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Home > देश > DTC Bus Strike: मेट्रो में उमड़ी भारी भीड़, DMRC को चलानी पड़ी 20 एक्स्ट्रा ट्रेन; एक दिन में 80.71 लाख लोगों ने किया सफर

DTC Bus Strike: मेट्रो में उमड़ी भारी भीड़, DMRC को चलानी पड़ी 20 एक्स्ट्रा ट्रेन; एक दिन में 80.71 लाख लोगों ने किया सफर

DTC Drivers Strike: DTC ड्राइवरों की हड़ताल के तीसरे दिन, ज़्यादातर बस स्टॉप और सड़कें सुनसान थीं. नतीजतन, ज़्यादातर यात्री मेट्रो से सफ़र करते दिखे. नतीजतन, मेट्रो स्टेशनों पर भी भारी भीड़ देखी गई. पहले दो दिनों में, मेट्रो यात्रियों की संख्या क्रम से 7.6 मिलियन और 8 मिलियन से ज़्यादा हो गई.

Written By:
Edited By: Uttam Ojha
Published: September 18, 2026 11:32:00 IST
Last Updated: 2026-09-18 11:51:19

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Delhi Bus Strike: बस हड़ताल की वजह से गुरुवार को लोग फंसे रहे, जिससे सरकार की हालत खराब हो गई. लोग बस स्टॉप पर घंटों इंतज़ार करते रहे, लेकिन एक भी बस नहीं आई. इससे ज़्यादातर यात्रियों को मेट्रो इस्तेमाल करनी पड़ी, और कई लोगों को ऑटो और कैब के लिए ज़्यादा किराया देना पड़ा. हड़ताल की वजह से मेट्रो में रोज़ाना से ज़्यादा भीड़ थी. खासकर सुबह के समय, यात्रियों को अपने ऑफिस और बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत हुई. भीड़ ज़्यादा होने की वजह से लोग मेट्रो में धक्का-मुक्की करते दिखे. समय पर सर्विस न मिलने की वजह से कई लोग देर से पहुंचे. 

दोपहर में यात्री बस स्टॉप पर खड़े रहे. थोड़ी देर में एक बस आती हुई दिखी, लेकिन वह बिना रुके निकल गई. कई स्टॉप पर यात्री घंटों से बस का इंतज़ार कर रहे थे. नई दिल्ली के बड़े बस स्टॉप, जिनमें सेंट्रल टर्मिनल, रकाबगंज, NDOP, गुरुद्वारा बंगला साहिब, YMCA, तालकोत्रा, पालिका केंद्र, शिवाजी स्टेडियम, कृषि भवन, मंडी हाउस, ITO और RML शामिल हैं, पर एक भी बस नहीं दिखी. बस स्टॉप, जो आमतौर पर दिन भर यात्रियों से भरे रहते हैं, खाली थे. जो बसें थीं, वे घंटों इंतज़ार कर रही थीं. बस न मिलने पर यात्रियों को ऑटो-रिक्शा, रैपिडो बसों और कैब का सहारा लेना पड़ा. इन सर्विस ने दूसरे दिनों के मुकाबले ज़्यादा किराया लिया, जिससे लोगों को ज़्यादा किराया देना पड़ा.

मेट्रो का सहारा ले रहे हैं यात्री

DTC ड्राइवरों की हड़ताल के तीसरे दिन, ज़्यादातर बस स्टॉप और सड़कें सुनसान थीं. नतीजतन, ज़्यादातर यात्री मेट्रो से सफ़र करते दिखे. नतीजतन, मेट्रो स्टेशनों पर भी भारी भीड़ देखी गई. पहले दो दिनों में, मेट्रो यात्रियों की संख्या क्रम से 7.6 मिलियन और 8 मिलियन से ज़्यादा हो गई. गुरुवार को भी मेट्रो में यात्रियों की संख्या में काफ़ी बढ़ोतरी देखी गई.

DTC बस हड़ताल का गुरुवार को तीसरे दिन काफी असर दिखा. बुधवार को जहां 30% बसें चल रही थीं, वहीं गुरुवार को सड़कों पर कुछ ही बसें दिखीं. दिल्ली में 50 से ज़्यादा डिपो से करीब 7,500 बसें चलती हैं, जिनमें से 6,500 इलेक्ट्रिक बसें हैं. राजधानी में रोज़ाना 20 लाख से ज़्यादा यात्री DTC बसों से सफ़र करते हैं. बसें न चलने से बड़ी संख्या में यात्रियों को काफी परेशानी हुई.

