8th-pay-commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों की नजर अब उसकी रिपोर्ट और लागू होने की प्रक्रिया पर है. सरकार ने आयोग के गठन के लिए 3 नवंबर 2025 की अधिसूचना जारी की थी और उसे 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें देने का समय दिया गया है. इस हिसाब से रिपोर्ट की समयसीमा मई 2027 के आसपास बनती है. आयोग फिलहाल हितधारकों और कर्मचारी संगठनों से सुझाव लेने की प्रक्रिया में है.
जनवरी 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद, लेकिन फैसला बाकी
सरकार ने अपने Terms of Reference में कहा है कि पिछले वेतन आयोगों के 10 साल के चक्र को देखते हुए 8वें वेतन आयोग का प्रभाव सामान्य तौर पर 1 जनवरी 2026 से अपेक्षित है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि नई सैलरी और सभी भत्ते उसी तारीख से अपने आप लागू हो जाएंगे. आयोग की रिपोर्ट के बाद सरकार को सिफारिशों पर फैसला करना होगा.
Level-7 की बेसिक पे और 2.1 फिटमेंट फैक्टर का अनुमान
7वें वेतन आयोग में Level-7 की शुरुआती बेसिक सैलरी ₹44,900 है. अगर उदाहरण के तौर पर 2.1 फिटमेंट फैक्टर मान लिया जाए तो संशोधित बेसिक करीब ₹94,290 बनती है. लेकिन 2.1 फिटमेंट फैक्टर अभी सरकार की ओर से तय नहीं किया गया है, इसलिए यह सिर्फ अनुमान है.
HRA में हर महीने करीब ₹11,854 का अंतर
एक अनुमान में 24% HRA को आधार मानकर गणना की गई है. ₹44,900 की बेसिक पर HRA ₹10,776 बैठता है. वहीं ₹94,290 की अनुमानित नई बेसिक पर 24% HRA करीब ₹22,630 होगा. यानी दोनों के बीच करीब ₹11,854 प्रति माह का अंतर निकलता है. अगर 25 महीने तक नई व्यवस्था लागू नहीं होती और इस अंतर का HRA एरियर नहीं मिलता, तो गणना ₹11,854 × 25 यानी करीब ₹2,96,350 बैठती है. यह वही करीब ₹3 लाख का अनुमान है जिसकी चर्चा हो रही है.
कुछ गणनाओं में नुकसान ₹3.32 लाख तक
ताजा एक अनुमान में HRA के साथ ट्रांसपोर्ट अलाउंस को भी शामिल किया गया है. उसमें जनवरी 2028 तक 25 महीने की देरी की स्थिति में Level-7 कर्मचारी के लिए संभावित अंतर करीब ₹3.32 लाख आंका गया है. मई 2027 के लिए करीब ₹2.29 लाख और अगस्त 2027 के लिए करीब ₹2.68 लाख का अनुमान दिया गया है. ये सभी आंकड़े अनुमान हैं, अंतिम सरकारी आंकड़े नहीं.
असली एरियर कितना होगा, अभी तय नहीं
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 8वें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर, नई HRA दरें और किन भत्तों का एरियर मिलेगा, इन पर अंतिम फैसला अभी बाकी है. इसलिए ₹2.96 लाख या ₹3.32 लाख को हर Level-7 कर्मचारी का निश्चित नुकसान नहीं कहा जा सकता. वास्तविक रकम आयोग की सिफारिशों और सरकार के अंतिम निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी.