Akash Anand: बहुजन समाज पार्टी से निकाले जाने के 22 दिन बाद आकाश आनंद का पहला रिएक्शन आया है. आकाश आनंद ने पूरे विवाद के लिए मायावती से माफी मांगी है. आकाश ने लिखा, “आप मेरी बुआ और मां हैं, और BSP मेरा परिवार है. मैं इसे नहीं छोड़ सकता.” 10 सितंबर को मायावती ने आकाश आनंद और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को BSP से निकाल दिया था. उस समय मायावती ने कहा था कि अशोक सिद्धार्थ के कहने पर आकाश आनंद अपने मिशन से भटक गए थे. इसलिए उन्हें BSP से निकाला जा रहा है. इसके बाद मायावती ने आकाश के छोटे भाई ईशान को कोऑर्डिनेटर बनाया था.
आकाश आनंद ने क्या कहा?
आकाश आनंद ने लिखा कि ‘बहन जी, आप मेरी राजनैतिक गुरु हैं, मेरी प्रेरणा हैं, और मेरी बुआ माँ भी हैं. राजनीति में मैंने जो कुछ सीखा, वो आप से ही सीखा, जो कुछ किया, आपके मार्गदर्शन में किया. इसलिए आज अपनी बात सीधे आपके सामने और पूरे बहुजन समाज के सामने रखना चाहता हूँ. पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया में मेरे बारे में कई तरह की ख़बरें और अफ़वाहें चल रही हैं. मैं साफ़ कर देना चाहता हूँ: मैं किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहा. न आज, न कभी. BSP मेरे लिए सिर्फ़ एक पार्टी नहीं, मेरा परिवार है’.
परम आदरणीय बहन जी,
आप मेरी राजनैतिक गुरु हैं, मेरी प्रेरणा हैं, और मेरी बुआ माँ भी हैं।
राजनीति में मैंने जो कुछ सीखा, वो आप से ही सीखा, जो कुछ किया, आपके मार्गदर्शन में किया। इसलिए आज अपनी बात सीधे आपके सामने और पूरे बहुजन समाज के सामने रखना चाहता हूँ।
पिछले कुछ दिनों से…
— Akash Anand (@AnandAkash_BSP) October 2, 2026
अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकालने का फैसला सही-आकाश आनंद
आकाश आनंद ने आगे कहा कि ‘अशोक सिद्धार्थ जी को पार्टी से निकालने और उनके संन्यास का आपका फ़ैसला पूरी तरह उचित है, और मैं उस फ़ैसले के साथ खड़ा हूँ. रिश्ते अपनी जगह हैं, पर मिशन उनसे बड़ा है. व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों से ऊपर पार्टी और आंदोलन का हित रखना मेरी ज़िम्मेदारी है. उस समय मैंने ख़ुद को सोशल मीडिया से दूर कर लिया था, इसलिए आपके उस पोस्ट को रिपोस्ट नहीं कर पाया. मेरी उस चुप्पी को ग़लत समझा गया, और अफ़वाहों को जगह मिली. अगर इससे आपको ठेस पहुँची है, तो मैं उसके लिए आपसे क्षमा चाहता हूँ. मैं सिर्फ़ आपके नेतृत्व में फिर से पार्टी और मिशन की सेवा का अवसर चाहता हूँ. विश्वास शब्दों से नहीं, काम से बनता है, और मैं उसे अपने आचरण और अपनी मेहनत से साबित करूँगा. बाबा साहेब का मिशन, मान्यवर साहेब का रास्ता, और आपका नेतृत्व. यही मेरी राजनीति है’.