TAADA द्वारा iNDEXTb (गुजरात सरकार) के सहयोग से हुआ आयोजन; शाम को IDT की भव्य फैशन प्रस्तुति ‘FASHIONOVA 2026’ ने जीता सभी का दिल
भारत को वर्ष 2030 तक 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के वस्त्र एवं परिधान निर्यात के लक्ष्य तक पहुंचाने की दिशा में सूरत ने एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए आज Textile and Apparel Development Association (TAADA) द्वारा iNDEXTb (Government of Gujarat) के सहयोग से “National Textile Export Conclave 2026: Surat’s Export Roadmap” का सफल आयोजन SGCCI प्लेटिनम हॉल, सरसाना, सूरत में किया गया।
देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के राष्ट्रीय निर्यात लक्ष्य को साकार करने में गुजरात तथा विशेष रूप से सूरत की भूमिका को केंद्र में रखते हुए आयोजित इस कॉन्क्लेव में टेक्सटाइल एवं परिधान उद्योग से जुड़े उद्यमियों, निर्यातकों, गारमेंट निर्माताओं, फैब्रिक व्यापारियों, एम्ब्रॉयडरी उद्योग, डिजाइनरों, स्टार्टअप्स, उद्योग संगठनों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सूरत को भारत का अग्रणी निर्यात केंद्र बनाने के लिए व्यावहारिक रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। विशेषज्ञों ने वैश्विक बाजार की मांग, उत्पाद विकास, नए निर्यात अवसर, अंतरराष्ट्रीय बायर्स एवं बाइंग हाउसेज़ तक पहुंच, सरकारी योजनाओं, गुणवत्ता मानकों (Compliances), प्रमाणन, ESG, वित्तीय सुरक्षा तथा बदलते वैश्विक व्यापार परिवेश में प्रतिस्पर्धी बने रहने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कॉन्क्लेव में देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों एवं सरकारी अधिकारियों ने अपने विचार साझा किए।
श्री जिगर दवे, Joint Commissioner, Industries Department, Government of Gujarat एवं iNDEXTb ने *“Gujarat Industrial Policy & Gujarat Textile Policy 2024-2029” पर प्रस्तुति देते हुए वर्ष 2030 तक भारत के निर्यात लक्ष्य को प्राप्त करने में गुजरात की भूमिका एवं राज्य सरकार की नीतियों पर प्रकाश डाला। 
श्री सत्यदेव डी., Foreign Trade Development Officer, DGFT Surat ने निर्यात प्रक्रिया एवं DGFT की सेवाओं की जानकारी दी।
श्री प्रशांत अग्रवाल (Co-Founder, Wazir Advisors), श्री राजीव बंसल (Vice President, Celestial Dreams), श्री अभिषेक अग्रवाल (CEO, Kay Tex Exporters), श्री शायक चटर्जी (Co-Founder, Breathe ESG), श्री सौरभ जैन (Branch Manager, ECGC Surat) तथा श्री जय प्रकाश गोयल (Gujarat Head, FIEO) ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए उद्योग को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने, निर्यात बढ़ाने तथा नए अवसरों का लाभ उठाने के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।
TAADA के अध्यक्ष डॉ. अजय भट्टाचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि आज सूरत MMF (Man-Made Fibre), विस्कोस, एम्ब्रॉयडरी, डेनिम, गारमेंटिंग एवं टेक्निकल टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में देश का अग्रणी उत्पादन केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि यदि उद्योग, निर्यातकों, सरकार एवं संबंधित संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से निर्यातोन्मुख रणनीति अपनाई जाए, तो सूरत भारत के 2030 तक 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के टेक्सटाइल निर्यात के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में सबसे महत्वपूर्ण योगदान देने वाला शहर बन सकता है।
शाम 7:00 बजे Institute of Design & Technology (IDT) द्वारा प्रस्तुत बहुप्रतीक्षित फैशन शो “FASHIONOVA 2026” का भव्य आयोजन किया गया, जिसने अपनी रचनात्मकता, नवाचार एवं सस्टेनेबिलिटी की अनूठी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस फैशन प्रस्तुति में IDT के सूरत, मुजफ्फरपुर, कोट्टायम एवं जूनागढ़ सहित देशभर के विभिन्न केंद्रों से आए लगभग 250 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और अपने स्वयं के डिज़ाइन किए गए विशेष कलेक्शनों का रैंप पर शानदार प्रदर्शन किया। 
फैशन शो में महिला, पुरुष एवं किड्स डिज़ाइनर वियर की आकर्षक श्रृंखलाएं प्रस्तुत की गईं। देशभर में किड्स डिज़ाइनर वियर की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए IDT ने इस वर्ष विशेष रूप से बच्चों के लिए अभिनव एवं ट्रेंड-आधारित कलेक्शन प्रस्तुत किए, जिन्हें दर्शकों और उद्योग विशेषज्ञों ने खूब सराहा।
FASHIONOVA 2026 का सबसे बड़ा आकर्षण फलों के अपशिष्ट (Fruit Waste) से विकसित सस्टेनेबल फैब्रिक से तैयार किए गए विशेष परिधान रहे, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण, सर्कुलर फैशन और भविष्य की हरित टेक्सटाइल तकनीक का प्रभावशाली संदेश दिया। इसके साथ ही भारतीय हस्तकला, आधुनिक डिज़ाइन, तकनीकी नवाचार और सस्टेनेबल फैशन पर आधारित 250 से अधिक डिज़ाइनर परिधानों ने रैंप पर फैशन और पर्यावरण के संतुलित समन्वय की प्रेरणादायक झलक प्रस्तुत की।
इस अवसर पर IDT के निदेशक श्री अनुपम गोयल ने कहा कि “FASHIONOVA केवल एक फैशन शो नहीं, बल्कि भारत के उभरते डिज़ाइनरों के लिए अपनी प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का एक सशक्त मंच है। IDT का उद्देश्य ऐसे डिज़ाइनरों को तैयार करना है, जो रचनात्मकता के साथ-साथ सस्टेनेबिलिटी, तकनीक और उद्योग की बदलती आवश्यकताओं को भी अपने डिज़ाइनों में शामिल कर भारत के फैशन एवं टेक्सटाइल उद्योग को नई दिशा दें।”
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