<
Categories: हेल्थ

Diabetes Myth Buster: HbA1c टेस्ट नॉर्मल तो डायबिटीज नहीं? कहीं आप तो इस भ्रम में नहीं, सच जान चौंक जाएंगे

HbA1c- Diabetes Myth Buster: एक स्टडी के मुताबिक, भारत में डायबिटीज के 10 करोड़ से भी ज्यादा मरीज हैं. जब भी किसी व्यक्ति को डायबिटीज के लक्षण नजर आते हैं, तो डॉक्टर आमतौर पर HbA1c टेस्ट कराने की सलाह देते हैं. बता दें कि, डायबिटीज का पता लगाने के लिए HbA1c टेस्ट को सबसे अच्छा माना जाता है, लेकिन इसे ही डायबिटीज नहीं होने का मानक मान लेना घातक हो सकता है. आइए जानते हैं क्यों?

HbA1c- Diabetes Myth Buster: दुनियाभर में डायबिटीज से पीड़ितों की संख्या अधिक है. लेकिन, भारत के आंकड़े अधिक डरावने हैं. एक हालिया रिपोर्ट बताती है कि, भारत में डायबिटीज के 10 करोड़ से भी ज्यादा मरीज हैं. जब भी किसी व्यक्ति को डायबिटीज के लक्षण नजर आते हैं, तो डॉक्टर आमतौर पर HbA1c टेस्ट कराने की सलाह देते हैं. बता दें कि, डायबिटीज का पता लगाने के लिए HbA1c टेस्ट को सबसे अच्छा माना जाता है, लेकिन इसे ही डायबिटीज नहीं होने का मानक मान लेना घातक हो सकता है. दरअसल, जब लोग पैथोलॉजी लैब से रिपोर्ट लेकर निकलते हैं, जिसमें लिखा होता है कि उनका HbA1c सामान्य है. ऐसे में लोग खुद को डायबिटीज से सुरक्षित मान लेते हैं. अगर आप भी यही सोचते हैं, तो यकीन मानिए कि आप गलत हैं. अब सवाल है कि आखिर, क्या सिर्फ HbA1c टेस्ट से ही डायबिटीज का सटीक पता चल जाएगा, या कोई और टेस्ट की जरूरत है? सामान्य HbA1c कितना होता है? कितना HbA1c होने पर इसे डायबिटिक माना जाएगा? किन मिथक को दूर करने की जरूरत? 

कितना HbA1c सामान्य और कितना डायबिटिक माना जाएगा?

मेडिकल जर्नल ‘द लैंसेट रीजनल हेल्थ- साउथईस्ट एशिया’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, HbA1c टेस्ट रिपोर्ट 5.7 से कम हो, तो ही इसे नॉर्मल माना जा सकता है. लेकिन, 6.5 या इससे अधिक आने पर मरीज को डायबिटिक माना जाएगा. इससे बात साफ है कि, टाइप-2 डायबिटीज की पहचान के लिए केवल HbA1c टेस्ट पर निर्भर रहना खतरनाक हो सकता है. शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि सिर्फ HbA1c टेस्ट को डायग्नोस्टिक टूल मानने से डायबिटीज के कई मामले सामने ही नहीं आ पाते हैं और इलाज में काफी देर हो जाती है. इससे शुगर के मरीजों को कई तरह की कॉम्प्लिकेशंस पैदा हो जाती हैं. टाइप 2 डायबिटीज के सही डायग्नोसिस के लिए मल्टीपल टेस्ट करने की जरूरत होती है.

