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मलेरिया का मच्छर दिन में कहां छिपा रहता है? रात में ही क्यों करता है हमला, एक्सपर्ट से जानें कैसे रहें सुरक्षित

Malaria Mosquito Bites At Night: दिनभर बेफिक्र घूमने वाले मच्छर आखिर रात होते ही ज्यादा सक्रिय क्यों हो जाते हैं? क्या आपने कभी सोचा है कि मलेरिया फैलाने वाले मच्छर दिन में कम और रात में ज्यादा क्यों काटते हैं? अब सवाल है कि आखिर, ये मच्छर दिन में कहां छुप जाते हैं?

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Last Updated: 2026-07-31 16:06:56

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Malaria Mosquito Bites At Night: दिनभर बेफिक्र घूमने वाले मच्छर आखिर रात होते ही ज्यादा सक्रिय क्यों हो जाते हैं? क्या आपने कभी सोचा है कि मलेरिया फैलाने वाले मच्छर दिन में कम और रात में ज्यादा क्यों काटते हैं? इसके पीछे सिर्फ अंधेरा नहीं, बल्कि प्रकृति का एक वैज्ञानिक रहस्य छिपा है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मलेरिया फैलाने वाले एनोफिलीज (Anopheles) मच्छरों की जैविक घड़ी (Biological Clock) उन्हें रात के समय सबसे ज्यादा सक्रिय बनाती है. ऐसे में अगर थोड़ी-सी लापरवाही हुई, तो मलेरिया का खतरा कई गुना बढ़ सकता है. अब सवाल है कि आखिर, ये मच्छर रात में ही क्यों काटते हैं? मलेरिया की बीमारी से बचाव के आसान उपाय क्या हैं? आइए जानते हैं इस बारे में-

रात में ही क्यों काटते हैं मलेरिया के मच्छर?

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, मलेरिया फैलाने वाले एनोफिलीज मच्छर संध्या से लेकर सूर्योदय तक सबसे अधिक सक्रिय रहते हैं. रात के समय तापमान अपेक्षाकृत कम और नमी अधिक होती है, जो इनके लिए अनुकूल वातावरण बनाती है. इसके अलावा, अंधेरे में इंसान अक्सर खुले शरीर के साथ सोते हैं, जिससे मच्छरों के लिए खून चूसना आसान हो जाता है.

दिन में कहां छिपा रहता है मलेरिया का मच्छर?

मलेरिया फैलाने वाला मादा एनोफिलीज मच्छर आमतौर पर दिन के समय तेज धूप और गर्मी से बचने के लिए ठंडी, अंधेरी और नमी वाली जगहों पर छिपा रहता है. घरों में यह पर्दों के पीछे, फर्नीचर के नीचे, अलमारी के कोनों, बाथरूम और अंधेरे कमरों में मिल सकता है. बाहर यह घनी झाड़ियों, घास और अन्य छायादार स्थानों में आराम करता है. आमतौर पर इसकी गतिविधि शाम से सुबह के बीच बढ़ जाती है. इसलिए दिन में मच्छर नजर न आने का मतलब यह नहीं कि वे आसपास मौजूद नहीं हैं. घर में मच्छरदानी और रिपेलेंट का इस्तेमाल बचाव में मददगार हो सकता है.

मलेरिया कैसे होता है?

मेडिकल न्यूज टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मलेरिया एक संक्रामक बीमारी है, जो मादा एनोफिलीज (Female Anopheles) मच्छर के काटने से फैलती है. यह मच्छर प्लाज्मोडियम (Plasmodium) नामक परजीवी को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाता है. बारिश के मौसम में जगह-जगह पानी जमा होने से इन मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है.

