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पैन Card बनवाने का आसान तरीका, न फीस, न कागजी झंझट, आधार से घर बैठे बनाएं इंस्टेंट ई-पैन

Instant e-PAN: बिना फीस पैन बनवाने का आसान तरीका: आयकर विभाग की Instant e-पैन सुविधा के जरिए जिन लोगों को अभी तक पैन आवंटित नहीं हुआ है, वे आधार और उससे लिंक मोबाइल नंबर की मदद से घर बैठे ऑनलाइन e-पैन के लिए आवेदन कर सकते हैं. यह सुविधा मुफ्त है और इसमें कागजी आवेदन या पैन केंद्र पर जाने की जरूरत नहीं होती. ध्यान रखें कि पहले से पैन रखने वाले व्यक्ति इस सुविधा से नया पैन नहीं बनवा सकते.

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Last Updated: August 11, 2026 13:50:49 IST

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Instant e-PAN: पैन कार्ड आज के समय में सिर्फ इनकम टैक्स रिटर्न भरने तक सीमित नहीं है. बैंकिंग से लेकर कई तरह के वित्तीय कामों में इसकी जरूरत पड़ती है. ऐसे में अगर आपके पास अभी तक पैन नहीं है, तो आयकर विभाग की इंस्टेंट ई-पैन सुविधा आपके लिए काफी काम की हो सकती है. इस सुविधा के जरिए पात्र व्यक्ति बिना किसी शुल्क के ऑनलाइन ई-पैन के लिए आवेदन कर सकता है. इसके लिए किसी पैन सेवा केंद्र पर जाने या कागजी आवेदन जमा करने की जरूरत नहीं होती. खास बात यह है कि इंस्टेंट ई-पैन के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया आधार आधारित है. आवेदक के पास वैध आधार और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर होना चाहिए. आयकर विभाग के मुताबिक यह सुविधा केवल उन लोगों के लिए है जिन्हें अभी तक पैन आवंटित नहीं हुआ है. यानी जिनके पास पहले से पैन है, वे इस सुविधा के जरिए नया पैन नहीं बनवा सकते.

पैन की जरूरत बढ़ी, ऐसे में इंस्टेंट ई-पैन हो सकता है आसान विकल्प

पैन यानी Permanent Account Number वित्तीय पहचान के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. इनकम टैक्स रिटर्न से जुड़े कामों के अलावा कई बैंकिंग और वित्तीय गतिविधियों में पैन की जरूरत पड़ सकती है. इसलिए जिन लोगों ने अभी तक पैन नहीं बनवाया है, उनके लिए ऑनलाइन ई-पैन की सुविधा प्रक्रिया को आसान बनाती है. पहले पैन के लिए आवेदन करने के बाद कार्ड के जारी होने और फिजिकल कार्ड मिलने का इंतजार करना पड़ता था. अब पात्र आवेदक आयकर विभाग के e-Filing पोर्टल पर जाकर इंस्टेंट ई-पैन के लिए आवेदन कर सकते हैं. विभाग केअनुसार यह सेवा पूरी तरह ऑनलाइन और मुफ्त है.

सबसे पहले जान लें, कौन बनवा सकता है इंस्टेंट ई-पैन?

इंस्टेंट ई-पैन की सुविधा हर व्यक्ति के लिए नहीं है. आयकर विभाग के मुताबिक इसके लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि आवेदक को पहले से पैन आवंटित नहीं हुआ होना चाहिए. इसके अलावा आवेदक के पास वैध आधार नंबर होना चाहिए और आधार से मोबाइल नंबर लिंक होना जरूरी है. आवेदन की तारीख पर आवेदक नाबालिग नहीं होना चाहिए. साथ ही कुछ विशेष श्रेणियों, जैसे आयकर अधिनियम की धारा 160 के तहत Representative Assessee की परिभाषा में आने वाले व्यक्ति, इस सुविधा के लिए पात्र नहीं हैं.

इंस्टेंट ई-पैन के लिए क्या-क्या चाहिए?

आयकर विभाग के मुताबिक नया इंस्टेंट ई-पैन प्राप्त करने के लिए मुख्य रूप से ये चीजें जरूरी हैं वैध 12 अंकों वाला आधार नंबरआधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर,आधार में अपडेटेड KYC विवरण,आवेदक के नाम पर पहले से पैन आवंटित नहीं होना चाहिए. इस सुविधा में सामान्य तौर पर अलग से कागजी आवेदन, स्कैन की हुई फोटो या हस्ताक्षर जमा करने की जरूरत नहीं होती. विभाग के FAQ में साफ कहा गया है कि यह प्रक्रिया ऑनलाइन है और इसमें फिजिकल KYC दस्तावेज जमा करने या व्यक्तिगत सत्यापन के लिए केंद्र पर जाने की जरूरत नहीं है.

