NASA Red Alert: आपने भी नोटिस किया होगा कि देश और दुनिया में पर्यावरण में बदलाव नजर आ रहे हैं. जिसकी वजह से दुनिया भर में समुद्र का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे वैज्ञानिकों की चिंताएं बढ़ गई हैं. NASA की एक नई सैटेलाइट रिपोर्ट ने इस मुद्दे पर गंभीर रेड अलर्ट जारी किया है. रिपोर्ट के अनुसार, अगर समुद्र के जलस्तर के बढ़ने की रफ्तार को नहीं रोका गया तो 2050 तक दुनिया के कई मशहूर तटीय शहर डूबने की कगार पर हो सकते हैं.
इसके अलावा, वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यह संकट भविष्य के लिए एक गंभीर संकेत है, जिसके लिए वैश्विक समुदाय की ओर से तुरंत और ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है.
नासा के वैज्ञानिकों ने जारी किया डाटा
NASA के वैज्ञानिकों द्वारा जारी नए डेटा से पता चलता है कि दुनिया भर के कई बड़े तटीय इलाकों में समुद्र का जलस्तर लगभग 30 सेंटीमीटर या उससे भी ज्यादा बढ़ सकता है. हालांकि, यह आंकड़ा छोटा लग सकता है, लेकिन जमीन पर इसका असर बहुत विनाशकारी होगा. खारा समुद्री पानी तटीय शहरों के रिहायशी इलाकों में भरने लगेगा. इससे जबरदस्त तूफान और ऊंची ज्वारीय लहरें (टाइडल सर्ज) बढ़ेंगी, जिससे सड़कें, बंदरगाह, घर और पूरी की पूरी बस्तियां पानी में पूरी तरह डूब जाएंगी.
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विशेषज्ञों से क्या पता चलता है?
विश्लेषण से पता चलता है कि अमेरिका का गल्फ कोस्ट इलाका इस समय सबसे गंभीर खतरे का सामना कर रहा है. इस इलाके के बड़े महानगर जैसे न्यू ऑरलियन्स, ह्यूस्टन, टाम्पा और मोबाइल पहले से ही जलभराव और मौसमी बाढ़ से जूझ रहे हैं. अगर समुद्र का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो इन शहरों में बाढ़ का संकट इतना गंभीर हो सकता है कि कमर्शियल इलाके, रिहायशी मोहल्ले और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर महीनों तक पानी में डूबे रह सकते हैं.
ग्लोबल वार्मिंग की वजह से बढ़ रहा खतरा
ग्लोबल वार्मिंग के कारण डूबने का खतरा गल्फ कोस्ट से आगे बढ़कर फ्लोरिडा, जॉर्जिया और साउथ कैरोलिना के तटीय इलाकों तक फैल गया है. इसके साथ ही नॉरफ़ॉक, न्यूयॉर्क, बोस्टन और मियामी जैसे वैश्विक महत्व वाले बड़े शहरों में ऊंची ज्वारीय लहरों और अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की घटनाएँ भी बढ़ेंगी. दूसरी ओर वेस्ट कोस्ट के शहरों जैसे लॉस एंजिल्स, सैन फ्रांसिस्को और सिएटल में जलस्तर में अपेक्षाकृत कम वृद्धि होगी, हालांकि उन्हें भी भविष्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा.
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