Health Benefits to Quit Drinking Alcohol: शराब पीना सेहत के लिए खतरनाक है. शराब पीने के नुकसान आज किसी से छुपे नहीं है. जहां इसके कारण हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, लिवर डिजीज, डाइजेशन प्रोब्लम खा खतरा बढ़ता है. तो वहीं, कई तरह के कैंसर का भी जोखिम बढ़ सकता है. डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के मुताबिक, हर साल करीब 30 लाख लोग शराब पीने की वजह से असमय मौत के शिकार हो जाते हैं. इतना सब जानते हुए भी लोग इसका सेवन करते हैं. ये तो अधिकांश लोग जानते हैं, लेकिन फिर भी लोग शराब पीते ही हैं. पर यकीन मानिए आप सिर्फ एक महीने के लिए शराब छोड़ कर देखिए. इतने तरह के फायदे देखेंगे कि अगले महीने से आप खुद ही शराब से दूरी बना लेंगे. जानिए शराब छोड़ने के नुकसान क्या हैं?
शराब छोड़ने का बॉडी पर क्या असर होगा
ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया गया है कि वैज्ञानिकों ने यह समझने की कोशिश की कि जब कोई व्यक्ति सिर्फ एक महीने तक शराब छोड़ देता है तो उसकी बॉडी पर क्या असर पड़ता है. इसके लिए वैज्ञानिकों ने 94 लोगों पर एक छोटा सा प्रयोग किया. इन लोगों की औसत आयु 45 साल थी. इन लोगों से एक महीने तक शराब को छोड़ देने के लिए कहा गया. दूसरी ओर कुछ लोगों को पहले की तरह कम मात्रा में शराब पीने की छूट दे दी गई. इन लोगों में किसी को भी लिवर या अल्कोहल संबंधी बीमारियां नहीं थी.
शराब छोड़ने वालों पर क्या हुए फायदे
30 दिन के बाद जब इन लोगों के कई तरह के टेस्ट किए गए तब पाया गया कि शराब को छोड़ देने वालों में ब्लड प्रेशर 6 प्रतिशत तक कम हो गया. इतना ही नहीं, इन लोगों ने सिर्फ एक महीने के अंदर अपना 1.5 किलो वजन घटा लिया. इसके साथ ही इंसुलिन रेजिस्टेंस में 25 प्रतिशत तक कमी आ गई. यानी जिस इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण डायबिटीज का जो खतरा था वह 25 प्रतिशत तक कम हो गया.
इस अध्ययन के लेखक और यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन के प्रोफेसर डॉ. केविन मूरे ने बताया कि यह रिजल्ट सिर्फ टेस्ट का नहीं था बल्कि इन लोगों ने यह भी बताया कि वे हर मायने में पहले से बेहतर महसूस कर रहे हैं. उन्हें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से फायदा मिला. शराब छोड़ने के बाद व्यक्ति के लाइफस्टाइल में भी सकारात्मक बदलाव आया है और वे पहले के मुकाबले कम सिगरेट पीने लगे और ज्यादा एक्सरसाइज करने लगें. अध्ययन में यह भी पाया गया कि जिस प्रोटीन के कारण शरीर में कैंसर पनपने का अंदेशा रहता है और हार्ट डिजीज होने का जोखिम रहता है उसमें भी 73 प्रतिशत की कमी आ गई.