घर बैठे ऐसे करें इंस्टेंट ई-पैन के लिए आवेदन

इंस्टेंट ई-पैन बनवाने के लिए सबसे पहले आयकर विभाग के e-Filing पोर्टल पर जाना होगा. इसके बाद होमपेज पर दिए गए इंस्टेंट ई-पैन विकल्प को चुनें.इसके बाद ई-पैन पेज पर Get New ई-पैन विकल्प दिखाई देगा. इस पर क्लिक करने के बाद अपना 12 अंकों वाला आधार नंबर दर्ज करें और आगे बढ़ें. आयकर विभाग की आधिकारिक प्रक्रिया के अनुसार इसके बाद आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा.

ओटीपी डालते ही शुरू होगा आधार वेरिफिकेशन

आधार नंबर दर्ज करने के बाद मोबाइल पर प्राप्त 6 अंकों का ओटीपी दर्ज करना होगा. ओटीपी के जरिए आपकी पहचान और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर का सत्यापन किया जाएगा.आयकर विभाग की उपयोगकर्ता पुस्तिका के अनुसार ओटीपी केवल सीमित समय के लिए मान्य रहता है. ओटीपी सत्यापन के बाद आधार विवरण को UIDAI के रिकॉर्ड से सत्यापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है. इसके बाद सिस्टम आपके आधार में उपलब्ध जानकारी के आधार पर ई-पैन जारी करने की प्रक्रिया पूरी करेगा. इसलिए आवेदन करने से पहले आधार में दर्ज नाम और अन्य जरूरी विवरण सही होना महत्वपूर्ण है.

नाम और जन्मतिथि जरूर देखें

आवेदन जमा करने से पहले नाम और जन्मतिथि जरूर देखें आवेदन पूरा करने से पहले स्क्रीन पर दिखाई देने वाली जानकारी को ध्यान से जांचना जरूरी है. खास तौर पर नाम, जन्मतिथि और आधार से संबंधित विवरणों में किसी गलती की स्थिति में आवेदन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. आयकर विभाग के अनुसार यदि आधार में नाम, जन्मतिथि या लिंग जैसी जानकारी गलत है, तो पहले आधार डेटाबेस में इन विवरणों को सही कराना होगा. इसी तरह अगर आधार किसी सक्रिय मोबाइल नंबर से लिंक नहीं है, तो पहले मोबाइल नंबर अपडेट कराना जरूरी होगा

आवेदन सफल हुआ तो मिलेगा Acknowledgement ID

इंस्टेंट ई-पैन के लिए आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद स्क्रीन पर एक Acknowledgement ID दिखाई जाएगी. इसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखना जरूरी है. आयकर विभाग के अनुसार यह Acknowledgement ID आपके मोबाइल नंबर पर भी भेजी जा सकती है. इसी के जरिए आप अपने ई-पैन अनुरोध की स्थिति से जुड़ी जानकारी आगे देख सकते हैं.

इंस्टेंट ई-पैन बनवाने में कितनी फीस लगेगी?

इंस्टेंट ई-पैन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता. आयकर विभाग ने इस सेवा को पूरी तरह मुफ्त रखा है. इसका मतलब है कि पात्र व्यक्ति घर बैठे स्मार्टफोन या कंप्यूटर के जरिए आवेदन कर सकता है और इसके लिए किसी एजेंट या पैन सेवा केंद्र को फीस देने की जरूरत नहीं है.

क्या इंस्टेंट ई-पैन और पैन Card अलग होते हैं?

यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है. इंस्टेंट ई-पैन के जरिए आपको इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में पैन जारी किया जाता है. आयकर विभाग के मुताबिक ई-पैन वैध पैन है. हालांकि, इंस्टेंट ई-पैन सेवा के तहत आपको अपने आप फिजिकल पैन कार्ड नहीं भेजा जाता. अगर आपको प्रिंटेड या फिजिकल पैन कार्ड चाहिए तो उसके लिए अलग से अनुरोध किया जा सकता है. अगर किसी व्यक्ति को पहले ही पैन आवंटित हो चुका है और उसका पैन आधार से लिंक है, तो वह इंस्टेंट ई-पैन के जरिए दूसरा पैन नहीं बनवा सकता. अगर किसी व्यक्ति का पैन कार्ड खो गया है, तब भी इंस्टेंट ई-पैन सुविधा का इस्तेमाल नया पैन बनाने के लिए नहीं किया जा सकता. आयकर विभाग के अनुसार ऐसी स्थिति में पहले से आवंटित पैन से जुड़े विकल्पों के जरिए पैन की जानकारी या फिजिकल कार्ड से संबंधित प्रक्रिया अपनानी होगी.

