प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार CCS मीटिंग के दौरान कैबिनेट सचिव टी वी सोमनाथन ने संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों द्वारा ग्लोबल स्थिति और अब तक उठाए गए और प्लान किए जा रहे सुरक्षा उपायों पर एक डिटेल्ड प्रेजेंटेशन दिया. पीएसओ ने कहा 'एग्रीकल्चर, फर्टिलाइजर, फूड सिक्योरिटी, पेट्रोलियम, पावर, एमएसएमई, एक्सपोर्टर्स, शिपिंग, ट्रेड, फाइनेंस, सप्लाई चेन्स और सभी प्रभावित सेक्टर्स में होने वाले असर और इसे ठीक करने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा की गई. देश में ओवरऑल मैक्रो-इकोनॉमिक सिनेरियो और आगे उठाए जाने वाले कदमों पर भी चर्चा की गई.”
मिडिल ईस्ट संकट पर पीएम मोदी की हाई लेवल मीटिंग
PM Modi Ccs Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नई दिल्ली में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के मद्देनजर सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी की मीटिंग की अध्यक्षता की. इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अन्य मंत्री भी मौजूद थे. ये मीटिंग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के कुछ घंटों बाद हुईं जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर ईरान ने 48 घंटे के अंदर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोला तो वे उसके पावर प्लांट को खत्म कर देंगे. बदले में ईरान ने कहा कि अगर उसकी एनर्जी फैसिलिटी को निशाना बनाया गया तो वह उस रास्ते को पूरी तरह से बंद कर देगा जिससे दुनिया का ज़्यादातर तेल ट्रांसपोर्ट होता है.
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार CCS मीटिंग के दौरान कैबिनेट सचिव टी वी सोमनाथन ने संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों द्वारा ग्लोबल स्थिति और अब तक उठाए गए और प्लान किए जा रहे सुरक्षा उपायों पर एक डिटेल्ड प्रेजेंटेशन दिया. पीएसओ ने कहा ‘एग्रीकल्चर, फर्टिलाइजर, फूड सिक्योरिटी, पेट्रोलियम, पावर, एमएसएमई, एक्सपोर्टर्स, शिपिंग, ट्रेड, फाइनेंस, सप्लाई चेन्स और सभी प्रभावित सेक्टर्स में होने वाले असर और इसे ठीक करने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा की गई. देश में ओवरऑल मैक्रो-इकोनॉमिक सिनेरियो और आगे उठाए जाने वाले कदमों पर भी चर्चा की गई.” इसमें कहा गया कि ‘वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष का ग्लोबल इकॉनमी पर शॉर्ट, मीडियम और लॉन्ग टर्म में बड़ा असर पड़ेगा और भारत पर इसके असर का आकलन किया गया और तुरंत और लॉन्ग टर्म, दोनों तरह के काउंटर-मेजर पर चर्चा की गई.’
इसमें कहा गया कि “खाना, एनर्जी और फ्यूल सिक्योरिटी सहित आम आदमी की जरूरी जरूरतों की उपलब्धता का डिटेल्ड आकलन किया गया. ज़रूरी ज़रूरतों की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म उपायों पर डिटेल में चर्चा की गई.” बयान में आगे कहा गया कि “खरीफ सीजन के लिए किसानों पर पड़ने वाले असर और उनकी फर्टिलाइजर की जरूरत का आकलन किया गया. पिछले कुछ सालों में फर्टिलाइजर का काफी स्टॉक बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों से समय पर उपलब्धता और फूड सिक्योरिटी पक्की होगी. भविष्य में लगातार उपलब्धता पक्की करने के लिए फर्टिलाइजर के दूसरे सोर्स पर भी चर्चा की गई.”
बयान में कहा गया, “यह भी तय किया गया कि सभी पावर प्लांट में कोयले के स्टॉक की काफी सप्लाई से भारत में बिजली की कोई कमी नहीं होगी.” बयान के मुताबिक केमिकल, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और दूसरे इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए जरूरी इंपोर्ट के सोर्स को अलग-अलग करने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई. इसी तरह भारतीय सामान को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही नए एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन बनाए जाएंगे. आगे बताया गया कि “अलग-अलग मिनिस्ट्री द्वारा सुझाए गए कई उपायों को सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ सलाह-मशविरा के बाद आने वाले दिनों में तैयार और लागू किया जाएगा.”
इसमें कहा गया, “(PM) ने निर्देश दिया कि पूरी सरकार के तरीके में डेडिकेटेड होकर काम करने के लिए मिनिस्टर्स और सेक्रेटरी का एक ग्रुप बनाया जाए. पीएम ने सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ सलाह-मशविरा करके सेक्टोरल ग्रुप्स को भी काम करने का निर्देश दिया.” बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा कि यह लड़ाई एक बदलती हुई स्थिति है और पूरी दुनिया किसी न किसी रूप में इससे प्रभावित हो रही है. “ऐसी स्थिति में, नागरिकों को इस लड़ाई के असर से बचाने के लिए सभी कोशिशें की जानी चाहिए. PM ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंगों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि नागरिकों को कम से कम परेशानी हो. पीएम ने राज्य सरकारों के साथ सही तालमेल बनाने के लिए भी कहा ताकि ज़रूरी चीज़ों की ब्लैक-मार्केटिंग और जमाखोरी न हो,” .
केंद्रीय मंत्रियों के साथ पहले हुई मीटिंग में राजनाथ, शाह, सीतारमण और जयशंकर के अलावा कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, फर्टिलाइज़र मंत्री जे पी नड्डा, कॉमर्स मंत्री पीयूष गोयल, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शामिल हुए.सूत्रों ने बताया कि मीटिंग प्रधानमंत्री के सरकारी आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर शाम 4 बजे से 7.30 बजे तक हुई. इसमें शामिल होने वाले दूसरे मंत्रियों और अधिकारियों में पोर्ट्स और शिपिंग मिनिस्टर सर्बानंद सोनोवाल, पावर मिनिस्टर मनोहर लाल खट्टर, कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्टर प्रल्हाद जोशी, सिविल एविएशन मिनिस्टर के राममोहन नायडू, नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल और प्राइम मिनिस्टर के प्रिंसिपल सेक्रेटरी पी के मिश्रा और शक्तिकांत दास शामिल थे.
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