बुधवार को 80.71 लाख यात्रियों ने मेट्रो से किया सफ़र 

 यात्रियों की ज़्यादा भीड़ को संभालने के लिए मेट्रो ने 20 एक्स्ट्रा ट्रेन ट्रिप का इंतज़ाम किया और 8 एक्स्ट्रा ट्रेनें भी चलाईं. DMRC के मुताबिक, सोमवार को जहां 72.73 लाख यात्रियों ने मेट्रो से सफ़र किया, वहीं हड़ताल के पहले दिन मंगलवार को करीब 4 लाख ज़्यादा यात्रियों ने मेट्रो में सफ़र किया. मंगलवार को 76.86 लाख यात्रियों ने मेट्रो में सफ़र किया. बुधवार को 80.71 लाख यात्रियों ने मेट्रो में सफ़र किया. ईस्ट दिल्ली में डिपो पर बसें खड़ी रहीं, लोग ऑटो-रिक्शा और मेट्रो पर निर्भर रहे.

DTC बस हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही, लेकिन ईस्ट दिल्ली की सड़कों पर नज़ारा कल से अलग था. ईस्ट दिल्ली के कई इलाकों में, बस स्टॉप पर कल जितनी भीड़ नहीं थी, क्योंकि यात्रियों को हड़ताल के बारे में बताया गया था. ज़्यादातर लोगों ने ट्रांसपोर्ट के दूसरे तरीके चुने. कम दूरी की यात्रा के लिए, यात्रियों ने ई-रिक्शा और ऑटो को प्राथमिकता दी, जिसके कारण आज सड़कों पर काफी संख्या में ऑटो-रिक्शा दिखे. इस बीच, लंबी दूरी की यात्रा करने वालों ने मेट्रो को चुना, जिसके कारण मेट्रो स्टेशनों पर और भी ज़्यादा भीड़ रही. भीड़ को मैनेज करने के लिए, दिल्ली मेट्रो पहले से ही सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक एक्स्ट्रा ट्रेनें चला रही है.

नंदनगरी डिपो सहित ईस्ट दिल्ली के कई बस स्टॉप के ड्राइवरों ने आज बसें चलाने से मना कर दिया, जिसके कारण इन इलाकों में बस सर्विस पूरी तरह से रुक गई. हड़ताल कर रहे ड्राइवर, मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक बस ड्राइवर, सैलरी बढ़ाने, मेडिकल सुविधाओं, ओवरटाइम पेमेंट और बस डैमेज के लिए पेनल्टी हटाने की मांग कर रहे हैं. ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर पंकज सिंह ने ड्राइवरों से हड़ताल वापस लेने की अपील की है, लेकिन फिलहाल समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है.

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Published: September 18, 2026 11:32:00 IST
Last Updated: 2026-09-18 11:51:19

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Delhi Bus Strike: बस हड़ताल की वजह से गुरुवार को लोग फंसे रहे, जिससे सरकार की हालत खराब हो गई. लोग बस स्टॉप पर घंटों इंतज़ार करते रहे, लेकिन एक भी बस नहीं आई. इससे ज़्यादातर यात्रियों को मेट्रो इस्तेमाल करनी पड़ी, और कई लोगों को ऑटो और कैब के लिए ज़्यादा किराया देना पड़ा. हड़ताल की वजह से मेट्रो में रोज़ाना से ज़्यादा भीड़ थी. खासकर सुबह के समय, यात्रियों को अपने ऑफिस और बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत हुई. भीड़ ज़्यादा होने की वजह से लोग मेट्रो में धक्का-मुक्की करते दिखे. समय पर सर्विस न मिलने की वजह से कई लोग देर से पहुंचे. 

दोपहर में यात्री बस स्टॉप पर खड़े रहे. थोड़ी देर में एक बस आती हुई दिखी, लेकिन वह बिना रुके निकल गई. कई स्टॉप पर यात्री घंटों से बस का इंतज़ार कर रहे थे. नई दिल्ली के बड़े बस स्टॉप, जिनमें सेंट्रल टर्मिनल, रकाबगंज, NDOP, गुरुद्वारा बंगला साहिब, YMCA, तालकोत्रा, पालिका केंद्र, शिवाजी स्टेडियम, कृषि भवन, मंडी हाउस, ITO और RML शामिल हैं, पर एक भी बस नहीं दिखी. बस स्टॉप, जो आमतौर पर दिन भर यात्रियों से भरे रहते हैं, खाली थे. जो बसें थीं, वे घंटों इंतज़ार कर रही थीं. बस न मिलने पर यात्रियों को ऑटो-रिक्शा, रैपिडो बसों और कैब का सहारा लेना पड़ा. इन सर्विस ने दूसरे दिनों के मुकाबले ज़्यादा किराया लिया, जिससे लोगों को ज़्यादा किराया देना पड़ा.