मलेरिया के शुरुआती लक्षण

  • तेज बुखार आना
  • ठंड लगकर कंपकंपी होना
  • अत्यधिक पसीना आना
  • सिरदर्द और बदन दर्द
  • उल्टी या मतली
  • कमजोरी और थकान

मलेरिया से बचने के आसान तरीके

  • रात में सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें.
  • पूरी बाजू के कपड़े पहनें.
  • मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट लगाएं.
  • घर के आसपास पानी जमा न होने दें.
  • खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाएं.
  • बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं और स्वयं दवा न लें.

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Last Updated: 2026-07-31 16:06:56

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Malaria Mosquito Bites At Night: दिनभर बेफिक्र घूमने वाले मच्छर आखिर रात होते ही ज्यादा सक्रिय क्यों हो जाते हैं? क्या आपने कभी सोचा है कि मलेरिया फैलाने वाले मच्छर दिन में कम और रात में ज्यादा क्यों काटते हैं? इसके पीछे सिर्फ अंधेरा नहीं, बल्कि प्रकृति का एक वैज्ञानिक रहस्य छिपा है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मलेरिया फैलाने वाले एनोफिलीज (Anopheles) मच्छरों की जैविक घड़ी (Biological Clock) उन्हें रात के समय सबसे ज्यादा सक्रिय बनाती है. ऐसे में अगर थोड़ी-सी लापरवाही हुई, तो मलेरिया का खतरा कई गुना बढ़ सकता है. अब सवाल है कि आखिर, ये मच्छर रात में ही क्यों काटते हैं? मलेरिया की बीमारी से बचाव के आसान उपाय क्या हैं? आइए जानते हैं इस बारे में-

रात में ही क्यों काटते हैं मलेरिया के मच्छर?

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, मलेरिया फैलाने वाले एनोफिलीज मच्छर संध्या से लेकर सूर्योदय तक सबसे अधिक सक्रिय रहते हैं. रात के समय तापमान अपेक्षाकृत कम और नमी अधिक होती है, जो इनके लिए अनुकूल वातावरण बनाती है. इसके अलावा, अंधेरे में इंसान अक्सर खुले शरीर के साथ सोते हैं, जिससे मच्छरों के लिए खून चूसना आसान हो जाता है.

दिन में कहां छिपा रहता है मलेरिया का मच्छर?

मलेरिया फैलाने वाला मादा एनोफिलीज मच्छर आमतौर पर दिन के समय तेज धूप और गर्मी से बचने के लिए ठंडी, अंधेरी और नमी वाली जगहों पर छिपा रहता है. घरों में यह पर्दों के पीछे, फर्नीचर के नीचे, अलमारी के कोनों, बाथरूम और अंधेरे कमरों में मिल सकता है. बाहर यह घनी झाड़ियों, घास और अन्य छायादार स्थानों में आराम करता है. आमतौर पर इसकी गतिविधि शाम से सुबह के बीच बढ़ जाती है. इसलिए दिन में मच्छर नजर न आने का मतलब यह नहीं कि वे आसपास मौजूद नहीं हैं. घर में मच्छरदानी और रिपेलेंट का इस्तेमाल बचाव में मददगार हो सकता है.

मलेरिया कैसे होता है?

मेडिकल न्यूज टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मलेरिया एक संक्रामक बीमारी है, जो मादा एनोफिलीज (Female Anopheles) मच्छर के काटने से फैलती है. यह मच्छर प्लाज्मोडियम (Plasmodium) नामक परजीवी को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाता है. बारिश के मौसम में जगह-जगह पानी जमा होने से इन मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है.

मलेरिया के शुरुआती लक्षण

  • तेज बुखार आना
  • ठंड लगकर कंपकंपी होना
  • अत्यधिक पसीना आना
  • सिरदर्द और बदन दर्द
  • उल्टी या मतली
  • कमजोरी और थकान

मलेरिया से बचने के आसान तरीके

  • रात में सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें.
  • पूरी बाजू के कपड़े पहनें.
  • मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट लगाएं.
  • घर के आसपास पानी जमा न होने दें.
  • खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाएं.
  • बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं और स्वयं दवा न लें.

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