<
Categories: देश

नौकरों के क्वार्टर से लेकर स्टार क्लस्टर तक, एकता शाह ने खोजे छह नए गैलेक्सी क्लस्टर, सेल्समैन की लड़की कैसे बनी साइंटिस्ट?

Ekta Shah: आनंद की एकता शाह ने छह नए गैलेक्सी क्लस्टर खोजे और यूनिवर्स के मैप पर भारतीय नाम रखे. वह आनंद में एक मामूली 13×13 के कमरे में रहती थीं.

Ekta Shah: आनंद की एकता शाह ने छह नए गैलेक्सी क्लस्टर खोजे और यूनिवर्स के मैप पर भारतीय नाम रखे. वह आनंद में एक मामूली 13×13 के कमरे में रहती थीं, जहां गुज़ारा अक्सर माता-पिता दोनों के लंबे समय तक काम करने पर निर्भर करता था. सपनों में एक शांत क्रांति घट रही थी. उस कमरे में लग्ज़री नहीं बल्कि, सवाल थे और उन्हीं सवालों में एक साइंटिस्ट का जन्म हुआ. 

एकता शाह, एक सेल्समैन और एक टेलरिंग वर्कर की बेटी हैं, जिन्होंने पैसे की तंगी से लेकर ग्लोबल साइंटिफिक पहचान तक का एक असाधारण सफ़र को तय किया है. आज वह एक युवा एस्ट्रोफिजिसिस्ट के तौर पर खड़ी हैं, जिन्होंने अपनी पोस्टडॉक्टरल रिसर्च के दौरान, छह पहले से अनजान गैलेक्सी ग्रुप खोजे और उन्हें दृष्टि, श्रवण, सुरभि, रुचि, स्पर्श और स्मृति नाम दिया. यह भारतीय पहचान को अंतरिक्ष की विशालता में ले गईं.

गरीबी में गुजरे दिन

एकता शाह आनंद में एक NRI परिवार के बंगले के सर्वेंट क्वार्टर में पली-बढ़ीं. उनके पिता अर्जुनभाई पटेल एक प्राइवेट कंपनी में सेल्समैन का काम करते थे. उनकी मां लताबेन शाह परिवार की इनकम बढ़ाने के लिए कपड़े सिलती थीं. ज़िंदगी इज़्ज़त और रोज़ की मुश्किलों के बीच एक बैलेंस बनाए हुए थी. फिर भी माता-पिता ने पक्का किया कि उनकी बेटी की पढ़ाई में कभी कोई कमी न आए. बचपन से ही एकता को बहुत जिज्ञासा थी. वह अपने आस-पास की हर चीज पर सवाल उठाती थी. नेचर, घटनाएं, रोज़मर्रा की चीज़ें, ऐसा क्यों है और यह कैसे काम करता है? ये बातें उसके हमेशा साथ देती थीं. उसके पिता जो जवाब दे सकते थे, देते थे और उसके सवालों को कभी हिम्मत नहीं हारी. उन सवालों ने धीरे-धीरे एक साइंटिफिक सोच बनाई.

WhatsApp Image 20260227 at 34245 PM

एकता की एजुकेशन

एकता ने गुजराती मीडियम के स्कूलों के.जे. ठक्कर प्राइमरी स्कूल, आनंद हाई स्कूल और बाद में डी.जेड. पटेल हाई स्कूल में पढ़ाई की. यह चुनाव सोच-समझकर किया गया था. उसके माता-पिता का मानना ​​था कि भाषा कभी भी जिज्ञासा में रुकावट नहीं बननी चाहिए. वह इंजीनियरिंग चुन सकती थी लेकिन एकता का दिल फिजिक्स में था. एक ऐसा सब्जेक्ट जिससे साइंस के स्टूडेंट भी डरते थे. मुश्किल इक्वेशन और एब्स्ट्रैक्ट थिंकिंग के लिए मैथमेटिकल सख्ती और मेंटल डिसिप्लिन की ज़रूरत थी. हायर सेकेंडरी के सालों में उनके फ़िज़िक्स टीचर जलदीपभाई व्यास ने उनकी जिज्ञासा को सही दिशा में गाइड करने में बहुत ज़रूरी रोल निभाया.

एकता ने महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ़ बड़ौदा से ग्रेजुएशन और IIT बॉम्बे से पोस्ट-ग्रेजुएशन पूरा किया. उन्होंने JAM और नेशनल ग्रेजुएट फ़िज़िक्स एग्ज़ामिनेशन जैसे कॉम्पिटिटिव एग्ज़ाम में बहुत अच्छा किया. पढ़ाई के दिनों में उनके पिता ने उन्हें एक लैपटॉप खरीदने के लिए लोन लिया. यह एक छोटा सा डिवाइस था जो नेशनल लेवल के कॉम्पिटिशन और मौकों का उनका गेटवे बन गया. IIT बॉम्बे में वह गुजरात के कुछ स्टूडेंट्स में से एक थीं. 

जब एकता को रोचेस्टर इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में एस्ट्रोफ़िज़िक्स में PhD के लिए एडमिशन मिला तो वह उस साल पूरी दुनिया से चुने गए सिर्फ़ तीन स्टूडेंट्स में से एक थीं. लेकिन चुना जाना तो बस आधी लड़ाई थी. परिवार के पास उनके आने-जाने और शुरुआती खर्चों के लिए कोई ज़रिया नहीं था. एक दुर्लभ सामूहिक दया दिखाते हुए पड़ोसी, रिश्तेदार और यहां तक कि वह NRI परिवार भी जिनके सर्वेंट क्वार्टर में वे रहते थे, मदद के लिए एक साथ आए. उनके योगदान से US तक का उनका सफ़र मुमकिन हुआ. 2015 में जिस दिन उसके माता-पिता ने उसे एयरपोर्ट छोड़ा था, वह दिन उसकी याद में बसा हुआ है. उसके पिता की आँखों में आंसू थे, दर्द, गर्व, डर और विश्वास के वे आंसू ज़िंदगी भर के लिए मोटिवेशन का सोर्स बन गए.

