके, हाव-भाव और बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान दिया. उन्होंने कहा कि जब कोई कलाकार किसी असली व्यक्ति का किरदार निभाता है, तो उसके बोलने के तरीके और व्यवहार को समझना जरूरी होता है. हालांकि उनका मकसद केवल नकल करना ही नहीं था. वह चाहते थे कि मुशर्रफ का किरदार पर्दे पर बनावटी नहीं, बल्कि स्वाभाविक लगे. मनु ऋषि ने बताया कि उनके लिए मुशर्रफ के बोलने के अंदाज को पकड़ना आसान था लेकिन किरदार को सहज तरीके से निभाना ज्यादा जरूरी था.
नवाजुद्दीन से मिली ‘मंटो’ वाली सलाह
मुशर्रफ के किरदार की तैयारी के दौरान मनु ऋषि की मुलाकात नवाजुद्दीन सिद्दीकी से हुई. दरअसल, वह नवाजुद्दीन को एक फिल्म की कहानी सुनाने गए थे. इसी दौरान उन्होंने उनसे पूछा कि उन्होंने फिल्म ‘मंटो’ में मशहूर लेखक सआदत हसन मंटो का किरदार किस तरह तैयार किया था. नवाजुद्दीन ने बताया कि मंटो को निभाने के लिए उनके पास बहुत ज्यादा विजुअल रेफरेंस नहीं थे. उन्होंने मंटो के बारे में पढ़ा और डायरेक्टर नंदिता दास पर भरोसा किया. मनु ऋषि को उनकी बात काफी पसंद आई और उन्होंने मुशर्रफ की नकल करने के बजाय उनसे जुड़े वीडियो देखे. उनके बारे में जानकारी जुटाई और फिर अपने एक्टिंग प्रोसेस से किरदार को समझा.
‘ऑपरेशन सफेद सागर’ की कहानी
‘ऑपरेशन सफेद सागर साल 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना की भूमिका पर आधारित है. कहानी गोल्डन एरो स्क्वाड्रन के युवा फाइटर पायलट्स के इर्द-गिर्द घूमती है. वे ऊंचाई वाले इलाकों में खतरनाक कॉम्बैट मिशन का सामना करते हैं.