Hardeep Singh Puri on Lockdown: पुरी ने एक्स पर कहा, "भारत में लॉकडाउन की अफ़वाहें पूरी तरह से झूठी हैं. मैं यह साफ़ तौर पर कह दूँ कि भारत सरकार ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है. ऐसे समय में, यह ज़रूरी है कि हम शांत, ज़िम्मेदार और एकजुट रहें. ऐसी स्थिति में अफ़वाहें फैलाने और पैनिक पैदा करने की कोशिशें गैर-ज़िम्मेदार और नुकसानदायक हैं."
लॉकडाउन को लेकर हरदीप सिंह पुरी ने क्या कहा?
Hardeep Singh Puri on Lockdown : केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि देश में लॉकडाउन नहीं होगा जो पहले महामारी के समय लागू किया गया था. मंत्री ने लॉकडाउन की अफ़वाहों की भी आलोचना की और इसे ऐसी स्थिति में गैर-ज़िम्मेदार और नुकसानदायक बताया. पुरी ने एक्स पर कहा कि ‘भारत में लॉकडाउन की अफ़वाहें पूरी तरह से झूठी हैं. मैं यह साफ तौर पर कह दूं कि भारत सरकार ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है. ऐसे समय में, यह ज़रूरी है कि हम शांत, ज़िम्मेदार और एकजुट रहें. ऐसी स्थिति में अफ़वाहें फैलाने और पैनिक पैदा करने की कोशिशें गैर-ज़िम्मेदार और नुकसानदायक हैं.’
मंत्री ने चल रहे एनर्जी संकट पर देश की स्थिति को भी दोहराया. उन्होंने कहा “दुनिया भर में हालात बदलते रहते हैं और हम एनर्जी सप्लाई चेन और जरूरी चीज़ों में हो रहे डेवलपमेंट पर रियल-टाइम नजर रख रहे हैं. माननीय पीएम मोदी जी के नेतृत्व में, हमारे नागरिकों के लिए फ्यूल, एनर्जी और दूसरी जरूरी सप्लाई की बिना रुकावट उपलब्धता पक्का करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. हम नई चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. भारत ने दुनिया भर में अनिश्चितताओं का सामना करते हुए लगातार मज़बूती दिखाई है, और हम समय पर, प्रोएक्टिव और मिलकर काम करते रहेंगे.”
पुरी ने प्रधानमंत्री के उस फैसले की भी तारीफ की जिसमें उन्होंने भारतीय नागरिकों को बढ़ती ग्लोबल एनर्जी कीमतों से बचाने के लिए सरकार के अपने फाइनेंस पर फिर से असर डाला. जबकि पिछले महीने इंटरनेशनल कच्चे तेल की कीमतों में काफ़ी बढ़ोतरी हुई केंद्र ने घरेलू कंज्यूमर्स को दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में देखी जा रही अस्थिरता से बचाने का विकल्प चुना.
पुरी ने आगे कहा कि ‘पीएम मोदी रूस-यूक्रेन में लड़ाई शुरू होने के बाद से पिछले 4 सालों से अपनी सरकार के वादे को निभाते हुए भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने फाइनेंस पर फिर से चोट करने का फैसला किया है. सरकार ने अपने टैक्स रेवेन्यू पर भारी चोट की है ताकि तेल कंपनियों के बहुत ज़्यादा नुकसान (पेट्रोल के लिए लगभग 24 रुपये/लीटर और डीज़ल के लिए 30 रुपये/लीटर) को इस समय कम किया जा सके, जब इंटरनेशनल कीमतें आसमान छू रही हैं.”
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि “पिछले 1 महीने में इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान छू रही हैं जो लगभग 70 डॉलर/बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर/बैरल हो गई हैं.”
इस तेजी से बढ़ोतरी के कारण दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. मंत्री के अनुसार “साउथ ईस्ट एशियाई देशों में कीमतें लगभग 30%-50%, नॉर्थ अमेरिकन देशों में 30%, यूरोप में 20% और अफ़्रीकी देशों में 50% बढ़ गई हैं.”
पुरी ने कहा कि इंटरनेशनल कीमतों में इस उछाल के बाद मोदी सरकार के सामने दो अलग-अलग ऑप्शन थे, “या तो भारत के लोगों के लिए कीमतें बहुत ज़्यादा बढ़ा दें, जैसा कि दूसरे सभी देशों ने किया है, या फिर अपने फाइनेंस पर इसका असर झेलें ताकि भारतीय नागरिक इंटरनेशनल उतार-चढ़ाव से बचे रहें.”
हालात को और संभालने के लिए सरकार ने एक्सपोर्ट टैक्स लगाया क्योंकि पेट्रोल और डीज़ल की इंटरनेशनल कीमतें आसमान छू रही थीं. उन्होंने कहा, “साथ ही, एक्सपोर्ट टैक्स लगाया गया है क्योंकि पेट्रोल और डीज़ल की इंटरनेशनल कीमतें आसमान छू रही हैं और विदेशी देशों को एक्सपोर्ट करने वाली किसी भी रिफाइनरी को एक्सपोर्ट टैक्स देना होगा.”
पुरी ने देश में तेल संकट को रोकने के लिए समय पर उठाए गए कदमों के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री की भी तारीफ़ की. उन्होंने कहा, “इस बहुत ही समय पर, बोल्ड और दूर की सोचने वाले फैसले के लिए मैं माननीय PM नरेंद्र मोदी जी और माननीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमणजी का शुक्रिया अदा करता हूं!”
वित्त मंत्री ने तेल की कीमतों में कटौती पर सरकार के तुरंत एक्शन को भी दोहराया. “वेस्ट एशिया संकट को देखते हुए, घरेलू इस्तेमाल के लिए पेट्रोल और डीजल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी ₹10 प्रति लीटर कम कर दी गई है. इससे कस्टमर्स को बढ़ती कीमतों से सुरक्षा मिलेगी. माननीय पीएम मोदी ने हमेशा यह पक्का किया है कि नागरिकों को ज़रूरी चीज़ों की सप्लाई में उतार-चढ़ाव और कीमतों से बचाया जाए.
इसके अलावा डीजल के एक्सपोर्ट पर ₹21.5 प्रति लीटर और ATF पर ₹29.5 प्रति लीटर ड्यूटी लगाई गई है. इससे घरेलू इस्तेमाल के लिए इन प्रोडक्ट्स की काफ़ी उपलब्धता सुनिश्चित होगी. पार्लियामेंट को इसके बारे में बता दिया गया है,”
निर्मला सीतारमण ने X पर कहा कि सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी घटाकर उन्हें ₹3 प्रति लीटर पेट्रोल और ज़ीरो प्रति लीटर डीज़ल कर दिया. डीज़ल के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स 21.5 रुपये/लीटर तय किया गया है. यह कमी ऐसे समय में आई है जब ईरान पर US-इज़राइल युद्ध और उसके बाद तेहरान के होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगाए गए ब्लॉकेड की वजह से दुनिया भर में एनर्जी संकट है. होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया की क्रूड ऑयल और गैस सप्लाई का पांचवां हिस्सा, यानी हर दिन 20 से 25 मिलियन बैरल, भेजा जाता है. लड़ाई से पहले भारत उस तेल का 12 से 15 परसेंट खरीदता था.
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