एक बीमार व्यक्ति को लगभग एक किलोमीटर तक चारपाई पर ले जाने की घटना ने रांची के आसपास के इलाकों में सड़क संपर्क को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं.
गिरिडीह के देओरी से आए एक वीडियो में ग्रामीण मुंशी किस्कू को बरमासिया गांव के लोही टोला से मुख्य सड़क तक टूटे-फूटे, कच्चे रास्ते से ले जाते हुए दिख रहे हैं. सड़क न होने की वजह से एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पा रही थी, इसलिए चारपाई ही उनकी “एम्बुलेंस” बन गई. बताया जा रहा है कि किस्कू को इलाज के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल ले जाया गया है.
ऐसा करने को मजबूर हैं ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि पक्की सड़क न होने के कारण एम्बुलेंस और अन्य वाहनों का गांव तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है. बारिश के दौरान कीचड़ और गड्ढों से समस्या और भी बढ़ जाती है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को कई बार जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है.
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन और जन प्रतिनिधियों पर सवाल उठने लगे. निवासियों ने उचित सड़क निर्माण या मौजूदा रास्ते को आवागमन योग्य बनाने की मांग की है. उन्होंने कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है. रांची क्षेत्र में अंतिम छोर तक चिकित्सा सुविधाओं को लेकर पहले भी इसी तरह की चिंताएं सामने आ चुकी हैं.
इससे पहले भी ऐसे मामले आ चुके हैं सामने
रांची के इन गांवों में ये पहला ऐसा मामला नहीं है. जून 2025 में, सिमडेगा में एक 65 वर्षीय महिला को चारपाई पर लगभग चार किलोमीटर तक सड़क के किनारे तक ले जाया गया क्योंकि एम्बुलेंस उसके गांव तक नहीं पहुंच सकी थी. राजमार्ग पर खड़ी एम्बुलेंस खराब हो जाने के बाद स्थानीय लोगों ने एक निजी एम्बुलेंस की व्यवस्था की. गांव वालों का कहना है कि जन प्रतिनिधियों तक जब ये बात जाती है, तो वे सड़क बनवाने के वादे तो करते हैं, लेकिन कभी बनवाते नहीं.