Sanwalia Seth Temple: राजस्थान के प्रसिद्ध कृष्णधाम सांवलिया सेठ मंदिर क्तोंमें भ की अनूठी भेंट एक बार फिर चर्चा में है. यहां एक श्रद्धालु ने भगवान सांवलिया सेठ को 21 ग्राम सोने से बना दिल अर्पित किया है. इस सोने के दिल की कीमत 3 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है. खास बात यह है कि इस भेंट के पीछे सिर्फ धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि एक भावुक कहानी भी जुड़ी है. बताया जा रहा है कि जालोर निवासी यह श्रद्धालु हृदय संबंधी बीमारी से परेशान था. उसने भगवान सांवलिया सेठ से अच्छे इलाज और सफल ऑपरेशन की मन्नत मांगी थी. स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उसने अपनी मन्नत पूरी करते हुए सोने का दिल भगवान के चरणों में समर्पित कर दिया.
ऑपरेशन सफल होने पर चढ़ाया सोने का दिल
मंदिर मंडल के अनुसार, जालोर से आए श्रद्धालु ने मंदिर के भेंट कक्ष में सोने का दिल जमा करवाया है. इस भेंट का वजन 21 ग्राम है और इसकी कीमत 3 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है. श्रद्धालु ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं की है. बताया गया है कि वह हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहा था. बीमारी के दौरान उसने सांवलिया सेठ से अच्छे इलाज और ऑपरेशन सफल होने की प्रार्थना की थी. स्वास्थ्य में सुधार आने के बाद वह अपनी मन्नत पूरी करने मंदिर पहुंचा और दिल के आकार की सोने की भेंट अर्पित की.
चांदी का दिल और सोने की बांसुरी भी चढ़ा चुके हैं भक्त
सांवलिया सेठ के दरबार में इस तरह की अनूठी भेंट पहली बार नहीं आई है. इससे पहले भी श्रद्धालु भगवान को चांदी का दिल, चांदी की सिल्ली और सोने की बांसुरी जैसी विशेष भेंट चढ़ा चुके हैं. इन अनूठे चढ़ावों ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं. कोई अपनी मनोकामना पूरी होने पर सोना अर्पित करता है तो कोई चांदी से बनी खास वस्तु भगवान को समर्पित करता है.
सांवलिया सेठ में भक्तों की अटूट आस्था
मेवाड़ के प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. भक्तों की मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान के सामने मांगी गई मुराद पूरी होती है. इसी विश्वास के साथ श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य और श्रद्धा के अनुसार सोना, चांदी और दूसरी वस्तुएं भेंट करते हैं. कई भक्त अपनी मनोकामना से जुड़ी विशेष वस्तु बनवाकर भगवान के चरणों में अर्पित करते हैं. इस बार 21 ग्राम सोने का दिल इसलिए भी खास है, क्योंकि इसके पीछे एक श्रद्धालु के बीमारी से उबरने और अपने आराध्य के प्रति आभार जताने की भावना जुड़ी है. चांदी के दिल से लेकर सोने की बांसुरी और अब सोने के दिल तक, सांवलिया सेठ के दरबार में भक्तों की अनूठी भेंट उनकी आस्था की अलग अलग कहानियां बयां करती हैं.