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Home > देश > Gyanesh Kumar को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, अब मिलेगी टॉप लेवल की सिक्योरिटी; पैरामिलिट्री ले लेकर कमांडो तक किए गए तैनात

Gyanesh Kumar को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, अब मिलेगी टॉप लेवल की सिक्योरिटी; पैरामिलिट्री ले लेकर कमांडो तक किए गए तैनात

CEC Gyanesh Kumar’s Z+ Security Upgraded:अशोक रोड पर मौजूद ECI हेडक्वार्टर, 'निर्वाचन सदन' में भी सिक्योरिटी कड़ी कर दी गई है. खबर है कि CISF के जवानों ने कैंपस के अंदर, खासकर एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर और कैंपस के आसपास अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है.

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Last Updated: October 8, 2026 14:14:48 IST

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Gyanesh Kumar: वोटर लिस्ट के “स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन” को लेकर हो रहे विरोध के बीच, केंद्र सरकार ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार की “Z-प्लस” सिक्योरिटी को और बढ़ा दिया है. सूत्रों की रिपोर्ट है कि उनके दिल्ली वाले घर, इलेक्शन कमीशन हेडक्वार्टर और उनकी पर्सनल सिक्योरिटी टीम पर और सिक्योरिटी वाले तैनात किए गए हैं. यह कदम दिल्ली में CEC के घर के पास हुए विरोध प्रदर्शनों और आगरा में उनके पुश्तैनी घर के पास हुए एक अलग विरोध प्रदर्शन के बाद उठाया गया. प्रदर्शनकारियों के उनके घर का पता लगाने के बाद सिक्योरिटी एजेंसियों ने स्थिति को फिर से एनालाइज़ किया.

CEC के घर के आसपास सिक्योरिटी बढ़ाई गई

विरोध प्रदर्शनों के बाद, कुमार के नई मोती बाग वाले घर पर सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है. इलाके में पुलिस की गाड़ियां और सिक्योरिटी वाले तैनात कर दिए गए हैं, और आने-जाने वालों की चेकिंग कड़ी कर दी गई है. कॉलोनी के पास पैरामिलिट्री के जवान भी तैनात किए गए हैं, और कमांडो और पुलिस की टीमें वहां 24/7 मौजूद रहती हैं. इंडियन यूथ कांग्रेस ने 27 सितंबर को कुमार के घर के पास उनके इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था.

Z+ सिक्योरिटी कवर का क्या मतलब है?

Z+ सिक्योरिटी उन लोगों को दी जाने वाली सबसे ऊँची सिक्योरिटी है जिन्हें कोई बड़ा सिक्योरिटी खतरा होता है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हाल ही में अपग्रेड होने से पहले ही कुमार के पास Z+ सिक्योरिटी थी. इस सिक्योरिटी कवर में आमतौर पर सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) और दिल्ली पुलिस के 55 से ज़्यादा सिक्योरिटी वाले शामिल होते हैं. इसमें क्लोज-प्रोटेक्शन टीम, पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर, हथियारबंद गार्ड और सुरक्षा पाने वाले व्यक्ति के आस-पास निगरानी करने वाले लोग शामिल हो सकते हैं. सिक्योरिटी कवर कितना होगा, यह सिक्योरिटी एजेंसियों द्वारा किए गए खतरे के असेसमेंट पर निर्भर करता है. सिक्योरिटी वाले VIP लोगों को घर पर, यात्रा के दौरान और पब्लिक इवेंट्स में सिक्योरिटी दे सकते हैं.

ECI हेडक्वार्टर में भी सिक्योरिटी बढ़ाई गई

अशोक रोड पर मौजूद ECI हेडक्वार्टर, ‘निर्वाचन सदन’ में भी सिक्योरिटी कड़ी कर दी गई है. खबर है कि CISF के जवानों ने कैंपस के अंदर, खासकर एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर और कैंपस के आसपास अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है. CRPF, रैपिड एक्शन फोर्स और दिल्ली पुलिस के जवानों को भी हेडक्वार्टर के बाहर तैनात किया गया है, जिससे सिक्योरिटी की स्थिति कड़ी बनी हुई है.

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Gyanesh Kumar: वोटर लिस्ट के “स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन” को लेकर हो रहे विरोध के बीच, केंद्र सरकार ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार की “Z-प्लस” सिक्योरिटी को और बढ़ा दिया है. सूत्रों की रिपोर्ट है कि उनके दिल्ली वाले घर, इलेक्शन कमीशन हेडक्वार्टर और उनकी पर्सनल सिक्योरिटी टीम पर और सिक्योरिटी वाले तैनात किए गए हैं. यह कदम दिल्ली में CEC के घर के पास हुए विरोध प्रदर्शनों और आगरा में उनके पुश्तैनी घर के पास हुए एक अलग विरोध प्रदर्शन के बाद उठाया गया. प्रदर्शनकारियों के उनके घर का पता लगाने के बाद सिक्योरिटी एजेंसियों ने स्थिति को फिर से एनालाइज़ किया.

CEC के घर के आसपास सिक्योरिटी बढ़ाई गई

विरोध प्रदर्शनों के बाद, कुमार के नई मोती बाग वाले घर पर सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है. इलाके में पुलिस की गाड़ियां और सिक्योरिटी वाले तैनात कर दिए गए हैं, और आने-जाने वालों की चेकिंग कड़ी कर दी गई है. कॉलोनी के पास पैरामिलिट्री के जवान भी तैनात किए गए हैं, और कमांडो और पुलिस की टीमें वहां 24/7 मौजूद रहती हैं. इंडियन यूथ कांग्रेस ने 27 सितंबर को कुमार के घर के पास उनके इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था.

Z+ सिक्योरिटी कवर का क्या मतलब है?

Z+ सिक्योरिटी उन लोगों को दी जाने वाली सबसे ऊँची सिक्योरिटी है जिन्हें कोई बड़ा सिक्योरिटी खतरा होता है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हाल ही में अपग्रेड होने से पहले ही कुमार के पास Z+ सिक्योरिटी थी. इस सिक्योरिटी कवर में आमतौर पर सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) और दिल्ली पुलिस के 55 से ज़्यादा सिक्योरिटी वाले शामिल होते हैं. इसमें क्लोज-प्रोटेक्शन टीम, पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर, हथियारबंद गार्ड और सुरक्षा पाने वाले व्यक्ति के आस-पास निगरानी करने वाले लोग शामिल हो सकते हैं. सिक्योरिटी कवर कितना होगा, यह सिक्योरिटी एजेंसियों द्वारा किए गए खतरे के असेसमेंट पर निर्भर करता है. सिक्योरिटी वाले VIP लोगों को घर पर, यात्रा के दौरान और पब्लिक इवेंट्स में सिक्योरिटी दे सकते हैं.

ECI हेडक्वार्टर में भी सिक्योरिटी बढ़ाई गई

अशोक रोड पर मौजूद ECI हेडक्वार्टर, ‘निर्वाचन सदन’ में भी सिक्योरिटी कड़ी कर दी गई है. खबर है कि CISF के जवानों ने कैंपस के अंदर, खासकर एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर और कैंपस के आसपास अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है. CRPF, रैपिड एक्शन फोर्स और दिल्ली पुलिस के जवानों को भी हेडक्वार्टर के बाहर तैनात किया गया है, जिससे सिक्योरिटी की स्थिति कड़ी बनी हुई है.

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