<
Categories: हेल्थ

घरेलू हिंसा से टूटी महिलाएं इस बीमारी की हो रहीं शिकार! तनाव दे रहा दोहरी मार, एक्सपर्ट से जानें लक्षण और बचाव

What is Dysthymia: आजकल महिलाएं अत्याचार व घरेलू हिंसा (Domestic Violence) के कारण कई बार मानसिक अवसाद व तनाव की शिकार हो जाती हैं. मेडिकल साइंस इसे, एडजस्टमेंट डिसऑर्डर या डिस्थीमिया कहता है. अब सवाल है कि आखिर, महिलाएं ही डिस्थीमिया की शिकार क्यों? इस बीमारी के लक्षण क्या हैं? इससे बचाव के उपाय क्या हैं? इस बारे में India News को बता रहे हैं मनोचिकित्सक डॉ. विवेक कुमार-

What is Dysthymia: आजकल शारीरिक बीमारियों की तरह मानसिक सेहत (Mental Health) से जुड़ी बीमारियां भी पैर पसार रही हैं. इनमें चिंता (Anxiety) तनाव (Stress) और अवसाद (Depression) के मामले तेजी से बढ़े हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, आधुनिक जीवनशैली और अन्य कारकों के कारण मानसिक स्वास्थ्य विकार बढ़ रहे हैं. इस तरह की बीमारियां सबसे ज्यादा महिलाओं को शिकार बना रही हैं. इसका मुख्य कारण है, अकेलापन, अत्याचार और घरेलू हिंसा. क्योंकि, महिलाएं अत्याचार व घरेलू हिंसा (Domestic Violence) के कारण कई बार मानसिक अवसाद व तनाव की शिकार हो जाती हैं. मेडिकल साइंस कहती है कि, अत्याचार या हिंसा के कारण ज्यादातर महिलाएं एडजस्टमेंट डिसऑर्डर या डिस्थीमिया (Dysthymia) जैसी बीमारियों से ग्रसित हो जाती है. अब सवाल है कि आखिर, महिलाएं ही डिस्थीमिया की शिकार क्यों? इस मानसिक बीमारी के लक्षण क्या हैं? इससे बचाव के उपाय क्या हैं? इस बारे में India News को बता रहे हैं राजकीय मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सक डॉ. विवेक कुमार-

महिलाएं ही डिस्थीमिया की शिकार क्यों?

डिस्थीमिया एक मानसिक डिसऑर्डर है. यह आमतौर पर महिलाओं में अधिक देखने को मिलता है. दरअसल, महिलाओं को शादी के बाद दूसरे परिवार में जाकर रहना होता है. नए माहौल में सामंजस्य स्थापित कर पाने में कई महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है. हालांकि, कई महिलाओं में यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है. एक्सपर्ट के अनुसार, कोई भी व्यक्ति 6 माह में खुद को माहौल के प्रति अनुकूल बना लेता है, लेकिन कई लोग जब ऐसा नहीं कर पाते हैं. ऐसे लोग डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं. इसके बाद धीरे-धीरे यही वजह डिस्थीमिया का कारण बन जाता है.

एडजस्टमेंट डिसऑर्डर के लक्षण क्या हैं?

जब महिलाएं एडजस्टमेंट डिसऑर्डर की शिकार होती हैं तो उनका व्यवहार विद्रोही हो जाता है. बगैर किसी कारण के चिंतित रहना, उदासी, एकाग्रता में कमी, खुद को लाचार महसूस करना, उत्साह की कमी, डर डर कर रहना, अच्छी नींद न आने जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं. इसके अलावा मांसपेशियों में तनाव, खिंचाव, दर्द या सूजन, पाचन क्रिया में गड़बड़ी जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं. मानसिक तनाव के चलते कई बार पारिवारिक रिश्ते भी प्रभावित होने लगते हैं.

घरेलू हिंसा हो सकता डिस्थीमिया का बड़ा कारण

डॉ. विवेक कहते हैं कि, डिस्थीमिया एक लंबे समय तक चलने वाला निम्न श्रेणी का अवसाद है और यह ज्यादातर घरेलू महिलाओं में होता है. इसका कारण घरेलू हिंसा या प्रताड़ना भी हो सकता है. कहने का मतलब, ऐसी महिलाएं जो अकेलेपन का शिकार होती हैं या ज्यादातर समय निराश रहती हैं, उनमें डिस्थीमिया के लक्षण ज्यादा देखने को मिलते हैं. इसके मुख्य लक्षण- भूख लगने में कमी, नींद का अभाव, थकान, आत्मसम्मान में कमी महसूस करना आदि.