नासा में काम किया

रोचेस्टर में उसने NASA से फंडेड एक प्रोजेक्ट पर काम किया और हवाई में दुनिया के कुछ सबसे पावरफुल टेलिस्कोप का एक्सेस पाया. ऐसी फैसिलिटी जिनके हर इस्तेमाल पर करोड़ों रुपये खर्च होते थे. उसकी रिसर्च गैलेक्सी के टकराव पर फोकस थी. स्टडी का नतीजा यह निकला कि आज के यूनिवर्स में जब दो गैलेक्सी टकराती हैं तो नए तारे बनने की दर लगभग दोगुनी हो जाती है. हालाँकि, शुरुआती यूनिवर्स में ऐसे टकरावों से तारे बनने में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई थी. छह साल की रिसर्च पूरी करने और PhD की डिग्री हासिल करने के बाद, उसे यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया, डेविस में पोस्टडॉक्टरल रिसर्च फेलोशिप मिली, जहां एकता ने तीन साल तक रिसर्च की.

छह गैलेक्सी क्लस्टर खोजे

इस रिसर्च के दौरान एकता ने शुरुआती यूनिवर्स में छह ऐसे गैलेक्सी क्लस्टर खोजे जिनके बारे में पहले कभी पता नहीं चला था. एमिशन और एब्जॉर्प्शन स्पेक्ट्रा का इस्तेमाल करके साइंटिस्ट हाइड्रोजन और हीलियम जैसी गैसों की मौजूदगी को मापते हैं ताकि गैलेक्सी सिस्टम की पहचान की जा सके और उन्हें क्लासिफ़ाई किया जा सके. हालांकि, ये गैलेक्सी क्लस्टर लाखों लाइट-ईयर दूर हैं और मौजूदा टेक्नोलॉजी से फिजिकली पहुंच से बाहर हैं. लेकिन, रोशनी में उनके सिग्नेचर उनकी पहचान मुमकिन बनाते हैं. ये आसमानी बनावटें सिर्फ़ दिसंबर और जनवरी के बीच खास तौर पर फ़िल्टर किए गए बड़े टेलीस्कोप का इस्तेमाल करके दिखाई देती हैं जो आस-पास की रोशनी से होने वाले इंटरफेरेंस को रोकते हैं.

WhatsApp Image 20260227 at 34246 PM

छोटी भारतीयता की छाप

छह इंद्रियों के नाम पर उनका नाम रखना एकता का कॉसमॉस पर एक भारतीय छाप छोड़ने का तरीका था. US में लगभग नौ साल की रिसर्च के बाद एकता अच्छी नौकरी के ऑफ़र ठुकराकर भारत लौट आईं. वह अपने देश के साइंटिफिक इकोसिस्टम में योगदान देना चाहती थीं. उन्हें NASA के सब्जेक्ट एक्सपर्ट पैनल के मेंबर के तौर पर शामिल किया गया है. अभी, वह आनंद से एस्ट्रोफिजिक्स में अपनी रिसर्च जारी रखे हुए हैं. आनंद, जिसे कभी मुख्य रूप से व्हाइट रेवोल्यूशन की ज़मीन के तौर पर जाना जाता था, अब अपनी विरासत में एक और शांत चैप्टर जोड़ रहा है. एक ऐसी युवा महिला को जन्म देना जिसने भारत का नाम गैलेक्सी में पहुंचाया गर्व की बात है.

Recent Posts

Funny Jokes: मैं रोज पूजा करती हूं, काश श्रीकृष्ण के दर्शन हो जाएं? पत्नी के कहने पर फिर पति ने जो कहा…

Funny Jokes of the Day: सेहतमंद रहने के लिए अच्छा खानपान ही नहीं, बल्कि अच्छी…

Last Updated: May 20, 2026 11:46:50 IST

IPL का नया ‘सिक्सर किंग’! वैभव सूर्यवंशी के आगे रसेल-पूरन भी फीके, खतरे में क्रिस गेल का रिकॉर्ड

Most Sixes In IPL: राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में इतिहास…

Last Updated: May 20, 2026 11:33:09 IST

50 लाख की सुपारी, 67 गोलियां और बिछ गई 4 लाशें…  9 साल बाद क्यों बंद हो गया धनबाद का बहुचर्चित हत्याकांड केस

Neeraj Singh Murder: सालों बाद, पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या का मामला, एक…

Last Updated: May 19, 2026 23:48:57 IST

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने कांग्रेस को घेरा, नक्सलवाद लड़ाई खत्म करने में सुरक्षाबलों की जीत बताई

Amit Shah Press Conference: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अभी छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय दौरे…

Last Updated: May 19, 2026 21:37:28 IST

Mahindra XEV 9e Cineluxe Edition vs Hyundai Ioniq 5: किसके फीचर्स दमदार, कौन है सेगमेंट की बेस्ट और वैल्यू फॉर मनी कार

Mahindra XEV 9e Cineluxe Edition vs Hyundai Ioniq 5: को लेकर भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में…

Last Updated: May 19, 2026 20:51:10 IST

Yamaha NMax 155 vs TVS Orbiter में से कौन सा इलेक्ट्रिक स्कूटर बैठेगा बजट में फिट, किसमें मिलेगी ज्यादा दमदार पावर

चलिए जानते हैं दोनों स्कूटरों के बीच अंतर और आपके लिए कौन सा ज्यादा किफायती…

Last Updated: May 19, 2026 20:48:16 IST