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जब इस गाने को लिखते हुए फूट-फूट कर रो पड़े गीतकार, करोड़ों लोगों के दर्द को बयां करता है सॉन्ग; जानें नाम

Song Secrets: बॉलीवुड में हजारों गाने लिखे गए, लेकिन कुछ गाने ऐसे होते हैं जो सीधे रूह को छू लेते हैं. ऐसा ही एक गाना साल 2001 में रिलीज हुई फिल्म का है, जिसे लिखते समय गीतकार फूट-फूटकर रो पड़े थे.

साल 2001 में एक फिल्म आई, जिसके गाने आज भी लोगों के जुबान पर हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं इसी फिल्म में वह गीत भी था जिसे लिखते-लिखते महान गीतकार आनंद बख्शी साहब फूट-फूट कर रो पड़े थे. यह गीत करोड़ों लोगों के दर्द को बयां करता है. चलिए जानते हैं कौन सा है वो गाना.

कौन सा वो गाना?

साल 2001 में अमीषा पटेल और सनी देओल अभिनीत फिल्म ‘गदर’ आई थी. इस फिल्म का एक गाना है ‘उड़जा काले कांवा’. इसके बोल लिखे थे आनंद बक्शी ने. वहीं इसके धुन तैयार किए थे उत्तम सिंह ने. इसके अलावा इस गाने को आवाज दी थी अलका याग्निक और उदित नारायण ने.

क्यों रो पड़े थे गीतकार?

बताया जाता है कि जब निर्देशक अनिल शर्मा फिल्म ‘गदर’ के लिए आनंद बख्शी साहब के पास गए. निर्देशक ऐसा गाना चाहते थे जो बिछड़ने के दर्द और मिलन की उम्मीद दोनों को बयां करें. बक्शी साहब ने जब फिल्म की कहानी और तारा सिंह व सकीना के किरदारों के बारे में सुना तो उन्हें अपने पुराने दिन याद आने लगे. आपको बता दें कि आनंद बख्शी साहब खुद बंटवारे का दर्द झेल चुके थे. उनका जन्म रावलपिंडी पाकिस्तान में हुआ था. विभाजन के समय उन्हें अपना घर, अपनी गलियां और अपनी यादें छोड़कर हिंदुस्तान आना पड़ा था. जब वे इस गाने के बोल लिख रहे थे तो उन्हें अपने पुराने दिन याद आ रहे थे. कहा जाता है कि जब उन्होंने लाइन लिखी ‘घर आजा परदेसी कि तेरी मेरी एक जिंदगी..’ तो उनकी कलम रुक गई. उनकी आंखों में आंसू आ गए और वो फफक कर रोने लगे.

फिल्म की कहानी भारत-पाक के विभाजन पर आधारित था

फिल्म ‘गदर’ के गाने ‘उड़ जा काले कावा’ के बारे में संगीतकार उत्तम सिंह बताते हैं कि जब बक्शी साहब ने यह गाना उन्हें दिया तो उसमें शब्दों की सादगी ही उसकी सबसे बड़ी ताकत थी. यह गाना 1947 में हुए भारत-पाक विभाजन के दौरान करोड़ों लोगों के दर्द को बयां करता है.
Kamesh Dwivedi

पिछले चार वर्षों से डिजिटल मीडिया में कार्यरत. जी न्यूज और अमर उजाला डिजिटल में सेवाएं दे चुके हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक और वर्धा हिंदी विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई. वायरल-ट्रेंडिंग कंटेंट के साथ मनोरंजन की खबरों में रुचि. क्रिकेट, राजनीति के अलावा कविताएं लिखने और पढ़ने का भी शौक है.

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