Gangster Harry Boxer: लॉरेंस बिश्नोई का करीबी गैंगस्टर हैरी बॉक्सर अमेरिका के कैलिफोर्निया में में छिपा हुआ था, जिसे हिरासत में लेने के बाद एजेंसियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया गया. हरियाणा एसटीएफ ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हैरी बॉक्सर को अमेरिका से हिरासत में लिया गया था. इसके बाद अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने बताया है कि वो लॉरेंस बिश्नोई गैंग को अमेरिका में बैठकर ऑपरेट कर रहा था.
बता दें कि हैरी बॉक्सर का नाम कई चर्चित आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है. उस पर हत्या, फायरिंग, धमकी और कारोबारियों से रंगदारी मांगने जैसे गंभीर आरोप हैं. खास बात ये है कि बॉलीवुड फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी लेने के बाद भी वह चर्चा में आया था. उसका नाम दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में दर्ज मामलों में भी सामने आया है.
रोहित शेट्टी को भी दी थी धमकी
हैरी बॉक्सर का नाम उस वक्त चर्चा में आया, जब रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की घटना हुई थी. इस घटना के बाद सोशल मीडिया पोस्ट और कथित ऑडियो के जरिए हैरी ने इसकी जिम्मेदारी लेने का दावा किया था. उसने बॉलीवुड से जुड़े लोगों को भी धमकी दी थी. इसके अलावा रणवीर सिंह और तुषार कपूर जैसे सितारों को धमकाने के मामलों में भी उसका नाम सामने आया है. कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हुई फायरिंग के मामले में भी हैरी बॉक्सर का नाम सामने आया था. इन घटनाओं ने उसे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर ला दिया.
कौन है हैरी बॉक्सर?
हैरी बॉक्सर का असली नाम हरिचंद जाट बताया जाता है. वह राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बामसूर इलाके का रहने वाला है. जयपुर में रहने के दौरान उसने बॉक्सिंग सीखी थी. इसी वजह से उसे हैरी बॉक्सर के नाम से पहचान मिली. बताया जाता है कि उसने शुरुआत में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की और बॉक्सिंग कोच के तौर पर भी काम किया. हालांकि बाद में वह अपराध की दुनिया में शामिल हो गया और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ गया.
कब भारत लाया जाएगा हैरी बॉक्सर?
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा STF से मिले इनपुट के आधार पर अमेरिकी एजेंसियों ने कैलिफोर्निया में उसे हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया. अब भारतीय एजेंसियां उसे वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में हैं. इसके लिए CBI और संबंधित नोडल एजेंसियों की मदद ली जा सकती है.