Independence Day 2026 Red fort flag hoisting Time: इस बार 15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वाँ स्वतंत्रता दिवस पूरे जोश और गर्व के साथ मनाने जा रहा है. दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र की अगुवाई करेंगे.
इस साल के आयोजन की दो खास बातें हैं:
- राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने का जश्न.
- युवा शक्ति और ‘विकसित भारत@2047’ के विजन पर विशेष जोर.
सुबह के कार्यक्रम का समय और शेड्यूल
सुबह का कार्यक्रम सैन्य परंपरा, सांस्कृतिक झलक और देशभक्ति का एक खूबसूरत संगम होगा. मुख्य शेड्यूल इस प्रकार है:
- सुबह 6:50: गार्ड ऑफ ऑनर अपनी जगह लेगा.
- सुबह 6:55: रक्षा सचिव का आगमन.
- सुबह 6:56 – 7:00: थल सेना, नौसेना और वायु सेना के प्रमुखों के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) का आगमन.
- सुबह 7:05: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ का आगमन.
- सुबह 7:11: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आगमन.
- सुबह 7:13: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाल किले पर आगमन.
- सुबह 7:15 से: स्वागत, जनरल सलामी और गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण.
- निरीक्षण के बाद: प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर की ओर बढ़ेंगे.
- सुबह 7:18 – 7:20 बजे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर पर राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) फहराया जाएगा.
- ध्वजारोहण: प्रधानमंत्री तिरंगा फहराएंगे, जिसके साथ ही 21 तोपों की सलामी दी जाएगी.
- तुरंत बाद: ‘वंदे मातरम’ की धुन और गायन, फिर राष्ट्रगान.
- हवाई सलामी: वायु सेना के दो हेलीकॉप्टर फूलों की बारिश करेंगे.
- प्रधानमंत्री का संबोधन: इसके बाद पीएम मोदी देश को संबोधित करेंगे.
- समापन पर: NCC कैडेट्स और MY Bharat के वालंटियर्स ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान गाएंगे.
गार्ड ऑफ ऑनर और 21 तोपों की सलामी
इसमें थल सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस के जवान शामिल होंगे (प्रत्येक टुकड़ी में 1 अधिकारी और 24 जवान). इस बार थल सेना समन्वय संभाल रही है. कमान लेफ्टिनेंट कर्नल अर्जुन सिंह के हाथ में होगी.
कैप्टन सोनिया सिंह चौहान प्रधानमंत्री को तिरंगा फहराने में सहयोग करेंगी.
तिरंगा फहराते ही स्वदेशी 105mm लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी जाएगी, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ की सैन्य ताकत का प्रतीक है. इसकी कमान मेजर पवन सिंह शेखावत संभालेंगे.
150 साल का ‘वंदे मातरम’ और युवा शक्ति
ध्वजारोहण के बाद सूबेदार ईश्वर सिंह के नेतृत्व में सेना का बैंड ‘वंदे मातरम’ की धुन बजाएगा.
वायु सेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टर प्राचीर के ऊपर से फूल बरसाएंगे. एक हेलीकॉप्टर में राष्ट्रीय ध्वज होगा और दूसरे में ‘वंदे मातरम’ का ध्वज. इन्हें विंग कमांडर रजत और स्क्वाड्रन लीडर अंकित वार्ष्णेय उड़ाएंगे.
लाल किले के ठीक सामने ज्ञानपथ पर NCC और MY Bharat के 2,500 कैडेट्स बैठकर ‘वंदे मातरम्’ शब्द की आकृति बनाएंगे, जो देखने में बेहद आकर्षक होगी.
विशेष अतिथि और झीलों के नाम पर बने एन्क्लोजर
1. खास मेहमान (Special Guests)
देशभर से करीब 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है. इनमें शामिल हैं:
- पीएम मुद्रा योजना की महिला उद्यमी, पीएम स्वनिधि के रेहड़ी-पटरी वाले और पीएम आवास योजना के लाभार्थी.
- दिल्ली मेट्रो कर्मचारी, सफाई मित्र, सेंट्रल विस्टा व कर्तव्य पथ के श्रमिक.
- वैज्ञानिक, युवा स्टार्टअप संस्थापक, पीएम इंटर्नशिप योजना के युवा और हस्तशिल्पी.
- पारंपरिक पोशाक में आए देश के कोने-कोने से 1,500 से ज्यादा नागरिक.
2. भारतीय झीलों के नाम पर बैठक व्यवस्था
पर्यावरण और जल संरक्षण का संदेश देने के लिए लाल किले के बैठने वाले इलाकों (Enclosures) के नाम देश की प्रसिद्ध झीलों पर रखे गए हैं—जैसे चिलिका, डलपत सागर, पैंगॉन्ग त्सो, वूलर, वेम्बनाड, लोकटक, साख्य सागर आदि.
आम जनता और मेहमानों की सुविधा के इंतजाम
- 15 अगस्त की सुबह 4:00 बजे से ही मेट्रो शुरू हो जाएगी. ई-निमंत्रण कार्ड वाले मेहमानों के लिए मेट्रो यात्रा मुफ्त रहेगी.
- सामान रखने के लिए 25 क्लॉक रूम, सहायता के लिए 200 से अधिक वालंटियर्स और बारिश से बचाव के लिए रेन पोंचो (Rain Ponchos) बांटे जाएंगे.
- कार्यक्रम खत्म होते ही NCC और MY Bharat के युवा ‘प्लॉगिंग’ (Plogging) के जरिए पूरे लाल किला परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाएंगे.
देश भर में जश्न का माहौल
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, देश के 343 प्रमुख स्थानों पर तीनों सेनाओं और केंद्रीय पुलिस बलों के बैंड जनता के लिए देशभक्ति की धुनों का प्रदर्शन करेंगे. अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप समूह के दूर-दराज द्वीपों पर भी नौसेना और स्थानीय प्रशासन मिलकर शान से तिरंगा फहराएंगे.