आधार में गलती है तो पहले उसे ठीक कराएं

इंस्टेंट ई-पैन के आवेदन के दौरान अगर आधार में दर्ज नाम, जन्मतिथि या लिंग में गलती है, तो आवेदन अटक सकता है. ऐसी स्थिति में पहले आधार रिकॉर्ड में जरूरी सुधार कराना होगा.इसी तरह अगर आधार के साथ कोई सक्रिय मोबाइल नंबर लिंक नहीं है तो ओटीपी आधारित सत्यापन पूरा नहीं हो पाएगा. आयकर विभाग ने ऐसी स्थिति में आधार विवरण और मोबाइल नंबर को अपडेट कराने की सलाह दी है.

DigiLocker को लेकर जरूरी बात

इंस्टेंट ई-पैन से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर कई जगह DigiLocker और जन्मतिथि के दस्तावेजों को अनिवार्य बताया जाता है. लेकिन आयकर विभाग की मौजूदा आधिकारिक जानकारी के मुताबिक नया इंस्टेंट ई-पैन प्राप्त करने के लिए मुख्य आवश्यकता वैध आधार, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और अपडेटेड KYC विवरण हैं. विभाग के FAQ में नए ई-पैन के लिए आवश्यक दस्तावेज के तौर पर इन्हीं आधार आधारित विवरणों का उल्लेख किया गया है. इसलिए केवल इंस्टेंट ई-पैन आवेदन के लिए 10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाणपत्र को अनिवार्य दस्तावेज मानना सही नहीं होगा.

घर बैठे पैन चाहिए तो आधिकारिक पोर्टल से ही करें आवेदन

इंस्टेंट ई-पैन के नाम पर कई एजेंट और थर्ड पार्टी वेबसाइटें शुल्क लेने का दावा कर सकती हैं. लेकिन आयकर विभाग की आधिकारिक सुविधा के तहत नया इंस्टेंट ई-पैन मुफ्त में जारी किया जाता है.इसलिए आवेदन करते समय किसी अनधिकृत वेबसाइट या एजेंट को अपनी आधार और ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी देने से बचें. आवेदन के लिए सीधे आयकर विभाग के आधिकारिक e-Filing पोर्टल का इस्तेमाल करना बेहतर है.

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Last Updated: August 11, 2026 13:50:49 IST

Mobile Ads 1x1

Instant e-PAN: पैन कार्ड आज के समय में सिर्फ इनकम टैक्स रिटर्न भरने तक सीमित नहीं है. बैंकिंग से लेकर कई तरह के वित्तीय कामों में इसकी जरूरत पड़ती है. ऐसे में अगर आपके पास अभी तक पैन नहीं है, तो आयकर विभाग की इंस्टेंट ई-पैन सुविधा आपके लिए काफी काम की हो सकती है. इस सुविधा के जरिए पात्र व्यक्ति बिना किसी शुल्क के ऑनलाइन ई-पैन के लिए आवेदन कर सकता है. इसके लिए किसी पैन सेवा केंद्र पर जाने या कागजी आवेदन जमा करने की जरूरत नहीं होती. खास बात यह है कि इंस्टेंट ई-पैन के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया आधार आधारित है. आवेदक के पास वैध आधार और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर होना चाहिए. आयकर विभाग के मुताबिक यह सुविधा केवल उन लोगों के लिए है जिन्हें अभी तक पैन आवंटित नहीं हुआ है. यानी जिनके पास पहले से पैन है, वे इस सुविधा के जरिए नया पैन नहीं बनवा सकते.

पैन की जरूरत बढ़ी, ऐसे में इंस्टेंट ई-पैन हो सकता है आसान विकल्प

पैन यानी Permanent Account Number वित्तीय पहचान के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. इनकम टैक्स रिटर्न से जुड़े कामों के अलावा कई बैंकिंग और वित्तीय गतिविधियों में पैन की जरूरत पड़ सकती है. इसलिए जिन लोगों ने अभी तक पैन नहीं बनवाया है, उनके लिए ऑनलाइन ई-पैन की सुविधा प्रक्रिया को आसान बनाती है. पहले पैन के लिए आवेदन करने के बाद कार्ड के जारी होने और फिजिकल कार्ड मिलने का इंतजार करना पड़ता था. अब पात्र आवेदक आयकर विभाग के e-Filing पोर्टल पर जाकर इंस्टेंट ई-पैन के लिए आवेदन कर सकते हैं. विभाग केअनुसार यह सेवा पूरी तरह ऑनलाइन और मुफ्त है.

