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टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने महिला सांसदों के साथ की अभद्रता, मौजूदा सत्र के लिए लोकसभा से किया गया निलंबित

Kalyan Banerjee Suspended: टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी पर टीएमसी के बागी महिला सांसदों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है. जिसके बाद उन्हें मॉनसून के शेष सत्र के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया है.

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Last Updated: July 22, 2026 16:21:46 IST

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Kalyan Banerjee Suspended: संसद के मॉनसून सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी को लेकर विवाद बढ़ गया है. उन पर महिला सांसदों के प्रति असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है और इस मामले की शिकायत लोकसभा स्पीकर को सौंपी गई है. आरोप है कि उनका व्यवहार संसदीय मर्यादा और सदन की गरिमा के अनुकूल नहीं था.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अर्जुन राम मेघवाल ने इस मुद्दे पर कार्रवाई की मांग की थी. जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए कल्याण बनर्जी को सत्र की बाकी अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है.

संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पेश किया प्रस्ताव

संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में कल्याण बनर्जी को निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया. जिसके बाद सदन ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें मॉनसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया. निलंबन की घोषणा के बाद उन्हें तुरंत संसद परिसर छोड़ने के लिए कहा गया. इस पूरे मामले पर सत्ताधारी दल का बयान सामने आया है. जिसमें कहा गया है कि किसी भी सांसद द्वारा महिला सदस्यों के प्रति अभद्र या असंसदीय व्यवहार अस्वीकार्य है. संसदीय गरिमा और सदन की मर्यादा बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक माना गया.

यह भी पढ़ें –  चाय की चुस्की लेते हुए चचा टूरिस्ट से बोले, ‘मेड इन चाइना?’, टूरिस्ट के जवाब ने जीत लिया इंटरनेट का दिल

क्या है पूरा मामला?

कल्याण बनर्जी पर संसदीय कार्यवाही के दौरान बागी महिला TMC सांसदों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है. इन टिप्पणियों के बाद कई महिला सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई और कार्रवाई की मांग की. इन शिकायतों के आधार पर मामला लोकसभा स्पीकर के सामने लाया गया, जिसके बाद सदन में निलंबन प्रस्ताव पेश किया गया.

कल्याण बनर्जी ने केंद्र सरकार पर बोला हमला

इस बीच, निलंबन से पहले संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए कल्याण बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आगे कहा कि जब हमारे बच्चे और छात्र सड़कों पर लड़ते हैं तो हम उनके प्रतिनिधियों के तौर पर काम करते हैं. अगर हम नहीं लड़ेंगे तो उनके लिए कौन लड़ेगा? हम लड़ते रहेंगे. हम रह जगह लड़ेंगे. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए. यह चोरों की सरकार है. वे मंदिरों के लिए रखे पैसे तक चुरा लेते हैं. उन्होंने देश बेच दिया है. वे परीक्षा के पेपर लीक करते हैं और उसके लिए भी पैसे लेते हैं. यह डकैतों की सरकार है.

शेष सत्र के दौरान बना रहेगा मुद्दा

कल्याण बनर्जी के निलंबन के बाद हर किसी के मन में सवाल उठ रहा है कि अब आगे क्या? हांलाकि, कल्याण बनर्जी के निलंबन के बाद संसद के भीतर राजनीतिक माहौल और गरमा गया है. एक तरफ विपक्षी दल इस  कार्रवाई को राजनीतिक नजरिए से देख रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी दल इसे सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए एक आवश्यक कदम बता रहे हैं. मॉनसून सत्र की शेष अवधि के दौरान इस मुद्दे के राजनीतिक बहस का मुख्य विषय बने रहने की संभावना है. 

यह भी पढ़ें – Rahul Gandhi Detained: क्या पुलिस बिना स्पीकर की इजाजत के सांसद को हिरासत में ले सकती है? जानिए कानून क्या कहता है

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Last Updated: July 22, 2026 16:21:46 IST

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Kalyan Banerjee Suspended: संसद के मॉनसून सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी को लेकर विवाद बढ़ गया है. उन पर महिला सांसदों के प्रति असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है और इस मामले की शिकायत लोकसभा स्पीकर को सौंपी गई है. आरोप है कि उनका व्यवहार संसदीय मर्यादा और सदन की गरिमा के अनुकूल नहीं था.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अर्जुन राम मेघवाल ने इस मुद्दे पर कार्रवाई की मांग की थी. जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए कल्याण बनर्जी को सत्र की बाकी अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है.

संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पेश किया प्रस्ताव

संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में कल्याण बनर्जी को निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया. जिसके बाद सदन ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें मॉनसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया. निलंबन की घोषणा के बाद उन्हें तुरंत संसद परिसर छोड़ने के लिए कहा गया. इस पूरे मामले पर सत्ताधारी दल का बयान सामने आया है. जिसमें कहा गया है कि किसी भी सांसद द्वारा महिला सदस्यों के प्रति अभद्र या असंसदीय व्यवहार अस्वीकार्य है. संसदीय गरिमा और सदन की मर्यादा बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक माना गया.

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क्या है पूरा मामला?

कल्याण बनर्जी पर संसदीय कार्यवाही के दौरान बागी महिला TMC सांसदों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है. इन टिप्पणियों के बाद कई महिला सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई और कार्रवाई की मांग की. इन शिकायतों के आधार पर मामला लोकसभा स्पीकर के सामने लाया गया, जिसके बाद सदन में निलंबन प्रस्ताव पेश किया गया.

कल्याण बनर्जी ने केंद्र सरकार पर बोला हमला

इस बीच, निलंबन से पहले संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए कल्याण बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आगे कहा कि जब हमारे बच्चे और छात्र सड़कों पर लड़ते हैं तो हम उनके प्रतिनिधियों के तौर पर काम करते हैं. अगर हम नहीं लड़ेंगे तो उनके लिए कौन लड़ेगा? हम लड़ते रहेंगे. हम रह जगह लड़ेंगे. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए. यह चोरों की सरकार है. वे मंदिरों के लिए रखे पैसे तक चुरा लेते हैं. उन्होंने देश बेच दिया है. वे परीक्षा के पेपर लीक करते हैं और उसके लिए भी पैसे लेते हैं. यह डकैतों की सरकार है.

शेष सत्र के दौरान बना रहेगा मुद्दा

कल्याण बनर्जी के निलंबन के बाद हर किसी के मन में सवाल उठ रहा है कि अब आगे क्या? हांलाकि, कल्याण बनर्जी के निलंबन के बाद संसद के भीतर राजनीतिक माहौल और गरमा गया है. एक तरफ विपक्षी दल इस  कार्रवाई को राजनीतिक नजरिए से देख रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी दल इसे सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए एक आवश्यक कदम बता रहे हैं. मॉनसून सत्र की शेष अवधि के दौरान इस मुद्दे के राजनीतिक बहस का मुख्य विषय बने रहने की संभावना है. 

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