Jio Platforms IPO: मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के बहुप्रतीक्षित IPO को लेकर अक्टूबर में तस्वीर और साफ हो सकती है. कंपनी के विदेशी रोडशो पूरे होने के बाद अब बैंकिंग और अन्य सूत्रों के हवाले से खबर है कि जियो प्लेटफॉर्म्स 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में बाजार नियामक SEBI के पास अपने अंतिम IPO दस्तावेज दाखिल कर सकती है. रिपोर्टों के मुताबिक, कंपनी अक्टूबर के अंत तक शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है. हालांकि IPO की अंतिम तारीख और वैल्यूएशन अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं किए गए हैं.
विदेशी रोडशो के बाद अब भारत में हलचल बढ़ने के आसार
जियो प्लेटफॉर्म्स ने अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, हांगकांग और सिंगापुर में संभावित निवेशकों के साथ रोडशो किए हैं. इन बैठकों का नेतृत्व जियो प्लेटफॉर्म्स के एमडी और रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी तथा रिलायंस रिटेल वेंचर्स की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने किया. अब सूत्रों के मुताबिक भारत में भी रोडशो की प्रक्रिया 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में हो सकती है. इसके बाद एंकर निवेशकों के लिए प्रक्रिया शुरू होने और आम निवेशकों के लिए IPO खुलने की संभावित टाइमलाइन पर बाजार की नजर रहेगी.
12 लाख करोड़ से ज्यादा हो सकती है वैल्यूएशन
सूत्रों के अनुसार, विदेशी निवेशकों से मिली रुचि के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स की संभावित एंटरप्राइज वैल्यू करीब 143-146 अरब डॉलर आंकी जा रही है. भारतीय मुद्रा में यह 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक बैठती है. इसी आधार पर जियो का IPO देश के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है. हालांकि यह वैल्यूएशन अभी बाजार सूत्रों का अनुमान है. कंपनी की अंतिम वैल्यूएशन, इश्यू प्राइस और प्राइस बैंड की आधिकारिक जानकारी आना बाकी है.
IPO से करीब 3.8 अरब डॉलर जुटाने की योजना
जियो प्लेटफॉर्म्स ने जून 2026 में अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था. कंपनी के DRHP के मुताबिक प्रस्तावित IPO में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाने हैं. इश्यू की कीमत बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए तय होगी. रिपोर्टों में इस प्रस्ताव से करीब 3.8 अरब डॉलर जुटाने का अनुमान लगाया गया है. अगर यह इश्यू इस अनुमानित आकार के आसपास आता है तो यह भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है.
रिलायंस के पास सबसे बड़ी हिस्सेदारी
ड्राफ्ट दस्तावेजों के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स में करीब 66.43 फीसदी हिस्सेदारी है. वहीं Meta और Google के पास मिलाकर करीब 17.71 फीसदी हिस्सेदारी बताई गई है. जियो प्लेटफॉर्म्स की डिजिटल कनेक्टिविटी और सेवाओं का बड़ा ग्राहक आधार भी IPO को खास बनाता है. DRHP के मुताबिक उसकी प्रमुख सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम के भारत में 31 मार्च 2026 तक 52.44 करोड़ ग्राहक थे.
दशहरे के बाद IPO खुलने की चर्चा
बैंकिंग सूत्रों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि दशहरे से पहले एंकर प्रक्रिया शुरू हो सकती है और सार्वजनिक इश्यू दशहरे के बाद खुलने की संभावना है. कुछ रिपोर्टों में अक्टूबर के आखिर तक लिस्टिंग की संभावना जताई गई है, जबकि दूसरी रिपोर्टों में 21 से 23 अक्टूबर के आसपास IPO खुलने और 28 अक्टूबर को संभावित लिस्टिंग जैसी तारीखों का उल्लेख किया गया है. ये तारीखें अभी संभावित हैं, अंतिम नहीं.
2008 के बाद रिलायंस ग्रुप का पहला IPO
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 2008 के बाद रिलायंस ग्रुप का पहला सार्वजनिक निर्गम होगा. इसके अलावा यह समूह के कंज्यूमर-फोकस्ड कारोबार से जुड़ा पहला IPO होगा. फिलहाल निवेशकों की नजर SEBI के पास अंतिम दस्तावेज दाखिल होने, IPO की तारीख, प्राइस बैंड और कंपनी की अंतिम वैल्यूएशन पर है. इन जानकारियों के सामने आने के बाद ही जियो IPO की वास्तविक तस्वीर पूरी तरह साफ होगी.