Gold Price Fall: दिवाली और धनतेरस के त्योहार से पहले सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है. शुक्रवार, 30 अक्टूबर को घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का भाव दबाव में रहा. शाम करीब 4:56 बजे सोना 1.07 फीसदी की गिरावट के साथ 1,41,074 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. कारोबारी सत्र के दौरान इसमें उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला. ऐसे में त्योहारों पर सोना खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए कीमतों में आई नरमी राहत की खबर हो सकती है.
सोने की कीमतों में क्यों आई गिरावट?
सोने की कीमतों में कमजोरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत अहम भूमिका निभा रहे हैं. डॉलर में मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की आशंका से सोने पर दबाव बना हुआ है. बाजार की नजर अब अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के अगले फैसलों पर है. इन संकेतों के आधार पर आगे सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
क्या अब सोना खरीदना फायदेमंद रहेगा?
सोने की कीमतों में गिरावट के बीच खरीदारों के मन में सवाल है कि क्या धनतेरस और दिवाली से पहले खरीदारी कर लेना सही रहेगा. हालांकि, केवल कीमत कम होने के आधार पर खरीदारी का फैसला करना ठीक नहीं है. अगर आप गहने खरीदना चाहते हैं, तो स्थानीय बाजार में 22 और 24 कैरेट सोने का भाव जरूर पता करें. इसके साथ ही जीएसटी और मेकिंग चार्ज को भी कुल कीमत में शामिल करके तुलना करें.
एक साथ निवेश करने के बजाय अपनाएं किस्तों की रणनीति
अगर आप सोने में निवेश के उद्देश्य से पैसा लगाना चाहते हैं, तो बाजार के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखना जरूरी है. पूरी रकम एक साथ निवेश करने के बजाय अलग-अलग समय पर थोड़ी-थोड़ी रकम लगाने का विकल्प अपनाया जा सकता है. इससे अलग-अलग भाव पर खरीदारी होने के कारण औसत लागत संतुलित रखने में मदद मिल सकती है. गोल्ड ईटीएफ या गोल्ड म्यूचुअल फंड में नियमित निवेश का विकल्प भी देखा जा सकता है. हालांकि, निवेश से पहले उससे जुड़े खर्च और जोखिम को समझना जरूरी है.
आगे कैसी रह सकती है सोने की चाल?
आने वाले दिनों में सोने की कीमतों की दिशा वैश्विक आर्थिक हालात पर निर्भर करेगी. अमेरिकी डॉलर की चाल, ब्याज दरों को लेकर संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक सोने के बाजार को प्रभावित कर सकते हैं. यदि अमेरिका में महंगाई के आंकड़े नरम पड़ते हैं और ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ती है, तो सोने को समर्थन मिल सकता है. वहीं, डॉलर मजबूत रहने और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से कीमतों पर दबाव बना रह सकता है. ऐसे में धनतेरस और दिवाली पर सोना खरीदने या उसमें निवेश करने से पहले मौजूदा भाव, अपनी जरूरत और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना बेहतर होगा. सोने की कीमतें आगे भी घट या बढ़ सकती हैं, इसलिए किसी भी फैसले से पहले बाजार की स्थिति समझना जरूरी है.