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बिहार के ‘जंगलराज’ पर बनी दो बेहतरीन फ़िल्में, एक ने तो ‘राष्ट्रीय पुरस्कार’ भी जीता

90 के दशक में बिहार की 'जंगलराज' राजनीति पर कई उपन्यास लिखे गए और कई फिल्में भी बनाई गईं, जिनमें से शूल और गंगाजल प्रमुख हैं. तत्कालीन बिहार की पृष्ठभूमि पर बनी इन फिल्मों में से एक ने तो राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीता है.

90 के दशक में बिहार की राजनीति में कई मोड़ आए, जिन्होंने कथित तौर पर जंगलराज को जन्म दिया. जंगलराज एक ऐसे शासन या स्थिति को दर्शाता है जहां कानून-व्यवस्था चरमरा जाती है, अपराध बढ़ जाते हैं, और सरकार या प्रशासन का नियंत्रण कमज़ोर पड़ जाता है, जिससे अराजकता और भय का माहौल बनता है. 90 का दशक बिहार की राजनीति का सबसे डार्क फेज माना जाता है. 
इस कालखंड पर कई उपन्यास लिखे गए और कई फिल्में भी बनाई गईं, जिनमें से शूल और गंगाजल प्रमुख हैं. तत्कालीन बिहार की पृष्ठभूमि पर बनी इन फिल्मों में से एक ने तो राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीता. 

गंगाजल: द होली वेपन

गंगाजल: द होली वेपन 2003 में बनी एक भारतीय हिंदी क्राइम ड्रामा फिल्म है, जिसे प्रकाश झा ने लिखा, निर्देशित किया, सह-निर्मित किया और संपादित किया है. इस फिल्म में अजय देवगन और ग्रेसी सिंह लीड रोल में हैं. यह फिल्म बिहार के काल्पनिक जिले तेजपुर के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (अजय देवगन) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने उच्च अपराध दर और डॉन साधु यादव (मोहन जोशी) और सुंदर यादव (यशपाल शर्मा) द्वारा चलाए जा रहे संगठित अपराध के लिए जाना जाता है. स्थानीय पुलिस की धीमी प्रतिक्रिया के कारण, जिले के निवासी अपराधियों की आंखों में तेजाब डालकर उन्हें गैर-कानूनी तरीके से सजा देने का सहारा लेते हैं. 
90 के दशक की बिहार की राजनीति पर केंद्रित यह फिल्म जंगलराज को बेहतरीन तरीके से प्रदर्शित करती है. 

शूल

राम गोपाल वर्मा द्वारा लिखित इस फिल्म में मनोज बाजपेई, रवीना टंडन और सुनील शेट्टी हैं. यह फिल्म बिहार में राजनेता-अपराधी गठजोड़ और राजनीति के अपराधीकरण तथा एक ईमानदार पुलिस अधिकारी के जीवन पर इसके प्रभाव को गहराई से दर्शाती है. इसमें मनोज बाजपेयी ने इंस्पेक्टर समर प्रताप सिंह और सयाजी शिंदे ने अपराधी-राजनेता बच्चू यादव की भूमिका निभाई है. इस फिल्म ने हिंदी में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता. शूल को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया और टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया गया था. फिल्म में मनोज बाजपेयी ने उत्कृष्ट अभिनय किया है और ईमानदार पुलिस के रूप में दिल जीत लेते हैं. 

जंगलराज बिहार की राजनीति का काला अध्याय है, जिसने पूरे राज्य में डर का माहौल बना दिया था. आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और अपराधियों  को कानूनी संरक्षण मिलने से जनता भय के साये में जीने लगती है. 

Shivangi Shukla

वर्तमान में शिवांगी शुक्ला इंडिया न्यूज़ के साथ कार्यरत हैं. हेल्थ, बॉलीवुड और लाइफ़स्टाइल विषयों पर लेखन में उन्हें विशेष रुचि और अनुभव है. इसके अलावा रिसर्च बेस्ड आर्टिकल और पॉलिटिकल कवरेज से जुड़े मुद्दों पर भी वे नियमित रूप से लेखन करती हैं. तथ्यपरक, सरल और पाठकों को जागरूक करने वाला कंटेंट तैयार करना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है. डिजिटल मीडिया में विश्वसनीय और प्रभावी पत्रकारिता को लेकर वे निरंतर अभ्यासरत हैं.

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