सबसे पहले जान लें, कौन बनवा सकता है इंस्टेंट ई-पैन?

इंस्टेंट ई-पैन की सुविधा हर व्यक्ति के लिए नहीं है. आयकर विभाग के मुताबिक इसके लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि आवेदक को पहले से पैन आवंटित नहीं हुआ होना चाहिए. इसके अलावा आवेदक के पास वैध आधार नंबर होना चाहिए और आधार से मोबाइल नंबर लिंक होना जरूरी है. आवेदन की तारीख पर आवेदक नाबालिग नहीं होना चाहिए. साथ ही कुछ विशेष श्रेणियों, जैसे आयकर अधिनियम की धारा 160 के तहत Representative Assessee की परिभाषा में आने वाले व्यक्ति, इस सुविधा के लिए पात्र नहीं हैं.

इंस्टेंट ई-पैन के लिए क्या-क्या चाहिए?

आयकर विभाग के मुताबिक नया इंस्टेंट ई-पैन प्राप्त करने के लिए मुख्य रूप से ये चीजें जरूरी हैं वैध 12 अंकों वाला आधार नंबरआधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर,आधार में अपडेटेड KYC विवरण,आवेदक के नाम पर पहले से पैन आवंटित नहीं होना चाहिए. इस सुविधा में सामान्य तौर पर अलग से कागजी आवेदन, स्कैन की हुई फोटो या हस्ताक्षर जमा करने की जरूरत नहीं होती. विभाग के FAQ में साफ कहा गया है कि यह प्रक्रिया ऑनलाइन है और इसमें फिजिकल KYC दस्तावेज जमा करने या व्यक्तिगत सत्यापन के लिए केंद्र पर जाने की जरूरत नहीं है.

घर बैठे ऐसे करें इंस्टेंट ई-पैन के लिए आवेदन

इंस्टेंट ई-पैन बनवाने के लिए सबसे पहले आयकर विभाग के e-Filing पोर्टल पर जाना होगा. इसके बाद होमपेज पर दिए गए इंस्टेंट ई-पैन विकल्प को चुनें.इसके बाद ई-पैन पेज पर Get New ई-पैन विकल्प दिखाई देगा. इस पर क्लिक करने के बाद अपना 12 अंकों वाला आधार नंबर दर्ज करें और आगे बढ़ें. आयकर विभाग की आधिकारिक प्रक्रिया के अनुसार इसके बाद आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा.

ओटीपी डालते ही शुरू होगा आधार वेरिफिकेशन

आधार नंबर दर्ज करने के बाद मोबाइल पर प्राप्त 6 अंकों का ओटीपी दर्ज करना होगा. ओटीपी के जरिए आपकी पहचान और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर का सत्यापन किया जाएगा.आयकर विभाग की उपयोगकर्ता पुस्तिका के अनुसार ओटीपी केवल सीमित समय के लिए मान्य रहता है. ओटीपी सत्यापन के बाद आधार विवरण को UIDAI के रिकॉर्ड से सत्यापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है. इसके बाद सिस्टम आपके आधार में उपलब्ध जानकारी के आधार पर ई-पैन जारी करने की प्रक्रिया पूरी करेगा. इसलिए आवेदन करने से पहले आधार में दर्ज नाम और अन्य जरूरी विवरण सही होना महत्वपूर्ण है.

नाम और जन्मतिथि जरूर देखें

आवेदन जमा करने से पहले नाम और जन्मतिथि जरूर देखें आवेदन पूरा करने से पहले स्क्रीन पर दिखाई देने वाली जानकारी को ध्यान से जांचना जरूरी है. खास तौर पर नाम, जन्मतिथि और आधार से संबंधित विवरणों में किसी गलती की स्थिति में आवेदन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. आयकर विभाग के अनुसार यदि आधार में नाम, जन्मतिथि या लिंग जैसी जानकारी गलत है, तो पहले आधार डेटाबेस में इन विवरणों को सही कराना होगा. इसी तरह अगर आधार किसी सक्रिय मोबाइल नंबर से लिंक नहीं है, तो पहले मोबाइल नंबर अपडेट कराना जरूरी होगा

आवेदन सफल हुआ तो मिलेगा Acknowledgement ID

इंस्टेंट ई-पैन के लिए आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद स्क्रीन पर एक Acknowledgement ID दिखाई जाएगी. इसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखना जरूरी है. आयकर विभाग के अनुसार यह Acknowledgement ID आपके मोबाइल नंबर पर भी भेजी जा सकती है. इसी के जरिए आप अपने ई-पैन अनुरोध की स्थिति से जुड़ी जानकारी आगे देख सकते हैं.