HbA1c टेस्ट सभी का शुगर लेवल सटीक बताने में काफी नहीं

द लैंसेट की रिसर्च कहती है कि, भारतीय आबादी में एनीमिया, जेनेटिक हीमोग्लोबिन डिसऑर्डर और ग्लूकोज-6-फॉस्फेट डिहाइड्रोजनेज की कमी से HbA1c टेस्ट का रिजल्ट गड़बड़ हो सकता है. ऐसे में यह टेस्ट लोगों के सही ब्लड शुगर लेवल का पता नहीं लगा पाता है. HbA1c टेस्ट खून में मौजूद उस हीमोग्लोबिन का प्रतिशत मापता है, जिस पर ग्लूकोज चिपका होता है, और इससे पिछले 2-3 महीनों का औसत ब्लड शुगर लेवल पता चलता है. भारत जैसी बड़ी आबादी में स्वास्थ्य चुनौतियों से जूझ रहे हर व्यक्ति का मानक समान रूप से लागू नहीं होते हैं. ऐसे में HbA1c टेस्ट सभी का शुगर लेवल सटीक नहीं बता पाता है.

इन मिथक को दूर करने की जरूरत

मिथक 1: यदि आपका HbA1c 6.5% से कम है, तो आपको मधुमेह की समस्या नहीं है. बता दें कि, HbA1c तीन महीनों में आपके रक्त में ग्लूकोज के औसत स्तर को मापता है. यह आपको बताता है कि आपका शुगर स्तर पहले कैसा था, न कि भविष्य में कैसा होगा. जब तक HbA1c 6.5% से ऊपर पहुंचता है, तब तक आमतौर पर 5 से 10 वर्षों से इंसुलिन प्रतिरोध धीरे-धीरे विकसित हो रहा होता है. आपका अग्न्याशय अत्यधिक काम कर रहा होता है, आपकी बीटा कोशिकाएं कमजोर हो रही होती हैं, और चयापचय संबंधी क्षति पहले ही काफी बढ़ चुकी होती है. 

मिथक 2: अगर किसी में यह मिथ हो कि, HbA1c सभी के लिए समान रूप से विश्वसनीय है. तो यह उनकी भूल है. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट कहती है कि, आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया, थैलेसीमिया ट्रेट या हाल ही में रक्तस्राव से पीड़ित लोगों में HbA1c का स्तर कृत्रिम रूप से कम आ सकता है. ये स्थितियां हमारी आबादी में दुर्लभ नहीं हैं; आयरन की कमी लगभग आधी भारतीय महिलाओं को प्रभावित करती है.

मिथक 3: HbA1c प्रारंभिक निदान (Early Diagnosis) के लिए उपलब्ध सर्वोत्तम उपकरण है. बता दें कि, यह एक अच्छा निगरानी उपकरण है. लेकिन यह शुरुआती चेतावनी देने में कारगर नहीं है. फास्टिंग इंसुलिन और HOMA-IR (फास्टिंग इंसुलिन और फास्टिंग ग्लूकोज को मिलाकर प्राप्त किया गया एक स्कोर) HbA1c के स्तर में बदलाव से कई साल पहले ही इंसुलिन प्रतिरोध का पता लगा लेते हैं. सामान्य रक्त शर्करा स्तर वाले लेकिन उच्च फास्टिंग इंसुलिन स्तर वाले व्यक्ति की चयापचय प्रक्रिया पहले से ही बाधित होती है; उनका शरीर केवल समस्या को छिपा रहा होता है.

मिथक 4: एक बार HbA1c से मधुमेह की पुष्टि हो जाने पर, दवा ही एकमात्र उपाय है. यहीं से सबसे महत्वपूर्ण भ्रांति उत्पन्न होती है. मानक उपचार, पहले मेटफॉर्मिन, फिर अन्य दवाएं, और फिर संभवतः इंसुलिन, मधुमेह को एक स्थायी स्थिति के रूप में देखता है जिसके लिए जीवन भर प्रबंधन की आवश्यकता होती है. लेकिन टाइप 2 मधुमेह मूल रूप से चयापचय संबंधी विकार है, न कि दवा की कमी. यदि इसका जल्दी पता चल जाए, विशेष रूप से जब बीटा कोशिकाओं का कार्य अभी भी बरकरार हो, तो सुनियोजित हस्तक्षेप से वह स्थिति प्राप्त की जा सकती है जिसे अब औपचारिक रूप से छूट के रूप में मान्यता प्राप्त है: मधुमेह की दवाओं के बिना गैर-मधुमेह रक्त शर्करा स्तर, जो लंबे समय तक बना रहता है.

