Maharashtra News: महाराष्ट्र के मंत्रालय में पिछले तीन दिनों से अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सिरदर्द बना चूहा आखिरकार पकड़ लिया गया. मंत्रालय की प्रेस रूम से शुरू हुआ इस चूहे का कारनामा देखते ही देखते चर्चा का विषय बन गया था. चूहे को पकड़ने के लिए पूरी व्यवस्था को मशक्कत करनी पड़ रही थी, लेकिन यह इतना चालाक निकला कि पकड़ने वालों के भी पसीने छूट गए.
मंत्रालय में चूहे को पकड़ने वाली टीम पिछले दो दिनों से उसकी तलाश में जुटी हुई थी. उसे पकड़ने के लिए अलग-अलग जगहों पर पिंजरे लगाए गए थे. पिंजरों के अंदर खाने-पीने की चीजें रखकर उसे फंसाने की कोशिश की गई, लेकिन चूहा हर बार टीम को चकमा देने में कामयाब रहा.
खाने का लालच देने के बावजूद वह पिंजरे के अंदर जाने को तैयार नहीं था. ऐसा लग रहा था मानो उसे पहले से ही हर जाल की जानकारी हो.
दिन बीतते गए, लेकिन चूहे को पकड़ने का अभियान जारी रहा. एक तरफ चूहे की चालाकी थी तो दूसरी तरफ उसे पकड़ने की टीम की लगातार कोशिशें. आखिरकार टीम ने अपनी रणनीति बदलने का फैसला किया.
पिंजरे को चकमा देने वाला चूहा आखिरकार स्टिकी ट्रैप में फंसा
पिंजरों में कैद नहीं होने वाले इस चूहे को पकड़ने के लिए आखिरकार स्टिकी ट्रैप यानी चिपकने वाली पट्टी का इस्तेमाल किया गया. इस पट्टी पर खाने की चीजें रखकर चूहे को आकर्षित किया गया.
खाने के लालच में चूहा धीरे-धीरे उस तरफ बढ़ा और जैसे ही उसका पैर चिपकने वाली पट्टी पर पड़ा, उसकी सारी चालाकी धरी की धरी रह गई. कई बार पिंजरों को चकमा देने वाला चूहा आखिरकार स्टिकी ट्रैप में फंस गया.
इस तरह मंत्रालय में पिछले तीन दिनों से चल रहा चूहे का यह हाई-वोल्टेज ड्रामा आखिरकार खत्म हो गया. प्रेस रूम से शुरू हुई इस कहानी ने सोशल मीडिया के जरिए महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देश और विदेश तक लोगों का ध्यान खींचा.
दो दिन तक पिंजरों को चकमा देने वाला चूहा, अधिकारियों को दौड़ाने वाली उसकी चालाकी और आखिर में एक चिपकने वाली पट्टी के सामने उसकी हार! मंत्रालय का यह चूहा भले ही पकड़ा गया हो, लेकिन उसके कारनामों ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं.
(महाराष्ट्र से शाहिद अंसारी की रिपोर्ट)