संपत्ति को किराए पर उतारना एक महत्वपूर्ण फैसला होता है. हालांकि, इस कदम को उठाने से पूर्व कई जरूरी प्रक्रियाओं पर पूरा ध्यान देना अनिवार्य है. यदि आप नये-नये मकान मालिक बन रहे हैं, तो व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ना जरूरी है.
घर किराए पर देने से पहले अपनाएं ये 5 जरूरी कदम
संपत्ति को किराए पर उतारना एक महत्वपूर्ण फैसला होता है. ठीक प्रबंधन से यह नियमित कमाई का मजबूत जरिया बन जाता है. हालांकि, इस कदम को उठाने से पूर्व कई जरूरी प्रक्रियाओं पर पूरा ध्यान देना अनिवार्य है.
इन्हें अनदेखा करने पर भारी मुकदमेबाजी, उलझनें या आर्थिक नुकसान हो सकता है. यदि आप नये-नये मकान मालिक बन रहे हैं, तो व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ना जरूरी है. नीचे बताए पांच सुझाव हर मकान मालिक के लिए किराए की प्रक्रिया शुरू करने से ठीक पहले अपनाने के लिए जरूरी हैं. इन्हें गौर से समझें:
किराए पर देने से पूर्व संपत्ति की पूरी जांच कराएं और आवश्यक मरम्मत पूरी करें. वायरिंग, हर जगह के नल, गैस लाइन तथा दरवाजे-खिड़कियों की जांच करें. कोई रिसाव हो, नमी या क्षतिग्रस्त भाग हो तो तुरंत मरम्मत करवाएं, जिससे किरायेदार बिना परेशानी के रह सकें. इसके अलावा सुरक्षा उपकरणों पर भी ध्यान दें. स्मोक डिटेक्टर, अग्निशमन यंत्र और मजबूत ताले जैसे सुरक्षा साधन स्थापित करें.सौंपने से पहले घर का फोटो या वीडियो रिकॉर्ड रखें.
किरायेदार का चयन सावधानी से करें. पहचान पत्र (आधार, पैन), पुलिस सत्यापन और रोजगार प्रमाण मांगें. पूर्व किराये का विवरण व संदर्भ प्राप्त करें. किराया भुगतान में देरी या संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए सत्यापन करना जरूरी है. विश्वसनीय किरायेदार लंबे समय तक टिकते हैं और कम मुश्किलें पैदा करते हैं.
घर किराए पर देने से पहले किरायेदार के साथ लिखित रेंटल एग्रीमेंट तैयार करें. कानूनी रूप से मान्य किराया करार तैयार कराएं, जिसमें सभी शर्तें साफ हों. इस एग्रीमेंट में मासिक किराया, समयसीमा (उदाहरणस्वरूप 11 माह), सुरक्षा जमा (सामान्यतः 2-3 माह का), भुगतान तिथि, रखरखाव दायित्व व नोटिस अवधि उल्लेख करें. इसके बाद स्टांप पेपर पर नोटरी प्रमाणन कराएं. यह प्रक्रिया इसलिए जरूरी है क्योंकि अनुबंध के अभाव में विवाद बढ़ जाते हैं.
सुरक्षा जमा की रसीद प्रदान करें तथा प्रत्येक किराया भुगतान पर रसीद दें. विद्युत, जल, रखरखाव व मरम्मत व्ययों का विभाजन पहले ही निर्धारित कर लें जिससे बाद में विवाद की स्थिति न उत्पन्न हो. किराया प्राप्ति को आयकर प्रतिक्रिया में दर्ज करें. डिजिटल भुगतान या चेक द्वारा पैसे का लेनदेन करें, जिससे दस्तावेज सुरक्षित रहें.
घर किराये पर देने से पहले पुलिस सत्यापन निश्चित रूप से करवाएं, विशेषकर विदेशी किरायेदारों के लिए. साथ ही स्थानीय भाड़ा कानूनों (जैसे रेंट कंट्रोल एक्ट) का अनुपालन करें. जब कोई किरायेदार घर खाली करके जाये और कोई नया किरायदार आये तो पुलिस को इस परिवर्तन की सूचना दें.
इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखने से किरायेदार और मकान मालिक दोनों को सुविधा रहती है और किसी प्रकार की विवाद की स्थिति उत्पन्न नहीं होती है.
Vaibhav Suryavanshi Statement: लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 93 रनों की तूफानी पारी खेलने के…
Funny Jokes of the Day: सेहतमंद रहने के लिए अच्छा खानपान ही नहीं, बल्कि अच्छी…
Most Sixes In IPL: राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में इतिहास…
Neeraj Singh Murder: सालों बाद, पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या का मामला, एक…
Amit Shah Press Conference: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अभी छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय दौरे…
Mahindra XEV 9e Cineluxe Edition vs Hyundai Ioniq 5: को लेकर भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में…