OMG: युवती की 2 Vagina और 2 uterus! दुर्लभ बीमारी सुन हिल गए डॉक्टर, जानिए क्या पीरियड्स-प्रेग्नेंसी में होगी मुश्किल

What is Uterus Didelphys: लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में एक अजब-गजब मामला आया. यहां एक ऐसी युवती आई, जिसके 1 नहीं दो प्राइवेट पार्ट, गर्भाशय भी दो. एकबार तो इसको डॉक्टरों ने भी सुना तो चौंक गए. डॉक्टरों की टीम ने इसे गंभीरता से लेते हुए जन्म से दो बच्चेदानी और दो योनि से पीड़ित युवती का सफल ऑपरेशन किया है. डॉ. मीरा पाठक से जानते हैं इस बीमारी में होने वाली कठिनाइयों के बारे में-

What is Uterus Didelphys: अब इसे कुदरत का करिश्मा कहें या कोई गंभीर बीमारी! मामला सुनेंगे तो चौंक जाएंगे. शायद खुद के कानों भरोसा कर पाना तक मुश्किल हो. मामला लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान से निकल कर आया है. यहां एक ऐसी युवती आई, जिसके 1 नहीं दो प्राइवेट पार्ट, गर्भाशय भी दो. एकबार तो इसको डॉक्टरों ने भी सुना तो चौंक गए. हालांकि, डॉक्टरों की टीम ने इसे गंभीरता से लेते हुए जन्म से दो बच्चेदानी और दो योनि से पीड़ित युवती का सफल ऑपरेशन किया है. बता दें कि, तीन चरणों में हुई सर्जरी के बाद युवती अब सामान्य है. दावा है कि इस तरह का यह प्रदेश का पहला मामला है. अब सवाल है कि आखिर, कुछ महिलाओं की 2 वैजाइना क्यों होती हैं? इस दुर्लभ स्थिति को क्या कहा जाता है? किसी युवती के दो बच्चेदानी और दो योनि होना क्या कोई बीमारी है? ऐसा होने पर महिला को किस तरह की परेशानियां होती हैं? इस बारे में India News को बता रही हैं नोएडा की सीनियर मेडिकल ऑफिसर एवं गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. मीरा पाठक- 

डॉक्टर्स बताते हैं कि, मानें तो, इस युवती के जन्म से ही दो बच्चेदानी और दो योनियां थीं. युवती का अपनी पेशाब पर नियंत्रण नहीं था और शौच का रास्ता भी अविकसित था. लोहिया संस्थान के यूरोलॉजी विशेषज्ञ प्रो. ईश्वर राम धायल कहते हैं कि, बलिया निवासी इस युवती का जन्म से ही पेशाब पर नियंत्रण नहीं था. इसकी वजह से उसे बराबर डायपर पहनाया जाता था. उम्र बढ़ने पर भीस्थिति में सुधार नहीं हुआ. बाद उसे पेट साफ न होने की समस्या भी थी. इसके बाद घरवाले उसे लेकर लोहिया संस्थान आए थे.

तीन चरण में सफल ऑपरेशन

डॉ. ईश्वर राम धायल बताते हैं कि, युवती के दो बच्चेदानी और दो योनियां थीं. पेशाब की नलिकाएं गलत स्थान पर खुलीं थीं और गुदा मार्ग योनि के बेहद नजदीक था. ऐसे में सर्जरी करना बेहद जोखिम भरा था. इसके बाद भी टीम ने युवती का तीन चरण में ऑपरेशन करने का फैसला किया गया. पहले चरण में युवती के गुदा मार्ग को सर्जरी करके ठीक किया गया. इसके बाद पेशाब पर नियंत्रण लाने के लिए सर्जरी की गई. इसके बाद दो चरण में पेशाब पर नियंत्रण के लिए सर्जरी की गई. अब युवती सामान्य जीवन जी रही है.

क्या है 2 योनि और 2 बच्चेदानी वाली यह बीमारी?

डॉक्टर के मुताबिक, 2 प्राइवेट पार्ट वाली यह दुर्लभ बीमारी हजार युवतियों में किसी 3 को हो सकती है. इस बीमारी को यूटेरस डिडेलफिस नाम से जाना जाता है. बता दें कि, यूटेरस डिडेलफिस एक दुर्लभ जन्मजात स्थिति है, जिसमें एक महिला में दो गर्भाशय होते हैं. इसको “दोहरा गर्भाशय” भी कहा जाता है. यह तब होता है जब भ्रूण के विकास के दौरान दो मुलेरियन नलिकाएं, जो भविष्य के गर्भाशय का निर्माण करती हैं, ठीक से जुड़ नहीं पातीं हैं. ये नलिकाएं गर्भाशय, गर्भाशय ग्रीवा, फैलोपियन ट्यूब और ऊपरी वैजाइना का निर्माण करती हैं. इस स्थिति में दर्दनाक मासिक धर्म, गर्भावस्था संबंधी समस्याएं और कभी-कभी दो गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) और दो वैजाइना नलिकाएं भी हो सकती हैं.

गर्भाशय डिडेलफिस क्या है?

रिपोर्ट के मुताबिक, यूटेरस डिडेल्फ़िस एक दुर्लभ स्थिति है, जिसमें महिला के 2 गर्भाशय विकसित हो जाते हैं. बता दें कि, दोहरा गर्भाशय एक जन्मजात असामान्यता है, जिसके साथ आप जन्म लेते हैं. हालांकि, दोनों गर्भाशय गुहा एक सामान्य गर्भाशय गुहा की तुलना में संकरे होते हैं. दोनों गर्भाशय की अपनी फैलोपियन ट्यूब और अंडाशय होता है. गर्भाशय गुहा सकरे होने से शारीरिक संबंध बनाना काफी दर्दनाक हो सकता है. इसके अलावा, गर्भावस्था संबंधी समस्याएं और मासिक धर्म दर्दनाक हो सकता है. कुछ लोगों को यूटेरस डिडेलफिस के इलाज के लिए सर्जरी करवानी पड़ती है, लेकिन ज़्यादातर मामलों में इलाज की ज़रूरत नहीं होती है.

क्या यह बीमारी प्रेग्नेंसी को प्रभावित करेगी?

गर्भाशय डिडेलफिस एक दुर्लभ बीमारी है और केवल 0.3% आबादी को प्रभावित करती है. ये सच है कि, गर्भाशय डिडेल्फ़िस आपकी गर्भावस्था को प्रभावित कर सकता है. दोहरे गर्भाशय वाली महिलाओं में गर्भपात और समय से पहले जन्म का खतरा ज़्यादा होता है. हालांकि, कई महिलाओं में गर्भावस्था सामान्य भी हो सकता है.

गर्भाशय डिडेलफिस के लक्षण क्या हैं?

– संबंध बनाने के दौरान दर्द होना.
– मासिक धर्म के दौरान दर्दनाक ऐंठन.
– मासिक धर्म के दौरान भारी रक्तस्राव.
– बार-बार गर्भपात होना.
– समय से पहले प्रसव.
– टैम्पोन यूज करते समय बल्ड का रिसाव होना (टैम्पोन केवल एक वैजाइना नलिका में होता है).

Lalit Kumar

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Lalit Kumar

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