दही अधिकांश भारतीय रसोई का एक अभिन्न अंग है, जो अपने शीतलता प्रदान करने वाले प्रभाव और पेट के लिए लाभकारी गुणों के कारण जाना जाता है.
लेकिन पोषण विशेषज्ञ डॉ. सुमन सिंह कहती हैं कि दही की मात्रा के साथ-साथ इसे कब खाना है, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है. यहां आपके दैनिक आहार में दही को शामिल करने का आदर्श तरीका बताया गया है.
सुबह से दोपहर तक का समय आदर्श
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, दही का सेवन दिन के दौरान सबसे अच्छा होता है. आदर्श रूप से नाश्ते और दोपहर के भोजन के बीच दही खाना सबसे अच्छा है. इस समय शरीर की पाचन शक्ति स्वाभाविक रूप से अधिक मजबूत होती है, जिससे दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स और कैल्शियम का बेहतर अवशोषण होता है. नाश्ते के हिस्से के रूप में या दोपहर के भोजन के साथ इसका सेवन करने से दिन भर पाचन में भी सहायता मिलती है.
रात के समय करें परहेज
आयुर्वेद में सूर्यास्त के बाद दही खाने से मना किया जाता रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि दही की तासीर ठंडी और भारी होती है, जिससे पाचन क्रिया धीमी हो सकती है, क्योंकि शाम के समय शरीर की चयापचय प्रक्रिया स्वाभाविक रूप से धीमी हो जाती है. इसके अलावा, दही से बलगम का निर्माण भी बढ़ जाता है, जो रात में खाने पर कुछ लोगों में सर्दी, खांसी या नाक बंद होने की समस्या को और बढ़ा सकता है.
सही तरीके से खाना
पोषण विशेषज्ञ सुमन सिंह दही को तले हुए या भारी मांसाहारी भोजन के साथ खाने के बजाय चावल, सब्जियों के साथ मिलाकर खाने की सलाह देती हैं. इसके अलावा दही में भुना हुआ जीरा, काला नमक या कुछ पुदीने की पत्तियां मिलाने से इसके पाचन संबंधी लाभ और भी बढ़ जाते हैं.
सही तापमान भी जरूरी
फ्रिज से निकाला हुआ ठंडा दही अक्सर पेट के लिए भारी पड़ सकता है, खासकर संवेदनशील पाचन शक्ति वाले लोगों के लिए. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इसे खाने से पहले कुछ मिनटों के लिए कमरे के तापमान पर रख दें, जिससे यह पाचन क्रिया के लिए अधिक आरामदायक हो जाता है.
दही अपनी शीतलता के कारण गर्मियों में बहुत फायदेमंद होता है, लेकिन विशेषज्ञ मानसून और सर्दियों के महीनों में इसका सेवन सीमित करने की सलाह देते हैं, क्योंकि इन महीनों में शरीर को ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थों की बजाय गर्मी की आवश्यकता होती है. इसके अलावा जोड़ों के दर्द, सर्दी या साइनस की समस्या से ग्रस्त लोगों को अक्सर सर्दियों के महीनों में दही का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है.