इस दिशा में सुधार की आवश्यकता

एनडीटीवी की रिपोर्ट कहती है कि, हमें HbA1c को चयापचय स्वास्थ्य (Metabolic Health) के संकेतक के रूप में देखना बंद करना होगा. फास्टिंग इंसुलिन, HOMA-IR, CGM डेटा, ApoB और HsCRP मिलकर एक पूरा मेटाबॉलिक हेल्थ के बारे में बताते हैं. जिससे हमें वर्षों पहले ही हस्तक्षेप करने में मदद मिलती है, जब स्थिति में सुधार की सबसे अधिक संभावना होती है.

Lalit Kumar

9 साल से ज्यादा के लंबे करियर में ललित कुमार ने दैनिक जागरण, दैनिक भाष्कर, हिन्दुस्तान और नेटवर्क 18 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, समाज, कला व संस्कृति के अलावा जटिल स्वास्थ्य विषयों और जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं का विश्लेषण उनकी विशेषता है। खबरों का डीप एनालिसिस उनकी पहचान है। हर खबर को आसान भाषा में पाठक तक पहुंचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। वर्तमान में वे देश के सबसे बड़े मीडिया संस्थानों में एक इंडिया न्यूज (डिजिटल) में लाइफस्टाइल, हेल्थ, धर्म और एस्ट्रो टीम का हिस्सा हैं।

Share
Published by
Lalit Kumar

Recent Posts

UP Weather Alert:  सावधान यूपी! लखनऊ-प्रयागराज में आसमान से बरस रही आग; जानें कब होगी उत्तर प्रदेश में झमाझम बारिश ?

UP Weather Alert: उत्तर प्रदेश में मौसम ने जिस तरह करवट ली है वो हैरान कर…

Last Updated: April 25, 2026 07:03:38 IST

Petrol Diesel Price Today 25 April: एक चूक और खर्च डबल! पेट्रोल-डीजल का रेट तुरंत चेक करें

Petrol Diesel Price Today: भारत की तीन प्रमुख तेल विपणन कंपनियां‌ (OMCs) इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन…

Last Updated: April 25, 2026 06:01:42 IST

UP Petrol Diesel Price 25 April: यूपी में पेट्रोल-डीजल बना सिरदर्द! अभी मिलेगी राहत या बढ़ेगा खर्च का तूफान?

Petrol Diesel Rate Today: सुबह 6 बजे, नेशनल ऑयल कंपनियां‌ (OMCs) अपडेटेड कीमतों की घोषणा…

Last Updated: April 25, 2026 06:00:53 IST

नींद में कुछ लोग दांत क्यों पीसते हैं? केवल आदत या किसी बीमारी का संकेत, शरीर देता है ये 5 चेतावनी

Neend Mein Dant Pisna: अक्सर आपने देखा होगा कि, कई लोग सोते वक्त दांत पीसने…

Last Updated: April 25, 2026 00:11:34 IST

Dhirendra Shastri: नागपुर कार्यक्रम में नागेश्वर बाबा का बड़ा बयान, कहा- ‘चार बच्चे पैदा करो, एक RSS…’

‘4 children RSS’ Remark: नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, धीरेंद्र शास्त्री ने एक…

Last Updated: April 25, 2026 00:04:08 IST

Sita Navami 2026: 25 अप्रैल को सीता नवमी, जानें महत्व, 2 घंटे 37 मिनट का है पूजा मुहूर्त

Sita Navami 2026 Date: सनातन धर्म में व्रत-त्योहारों का विशेष महत्व है. इसी क्रम में…

Last Updated: April 25, 2026 00:00:39 IST