इंस्टेंट ई-पैन बनवाने में कितनी फीस लगेगी?

इंस्टेंट ई-पैन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता. आयकर विभाग ने इस सेवा को पूरी तरह मुफ्त रखा है. इसका मतलब है कि पात्र व्यक्ति घर बैठे स्मार्टफोन या कंप्यूटर के जरिए आवेदन कर सकता है और इसके लिए किसी एजेंट या पैन सेवा केंद्र को फीस देने की जरूरत नहीं है.

क्या इंस्टेंट ई-पैन और पैन Card अलग होते हैं?

यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है. इंस्टेंट ई-पैन के जरिए आपको इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में पैन जारी किया जाता है. आयकर विभाग के मुताबिक ई-पैन वैध पैन है. हालांकि, इंस्टेंट ई-पैन सेवा के तहत आपको अपने आप फिजिकल पैन कार्ड नहीं भेजा जाता. अगर आपको प्रिंटेड या फिजिकल पैन कार्ड चाहिए तो उसके लिए अलग से अनुरोध किया जा सकता है. अगर किसी व्यक्ति को पहले ही पैन आवंटित हो चुका है और उसका पैन आधार से लिंक है, तो वह इंस्टेंट ई-पैन के जरिए दूसरा पैन नहीं बनवा सकता. अगर किसी व्यक्ति का पैन कार्ड खो गया है, तब भी इंस्टेंट ई-पैन सुविधा का इस्तेमाल नया पैन बनाने के लिए नहीं किया जा सकता. आयकर विभाग के अनुसार ऐसी स्थिति में पहले से आवंटित पैन से जुड़े विकल्पों के जरिए पैन की जानकारी या फिजिकल कार्ड से संबंधित प्रक्रिया अपनानी होगी.

आधार में गलती है तो पहले उसे ठीक कराएं

इंस्टेंट ई-पैन के आवेदन के दौरान अगर आधार में दर्ज नाम, जन्मतिथि या लिंग में गलती है, तो आवेदन अटक सकता है. ऐसी स्थिति में पहले आधार रिकॉर्ड में जरूरी सुधार कराना होगा.इसी तरह अगर आधार के साथ कोई सक्रिय मोबाइल नंबर लिंक नहीं है तो ओटीपी आधारित सत्यापन पूरा नहीं हो पाएगा. आयकर विभाग ने ऐसी स्थिति में आधार विवरण और मोबाइल नंबर को अपडेट कराने की सलाह दी है.

DigiLocker को लेकर जरूरी बात

इंस्टेंट ई-पैन से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर कई जगह DigiLocker और जन्मतिथि के दस्तावेजों को अनिवार्य बताया जाता है. लेकिन आयकर विभाग की मौजूदा आधिकारिक जानकारी के मुताबिक नया इंस्टेंट ई-पैन प्राप्त करने के लिए मुख्य आवश्यकता वैध आधार, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और अपडेटेड KYC विवरण हैं. विभाग के FAQ में नए ई-पैन के लिए आवश्यक दस्तावेज के तौर पर इन्हीं आधार आधारित विवरणों का उल्लेख किया गया है. इसलिए केवल इंस्टेंट ई-पैन आवेदन के लिए 10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाणपत्र को अनिवार्य दस्तावेज मानना सही नहीं होगा.

घर बैठे पैन चाहिए तो आधिकारिक पोर्टल से ही करें आवेदन

इंस्टेंट ई-पैन के नाम पर कई एजेंट और थर्ड पार्टी वेबसाइटें शुल्क लेने का दावा कर सकती हैं. लेकिन आयकर विभाग की आधिकारिक सुविधा के तहत नया इंस्टेंट ई-पैन मुफ्त में जारी किया जाता है.इसलिए आवेदन करते समय किसी अनधिकृत वेबसाइट या एजेंट को अपनी आधार और ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी देने से बचें. आवेदन के लिए सीधे आयकर विभाग के आधिकारिक e-Filing पोर्टल का इस्तेमाल करना बेहतर है.

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