तनाव दूर करने का सबसे बेस्ट तरीका

घरेलू हिंसा के कारण यदि कोई महिला मानसिक अवसाद या अन्य शारीरिक बीमारियों से जूझती है तो वह इसके खिलाफ आवाज उठाए. लेकिन, उससे भी ज्यादा जरूरी है कि, किसी अच्छे डॉक्टर या मनोचिकित्सक से सलाह लें. क्योंकि, एक अच्छा मनोचिकित्सक ही इस समस्याओं से उबारने में मदद कर सकता है. फिर भी घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को मानसिक शांति के लिए मेडिटेशन, योग, प्राणायाम करना चाहिए.

बीमारी पर क्या है डॉक्टर की सलाह

कुछ महिलाओं में डिप्रेशन के लक्षण ज्यादा दिखाई देते हैं. ऐसा महिलाओं में हार्मोन में बदलाव के कारण भी होता है. इसके अलावा पीरियड्स के कारण भी महिलाएं तनाव में रहती है. घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को इलाज के दौरान डॉक्टर को सिर्फ बीमारियों के लक्षण ही नहीं बताने चाहिए, जबकि उसके कारण भी बताने चाहिए ताकि इसका सही इलाज हो सके.

Lalit Kumar

9 साल से ज्यादा के लंबे करियर में ललित कुमार ने दैनिक जागरण, दैनिक भाष्कर, हिन्दुस्तान और नेटवर्क 18 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, समाज, कला व संस्कृति के अलावा जटिल स्वास्थ्य विषयों और जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं का विश्लेषण उनकी विशेषता है। खबरों का डीप एनालिसिस उनकी पहचान है। हर खबर को आसान भाषा में पाठक तक पहुंचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। वर्तमान में वे देश के सबसे बड़े मीडिया संस्थानों में एक इंडिया न्यूज (डिजिटल) में लाइफस्टाइल, हेल्थ, धर्म और एस्ट्रो टीम का हिस्सा हैं।

Share
Published by
Lalit Kumar

Recent Posts

UP Petrol Diesel Price 2 May: पेट्रोल-डीजल पर सस्पेंस जारी! यूपी में राहत मिलेगी या बढ़ेगा खर्च?

Petrol Diesel Rate Today: सुबह 6 बजे, नेशनल ऑयल कंपनियां‌ (OMCs) अपडेटेड कीमतों की घोषणा…

Last Updated: May 2, 2026 05:38:21 IST

Donovan Ferreira: करोड़ों में खेल रहे हैं डोनोवन फरेरा, राजस्थान रॉयल्स में वापसी करते ही चमकी किस्मत!

Donovan Ferreira IPL Salary: आईपीएल 2026 में डोनोवन फरेरा की हुई चांदी, दिल्ली से राजस्थान…

Last Updated: May 1, 2026 23:21:41 IST

दिव्यांका त्रिपाठी के पति विवेक हैं प्रेग्नेंट! ‘बेबी बंप’ संभालने में हालत हुई पतली, कहा- तकलीफ से जान…

Vivek Dahiya: दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया बहुत शादी के 10 साल बाद माता-पिता बनने…

Last Updated: May 1, 2026 23:02:51 IST

मिचेल स्टार्क की पहली ही गेंद पर यशस्वी ने जड़ा छक्का, विराट कोहली के इस खास क्लब में मारी ग्रैंड एंट्री

Yashasvi Jaiswal Record: आईपीएल 2026 में यशस्वी जायसवाल ने मिचेल स्टार्क की पहली ही गेंद…

Last Updated: May 1, 2026 22:24:01 IST

बांग्लादेश की संसद तक पहुंची बंगाल के एग्जिट पोल की गूंज, सांसद अख्तर हुसैन ने कहा- बीजेपी जीती तो…

Bangladeshi MP on Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर 2 चरणों में मतदान…

Last Updated: May 1, 2026 22:19:11 IST

पहले बिरयानी फिर तरबूज खाने से परिवार के 4 लोगों की हुई थी मौत, जांच में मृतकों के शरीर में मिला जहर!

Watermelon Death Case Update: मुंबई के पायधोनी इलाके में बिरयानी और तरबूज खाने से परिवार…

Last Updated: May 1, 2026 21:45:30 IST