India Monsoon 2026: देश में भीषण गर्मी और 45 डिग्री पारे के बीच राहत की खबर है. मौसम विभाग के अनुसार इस साल मानसून समय से पहले दस्तक दे सकता है, जानें कब होगी पहली झमाझम बारिश.
मौसम विभाग के अनुसार इस साल मानसून समय से पहले दस्तक दे सकता है,
India Monsoon 2026: देश के ज्यादातर हिस्से इन दिनों सूरज की तपिश से झुलस रहे हैं. उत्तर से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक, पारा 43 से 44°C के पार जा चुका है. लोग पसीने से तर-बतर हैं और कूलर-एसी भी जवाब दे रहे हैं. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भी चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में लू के थपेड़े अभी और परेशान करेंगे. लेकिन इस तपती गर्मी के बीच एक सुकून भरी खबर सामने आ रही है. ताज़ा अनुमानों के मुताबिक, इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून थोड़ा जल्दी आ सकता है. अगर सब कुछ ठीक रहा तो मई के अंत तक दक्षिण भारत के कई हिस्सों में झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है.
यूरोपीय मौसम केंद्र के अनुसार, इस साल मानसून की शुरुआत जल्दी होने के मजबूत संकेत मिल रहे हैं. हालांकि, बीते साल में भी मानसून के 27 से 29 मई के बीच केरल पहुंचने की उम्मीद थी, पर वह थोड़ा सुस्त पड़ गया था. लेकिन इस बार हवाओं का रुख कुछ अलग कहानी कह रहा है. आमतौर पर मानसून सबसे पहले अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पहुंचता है. इस बार उम्मीद है कि 18 से 25 मई के बीच वहां बादल छा जाएंगे. हिंद महासागर से उठने वाली नमी वाली हवाएं तेज हो रही हैं. बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर बन रही ये हवाएं सामान्य से 30 से 60 mm ज्यादा बारिश ला सकती हैं.
अंडमान के उत्तर में एक ट्रॉपिकल सिस्टम बनने की 20% से 40% संभावना है. आसान भाषा में कहें तो यह सिस्टम एक वैक्यूम क्लीनर की तरह काम करता है, समुद्र से नमी खींचकर बारिश की प्रक्रिया को तेज कर देता है. अनुमान है कि 25 मई से 1 जून के बीच मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा. अरब सागर से उठने वाली मजबूत पश्चिमी हवाएं नमी को सीधे केरल और दक्षिण तमिलनाडु के तटों तक ले जाएंगी जिससे इन इलाकों में झमाझम बारिश होगी.
यह खबर दक्षिण भारत के किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. वहां की खेती और पानी की जरूरतें पूरी तरह मानसून पर टिकी हैं. बारिश जल्दी आने का मतलब है गर्मी से जल्द निजात और खरीफ की फसलों की समय पर बुवाई. इस साल इंडियन ओशन डाइपोल भी सकारात्मक दिख रहा है. जब हिंद महासागर का पश्चिमी हिस्सा पूर्वी हिस्से से ज्यादा गर्म होता है, तो भारत की तरफ नमी ज्यादा आती है और मानसून और भी दमदार हो जाता है.
सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन इस साल की भीषण गर्मी ही मानसून को जल्दी बुलाने में मदद कर रही है. अत्यधिक गर्मी के कारण समुद्र से आने वाली हवाएं जल्दी सक्रिय हो जाती हैं. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ, तो 25 मई के आसपास मानसून भारत की दहलीज पर कदम रख देगा.
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