Mohammed Deepak Case: उत्तराखंड में बजरंग दल के सदस्यों के साथ झगड़े में शामिल देहरादून के जिम मालिक दीपक कुमार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. इस झगड़े के दौरान एक मुस्लिम दुकानदार का साथ देने के बाद उन्हें ‘मोहम्मद दीपक’ के नाम से जाना जाता है. सोमवार, 31 अगस्त को कानूनी राहत मिल गई, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगा दी है.
दीपक को मिली बड़ी राहत
सुप्रीम कोर्ट ने दीपक की उस याचिका पर नोटिस जारी किया जिसमें उनके खिलाफ दर्ज FIR को चुनौती दी गई थी. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले से जुड़ी आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी. कोर्ट ने उत्तराखंड हाई कोर्ट के उस ऑर्डर पर भी रोक लगा दी, जिसमें दीपक को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने या केस के बारे में पब्लिक स्टेटमेंट जारी करने से रोका गया था.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ झगड़े का वीडियो
दरअसल, दीपक बजरंग दल के मेंबर्स के साथ अपनी बहस के बाद सोशल मीडिया सेंसेशन बन गए थे. बजरंग दल के मेंबर्स ने एक मुस्लिम दुकानदार के अपनी दुकान के नाम में बाबा शब्द इस्तेमाल करने का विरोध किया था. बहस के दौरान, उन्हें यह कहते हुए सुना गया, ‘मेरा नाम मोहम्मद दीपक है’. इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए.
अभिषेक मनु सिंघवी ने दी दलील
दीपक की तरफ से पेश सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि जिम मालिक ने खुद इस घटना के बारे में कंप्लेंट की थी, लेकिन उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया, जबकि उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई थी. लाइव लॉ के मुताबिक, सिंघवी ने कोर्ट से कहा, ‘एक नेक इंसान के खिलाफ इस तरह की कंप्लेंट कैसे हो सकी है?’
दीपक ने खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा
दीपक ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. हालांकि, हाई कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया और उसे जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया.
ये भी पढ़ें: शिल्पा शेट्टी-रिचर्ड गेरे का Kiss कांड, 15 साल तक लगाए कोर्ट के चक्कर; जानें उस विवाद की पूरी कहानी