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पुलिस की वर्दी में दिखी इंसानियत, थके कांवड़ियों के पैर दबाती IPS अधिकारी का वीडियो वायरल

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Last Updated: August 11, 2026 13:25:09 IST

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 Odisha Police Viral Video: ओडिशा के जयपुर में बोल बम यात्रा के दौरान पुलिस की एक महिला अधिकारी का ऐसा मानवीय चेहरा सामने आया, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया. जयपुर की SDPO और IPS अधिकारी अर्चिता मित्तल ड्यूटी के दौरान थके हुए कांवड़ियों की मदद करती नजर आईं. वर्दी में रहते हुए श्रद्धालुओं के पैर दबाकर उन्हें राहत देने की तस्वीरें और वीडियो चर्चा में हैं.

बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल गुप्तेश्वर मंदिर की ओर जा रहे थे. लंबी दूरी तय करने के कारण कई कांवड़िए काफी थक गए थे और उन्हें शारीरिक परेशानी हो रही थी.यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहीं अर्चिता मित्तल की नजर जब इन श्रद्धालुओं पर पड़ी तो वह उनके पास पहुंचीं. उन्होंने कांवड़ियों का हाल जाना और उनकी परेशानी को समझते हुए मदद करने लगीं.

वर्दी में दबाए कांवड़ियों के पैर

इस दौरान IPS अधिकारी ने कुछ थके हुए कांवड़ियों के पैर दबाकर उन्हें राहत पहुंचाई. खास बात यह रही कि वह उस वक्त अपनी पुलिस की वर्दी में ही थीं.पुलिस अधिकारी को इस तरह श्रद्धालुओं की सेवा करते देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए. आमतौर पर पुलिस की भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा देने तक देखी जाती है, लेकिन इस घटना में अधिकारी ने ड्यूटी के साथ मानवीय संवेदना का भी परिचय दिया.

 सोशल मीडिया पर हो रही तारीफ

अर्चिता मित्तल का यह अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. उनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग पुलिस अधिकारी की संवेदनशीलता और सेवा भावना की तारीफ कर रहे हैं.बोल बम यात्रा के दौरान श्रद्धालु कई किलोमीटर तक पैदल चलते हैं. लंबी यात्रा की वजह से थकान और पैरों में दर्द होना आम बात है. ऐसे में किसी पुलिसकर्मी की छोटी सी मदद भी कांवड़ियों के लिए बड़ी राहत बन सकती है.

 वर्दी सिर्फ अधिकार नहीं, जिम्मेदारी भी

अर्चिता मित्तल की यह पहल एक अलग संदेश देती है. वर्दी केवल अधिकार और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी का प्रतीक नहीं है, बल्कि जरूरत के समय आम लोगों के साथ खड़े होने और उनकी मदद करने की भावना भी इससे जुड़ी है.ड्यूटी के दौरान एक पुलिस अधिकारी का इस तरह श्रद्धालुओं की मदद करना इंसानियत और संवेदनशीलता की मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है.

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Last Updated: August 11, 2026 13:25:09 IST

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 Odisha Police Viral Video: ओडिशा के जयपुर में बोल बम यात्रा के दौरान पुलिस की एक महिला अधिकारी का ऐसा मानवीय चेहरा सामने आया, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया. जयपुर की SDPO और IPS अधिकारी अर्चिता मित्तल ड्यूटी के दौरान थके हुए कांवड़ियों की मदद करती नजर आईं. वर्दी में रहते हुए श्रद्धालुओं के पैर दबाकर उन्हें राहत देने की तस्वीरें और वीडियो चर्चा में हैं.

बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल गुप्तेश्वर मंदिर की ओर जा रहे थे. लंबी दूरी तय करने के कारण कई कांवड़िए काफी थक गए थे और उन्हें शारीरिक परेशानी हो रही थी.यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहीं अर्चिता मित्तल की नजर जब इन श्रद्धालुओं पर पड़ी तो वह उनके पास पहुंचीं. उन्होंने कांवड़ियों का हाल जाना और उनकी परेशानी को समझते हुए मदद करने लगीं.

वर्दी में दबाए कांवड़ियों के पैर

इस दौरान IPS अधिकारी ने कुछ थके हुए कांवड़ियों के पैर दबाकर उन्हें राहत पहुंचाई. खास बात यह रही कि वह उस वक्त अपनी पुलिस की वर्दी में ही थीं.पुलिस अधिकारी को इस तरह श्रद्धालुओं की सेवा करते देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए. आमतौर पर पुलिस की भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा देने तक देखी जाती है, लेकिन इस घटना में अधिकारी ने ड्यूटी के साथ मानवीय संवेदना का भी परिचय दिया.

 सोशल मीडिया पर हो रही तारीफ

अर्चिता मित्तल का यह अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. उनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग पुलिस अधिकारी की संवेदनशीलता और सेवा भावना की तारीफ कर रहे हैं.बोल बम यात्रा के दौरान श्रद्धालु कई किलोमीटर तक पैदल चलते हैं. लंबी यात्रा की वजह से थकान और पैरों में दर्द होना आम बात है. ऐसे में किसी पुलिसकर्मी की छोटी सी मदद भी कांवड़ियों के लिए बड़ी राहत बन सकती है.

 वर्दी सिर्फ अधिकार नहीं, जिम्मेदारी भी

अर्चिता मित्तल की यह पहल एक अलग संदेश देती है. वर्दी केवल अधिकार और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी का प्रतीक नहीं है, बल्कि जरूरत के समय आम लोगों के साथ खड़े होने और उनकी मदद करने की भावना भी इससे जुड़ी है.ड्यूटी के दौरान एक पुलिस अधिकारी का इस तरह श्रद्धालुओं की मदद करना इंसानियत और संवेदनशीलता की मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है.

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