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पहली बार आर्मी कैंट से बाहर Army Day Parade 2026 का आयोजन, ‘भैरव बटालियन’ बनी आकर्षण का केंद्र

Army Day Parade 2026: आज 15 जनवरी की सुबह गुलाबी नगरी के नाम से फेमस जयपुर (Jaipur) के लिए बहुत ही खास होने जा रही है. या हम कहें कि स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रही है.

Army Day Parade 2026: आज 15 जनवरी की सुबह गुलाबी नगरी के नाम से फेमस जयपुर (Jaipur) के लिए बहुत ही खास होने जा रही है. या हम कहें कि स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रही है. यहां पर भारतीय सेना के 78वें स्थापना दिवस (78th Army Day) के अवसर पर भव्य परेड का आयोजन होने जा रहा है. जयपुर में गुरुवार सुबह 9:00 बजे जगतपुरा स्थित महल रोड (Mahal Road) पर एक भव्य और ऐतिहासिक आर्मी डे परेड (Army Day Parade) होने जा रही है. यह आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार सेना ने अपनी वार्षिक परेड को किसी सैन्य छावनी के बाहर आम जनता के बीच करने का फैसला लिया. यह क्षण पूरे राजस्थान के लिए गर्व का है. 

क्या खास है 15 जनवरी को?

आपको बता दें कि हर साल 15 जनवरी को ‘सेना दिवस’ के रूप मनाया जाता है. यही वह दिन है जब साल 1949 में फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा ने अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना की कमान अपने हाथों में ली थी. जयपुर में होने वाला यह आयोजन गौरवशाली क्षण को प्रस्तुत करेगा. यह विरासत और आधुनिक भविष्य का संगम है, जिसके हजारों लोग साक्षी बनेंगे.

‘भैरव बटालियन’ आकर्षण का केंद्र

आज की परेड इसलिए भी बहुत खास है क्योंकि पूरी दुनिया की नजरें ‘भैरव बटालियन’ पर टिकी होंगी. यह पहली बार दुनिया के सामने आने वाली है. इस यूनिट का गठन आधुनिक हाइब्रिड युद्ध के परवर्तन को देखकर किया गया है. यह बटालियन पैरा स्पेशल फोर्सेस और नियमित इंफेंट्री के बीच एक ‘पुल’ का काम करती है. इस बटालियन को खासतौर पर ड्रोन-आधारित युद्ध और मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस के लिए ट्रेंड किया गया है. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद इस बटालियन की नींव को रखने में खास भूमिका निभाई है. यह बटालियन कठिन और दुर्गम इलाकों में दुश्मन के ठिकानों को नष्ट करने के लिए जानी जाती है. यह सटीकता और फुर्ती के साथ अपने काम को करने के लिए खास तौर पर जानी जाती है.

अत्याधुनिक युद्धक प्रणालियों का होगा प्रदर्शन

1. मिसाइल और रॉकेट सिस्टम

  • ब्रह्मोस (BrahMos): यह 800 किमी की मारक क्षमता वाली दुनिया की सबसे घातक क्रूज मिसाइल है. इसका जलवा तो पूरी दुनिया देख चुकी है. इसे भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया है.
  • पिनाका (Pinaka): यह एक गाइडेड रॉकेट सिस्टम है, जो 120 किमी तक सटीक हमला कर सकता है. इसे भारत में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है.
  • SMERCH और BM-21 ग्राड: यह एक बार में 40 रॉकेट दाग सकता है. दुश्मन के खेमे में तबाही मचाने वाले मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर इसमें हैं. कई देशों में इसका इस्तेमाल होता है.

2. एयर डिफेंस और ड्रोन वॉरफेयर

  • आकाशतीर (Akashteer): यह सतह से हवा में मार करने वाली स्वदेशी मिसाइल प्रणाली है. इसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान तुर्की और चीनी मूल के ड्रोन्स को तबाह किया था. इस दौरान पूरी दुनिया का ध्यान इस ओर था.
  • कामिकाजे ड्रोन्स (Kamikaze Drones): मिनी हार्पी, हारोप और स्काई स्ट्राइकर जैसे ‘सुसाइड ड्रोन्स’ आज के इस परेड में मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगे.
  • MUM-T तकनीक: पहली बार इस टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन किया जाएगा. इसमें सैनिक और मानवरहित वाहन (UGVs) एक साथ तालमेल बिठाते हुए दिखाई देंगे.

3. हेलीकॉप्टर और अन्य

सेना के बेड़े में हाल ही में शामिल हुए अपाचे की अहम भूमिका रही है. साथ ही स्वदेशी प्रचंड (LCH) हेलीकॉप्टर भी इस सेना के परेड का हिस्सा होंगे, जो आसमान में अपनी कलाबाजी दिखाते हुए नजर आएंगे. वहीं, टैंकों की बात की जाए तो इनमें T-90 भीष्म अपनी ताकत का प्रदर्शन करेगा. फ्यूचर के युद्ध को ध्यान में रखते हुए आज परेड में रोबोटिक डॉग्स और UGVs (Unmanned Ground Vehicles) जैसे सैपर स्काउट और ऐरावत-1000 को भी लोगों के सामने प्रदर्शित किया जाएगा. ये मशीनें कठिन समय में जवानों के लिए रसद पहुंचाने और रेकी करने के काम को आसान करती हैं.

वेटरन्स को सम्मान

बुधवार शाम को परेड से पहले जयपुर मिलिट्री स्टेशन में थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ‘इन्वेस्टिचर सेरेमनी’ में सैनिकों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया. सैनिकों को 10 सेना मेडल (वीरता) के लिए दिए गए. साथ ही ऑपरेशन सिंदूर में अपनी अदम्य साहस दिखाने वाली 26 यूनिट्स को विशेष साइटेशन भी प्रदान किए गए. यह देश के लिए अहम पल रहा. फिलहाल, आज की परेड पर सभी की निगाहें हैं.

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