मेट्रो का सहारा ले रहे हैं यात्री

DTC ड्राइवरों की हड़ताल के तीसरे दिन, ज़्यादातर बस स्टॉप और सड़कें सुनसान थीं. नतीजतन, ज़्यादातर यात्री मेट्रो से सफ़र करते दिखे. नतीजतन, मेट्रो स्टेशनों पर भी भारी भीड़ देखी गई. पहले दो दिनों में, मेट्रो यात्रियों की संख्या क्रम से 7.6 मिलियन और 8 मिलियन से ज़्यादा हो गई. गुरुवार को भी मेट्रो में यात्रियों की संख्या में काफ़ी बढ़ोतरी देखी गई.

DTC बस हड़ताल का गुरुवार को तीसरे दिन काफी असर दिखा. बुधवार को जहां 30% बसें चल रही थीं, वहीं गुरुवार को सड़कों पर कुछ ही बसें दिखीं. दिल्ली में 50 से ज़्यादा डिपो से करीब 7,500 बसें चलती हैं, जिनमें से 6,500 इलेक्ट्रिक बसें हैं. राजधानी में रोज़ाना 20 लाख से ज़्यादा यात्री DTC बसों से सफ़र करते हैं. बसें न चलने से बड़ी संख्या में यात्रियों को काफी परेशानी हुई.

बुधवार को 80.71 लाख यात्रियों ने मेट्रो से किया सफ़र 

 यात्रियों की ज़्यादा भीड़ को संभालने के लिए मेट्रो ने 20 एक्स्ट्रा ट्रेन ट्रिप का इंतज़ाम किया और 8 एक्स्ट्रा ट्रेनें भी चलाईं. DMRC के मुताबिक, सोमवार को जहां 72.73 लाख यात्रियों ने मेट्रो से सफ़र किया, वहीं हड़ताल के पहले दिन मंगलवार को करीब 4 लाख ज़्यादा यात्रियों ने मेट्रो में सफ़र किया. मंगलवार को 76.86 लाख यात्रियों ने मेट्रो में सफ़र किया. बुधवार को 80.71 लाख यात्रियों ने मेट्रो में सफ़र किया. ईस्ट दिल्ली में डिपो पर बसें खड़ी रहीं, लोग ऑटो-रिक्शा और मेट्रो पर निर्भर रहे.

DTC बस हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही, लेकिन ईस्ट दिल्ली की सड़कों पर नज़ारा कल से अलग था. ईस्ट दिल्ली के कई इलाकों में, बस स्टॉप पर कल जितनी भीड़ नहीं थी, क्योंकि यात्रियों को हड़ताल के बारे में बताया गया था. ज़्यादातर लोगों ने ट्रांसपोर्ट के दूसरे तरीके चुने. कम दूरी की यात्रा के लिए, यात्रियों ने ई-रिक्शा और ऑटो को प्राथमिकता दी, जिसके कारण आज सड़कों पर काफी संख्या में ऑटो-रिक्शा दिखे. इस बीच, लंबी दूरी की यात्रा करने वालों ने मेट्रो को चुना, जिसके कारण मेट्रो स्टेशनों पर और भी ज़्यादा भीड़ रही. भीड़ को मैनेज करने के लिए, दिल्ली मेट्रो पहले से ही सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक एक्स्ट्रा ट्रेनें चला रही है.

नंदनगरी डिपो सहित ईस्ट दिल्ली के कई बस स्टॉप के ड्राइवरों ने आज बसें चलाने से मना कर दिया, जिसके कारण इन इलाकों में बस सर्विस पूरी तरह से रुक गई. हड़ताल कर रहे ड्राइवर, मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक बस ड्राइवर, सैलरी बढ़ाने, मेडिकल सुविधाओं, ओवरटाइम पेमेंट और बस डैमेज के लिए पेनल्टी हटाने की मांग कर रहे हैं. ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर पंकज सिंह ने ड्राइवरों से हड़ताल वापस लेने की अपील की है, लेकिन फिलहाल समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है.

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