Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश नर्सेज रजिस्ट्रेशन काउंसिल (MPNRC) का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम तब सवालों के घेरे में आ गया, जब एक गधे के नाम पर नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया. NSUI के राज्य उपाध्यक्ष रवि परमार ने दावा किया कि उन्होंने नकली जानकारी, खाली डॉक्यूमेंट्स और गधे की फोटो वाली एक टेस्ट एप्लीकेशन जमा करके ऑनलाइन वेरिफिकेशन प्रोसेस की कमियों को उजागर किया और सर्टिफिकेट मंजूरी की प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए.
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की कमियों को उजागर किया
परमार ने बताया कि उन्होंने ‘MPNRC की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की कमियों की जांच करने के लिए एक टेस्ट के तौर पर एप्लीकेशन जमा की थी. एप्लीकेशन में नाम ‘Donkey’ (गधा) डाला गया, फोटो सेक्शन में गधे की फोटो अपलोड की गई, और माता-पिता के नाम वाले कॉलम में ‘Donkey’s Father’ और ‘Donkey’s Mother’ लिखा गया. जाति वाले कॉलम में ‘Animal’ (जानवर) लिखा गया, जबकि पता भी मनमाने ढंग से भरा गया. इतनी गलत जानकारी के बावजूद, काउंसिल ने नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी कर दिया.

नर्सिंग सर्टिफिकेट के लिए हेराफेरी
परमार के अनुसार, उन्होंने एप्लीकेशन में ट्रेनिंग सेंटर के तौर पर भोपाल नर्सिंग कॉलेज और भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC) को चुना. उन्होंने ’10वीं और 12वीं कक्षा के मार्क्स और रोल नंबर भी मनमाने ढंग से भरे’. उन्होंने दावा किया कि ‘असल ट्रेनिंग पूरी होने का सबूत और डिग्री/डिप्लोमा सर्टिफिकेट अपलोड करने के बजाय, कागज की दो खाली शीट अपलोड की गईं. ₹2,050 की ऑनलाइन फीस भरने के बाद, लगभग पांच मिनट के भीतर 25 सितंबर को नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया’.परमार ने सर्टिफिकेट दिखाते हुए एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर और डिजिटल सिग्नेचर की जानकारी थी.
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नर्सिंग सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन प्रोसेस पर सवाल
परमार ने आरोप लगाया कि इस घटना ने MPNRC के ऑनलाइन वेरिफिकेशन सिस्टम की गंभीर कमियों को उजागर किया है. उन्होंने कहा कि ‘अगर बिना सही डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नर्सिंग सर्टिफिकेट जारी किए जा सकते हैं, तो इससे फर्जी रजिस्ट्रेशन का गलत इस्तेमाल हो सकता है’. उन्होंने बताया कि उन्होंने ‘इस मामले को लेकर MPNRC की चेयरपर्सन बीनू कुशवाहा से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. परमार ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम को मैनेज करने वाली एजेंसी, MP ऑनलाइन की भूमिका की जांच की मांग की है.
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