भारत की नई मिसाइल की शक्ति! अग्नि-V और K-6 से चीन का कोना-कोना और ब्रिटेन समेत 5 बड़े देश अब निशाने पर. जानिए भारत के इस अचूक हथियार की पूरी ताकत और रेंज.
Precise strike with Agni 5 missile
भारत ने मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में एक ऐसी छलांग लगाई है जिसने दुनिया के शक्तिशाली देशों की नींद उड़ा दी है. वर्तमान में अग्नि-V की दहाड़ और भविष्य बनकर तैयार हो रही K-6 मिसाइल यह साफ संकेत दे रही है कि अब भारत की मारक क्षमता केवल एशिया तक सीमित नहीं है. ब्रिटेन से लेकर रूस तक और चीन के आखिरी छोर तक और कोना कोना, भारत अब कहीं भी सटीक प्रहार करने में सक्षम हो रहा है. आइये जानते हैं भारत के उस मिसाइल और उन 5 देशों के बारे में जिसे भारत जरुरत पड़ने पर आसानी से टारगेट कर सकता है…
भारत की सबसे लंबी दूरी की मिसाइल अग्नि-V है, जो एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है जिसकी रेंज 5,000 किलोमीटर से ज़्यादा है और यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है, लेकिन K-6 जैसी भविष्य की मिसाइलों की रेंज 12,000 किलोमीटर तक हो सकती है.
भारत की अग्नि-V (Agni-V) वर्तमान में देश की सबसे लंबी दूरी की अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है. इसकी विशेषताएँ इसे एक घातक हथियार बनाती हैं. इसकी रेंज करीब 5,000 से 5,800 किलोमीटर है, यह बीजिंग (3,800 किमी) और मॉस्को (4,350 किमी) को सीधे निशाने पर ले सकता है. चीन का शायद ही कोई ऐसा हिस्सा बचा हो जहाँ अग्नि-V न पहुंच सके. यह ठोस ईंधन से चलती है और इसे सड़क (Canister-based) से कहीं भी ले जाकर लॉन्च किया जा सकता है. हाल ही में इसमें MIRV तकनीक जोड़ी गई है, जिससे एक ही मिसाइल एक साथ कई परमाणु हथियार ले जाकर अलग-अलग शहरों को निशाना बना सकती है.
भारत की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना K-6 मिसाइल है. यह एक पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) होगी जो भारत को दुनिया की सबसे घातक नौसैनिक शक्तियों में शामिल कर देगी. इसकी अनुमानित रेंज 8,000 से 12,000 किलोमीटर तक हो सकती है. इसकी पहुँच यूरोप तक होगी जहां लंदन (6,700 किमी), पेरिस (6,600 किमी) और बर्लिन (5,900 किमी) की दूरी K-6 के लिए बेहद आसान होगी.
लंबी दूरी की मिसाइलों के साथ-साथ भारत ने अपनी पहली हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण कर दुनिया को चौंका दिया है. हालांकि इसकी मारक क्षमता अभी लगभग 1,500 किलोमीटर है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी ‘रफ्तार’ है. यह ध्वनि की गति से 5 गुना ज्यादा तेज चलती है. यह मुख्य रूप से दुश्मन के युद्धपोतों और विमान वाहक जहाजों को तबाह करने के लिए बनाई गई है. इसकी टेढ़ी-मेढ़ी चाल (Maneuverability) के कारण दुनिया का कोई भी मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम इसे ट्रैक या नष्ट नहीं कर सकता.
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