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वह महान एक्टर जिसने अटल बिहारी वाजपेयी को हराने में निभाया था अहम रोल, भाजपा को चुभती है हार

Atal Bihari Vajpayee Lost 1962 lok Sabha Election: 1962 में हुई लोकसभा चुनाव में बलराज साहनी के एक भाषण ने अटल बिहारी वाजपेयी को हरा दिया.

Atal Bihari Vajpayee Lost 1962 lok Sabha Election: 1962 में हुआ लोकसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी कभी नहीं भूलेगी, जिसमें दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी को उत्तर प्रदेश की बलरामपुर सीट से हार का सामना करना पड़ा था. हार की कई वजहें थी, लेकिन सबसे बड़ी वजह थे- महान एक्टर बलराज साहनी. बताया जाता है कि एक्टर के एक भाषण ने मतदाताओं पर गजब का जादू किया कि अटल बिहारी चुनाव हार गए. इस स्टोरी में हम बताएंगे इस चुनाव से जुड़ा बेहद दिलचस्प किस्सा.

1957 के लोकसभा चुनाव में अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तर प्रदेश की बलरामपुर सीट से ठीकठाक जीत हासिल की थी. इसके बाद उनकी लोकप्रियता भी बढ़ने लगी थी. 1962 में कांग्रेस ने बलरामपुर सीट से सुभद्रा जोशी को मैदान में उतारा. इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ अटल बिहारी वाजपेयी थे.  उनके जीतने की संभावना भी बहुत थी. कांग्रेस इस बात से वाकिफ थी. ऐसे में वह हरसंभव कोशिश कर रही थी, जिससे अटल बिहारी वाजपेयी चुनाव ना जीत पाएं और सुभद्रा जोशी मैदान मार लें. 

नेहरू ने प्रचार के लिए उतार दिया

यह एक ऐतिहासिक तथ्य और सत्य है कि वर्ष 1962 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की बलरामपुर सीट से अटल बिहारी वाजपेयी की हार के प्रमुख कारण मशहूर अभिनेता बलराज साहनी थे. देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इस सीट पर चुनाव जीतने के लिए एक्टर बलराज साहनी की मदद ली. फिल्म ‘दो बीघा जमीन’ बहुत कामयाब हुई थी. देशभर में अभिनेता बलराज साहनी का नाम हो गया था. उन्होंने किसान का रोल किया था, जिससे वह निचले तबके में भी मशहूर हो गए थे. नेहरू के अनुरोध पर बलराज साहनी सुभद्रा जोशी के समर्थन में प्रचार करने बलरामपुर आए. 

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दिया दमदार भाषण

बलराज साहनी ने उस दौर में रिक्शे से प्रचार किया था.उस समय एक्टर का भाषण सुनने के लिए 15 हजार से भी ज्यादा लोग आए थे. मतदान हुआ और परिणाम आया तो सुभद्रा जोशी ने स्थापित राजनेता और अटल बिहारी वाजपेयी को 2052 वोटों से हरा दिया. यह अलग बात है कि  इस हार के बाद भी अटल बिहारी वाजपेयी ने बलरामपुर में सक्रियता बनाए रखी और अगले ही चुनाव (1967) में उन्होंने सुभद्रा जोशी को हराकर अपनी हार का बदला लिया. यहां पर बता दें कि एक दिन संसद में ही पंडित जवाहर लाल नेहरू के बारे में उनके सामने कहा था कि वह एक दिन देश के पीएम बनेंगे. 

JP YADAV

जेपी यादव डेढ़ दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वह प्रिंट और डिजिटल मीडिया, दोनों में समान रूप से पकड़ रखते हैं. मनोरंजन, साहित्य और राजनीति से संबंधित मुद्दों पर कलम अधिक चलती है. अमर उजाला, दैनिक जागरण, दैनिक हिंदुस्तान, लाइव टाइम्स, ज़ी न्यूज और भारत 24 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.कई बाल कहानियां भी विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं. सामाजिक मुद्दों पर 'रेडी स्टडी गो' नाटक हाल ही में प्रकाशित हुआ है. टीवी और थिएटर के प्रति गहरी रुचि रखते हुए जेपी यादव ने दूरदर्शन पर प्रसारित धारावाहिक 'गागर में सागर' और 'जज्बा' में सहायक लेखक के तौर पर योगदान दिया है. इसके अलावा, उन्होंने शॉर्ट फिल्म 'चिराग' में अभिनय भी किया है. वर्तमान में indianews.in में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत हैं.

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